रघुराम राजन
| Born | 3 फ़रवरी 1963 Bhopal, India |
|---|---|
| Nationality | India |
| Institution | University of Chicago |
| Field | Financial economics |
| Alma mater | MIT (Ph.D.) IIM Ahmedabad (M.B.A.) IIT-Delhi (B.Tech.) |
| Awards | 2003 Fischer Black Prize |
| Information at IDEAS/RePEc | |
रघुराम गोविंद राजन (जन्म 3 फ़रवरी 1963) वर्त्तमान में शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में एरिक जे ग्लीचर के नाम से फाईनेंस के गणमान्य सर्विस प्रोफेसर हैं. वह प्रधानमंत्री, मनमोहन सिंह के मानद आर्थिक सलाहकार (नियुक्ति 2008) भी हैं.[1] पूर्व में वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख अर्थशास्त्री और भारत में वित्तीय सुधार के लिए योजना आयोग द्वारा नियुक्त समिति का नेतृत्व कर रहे थे.[2]
राजन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी के अर्थशास्त्र विभाग और स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट; नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलौग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्टॉकहोम स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स में अतिथि प्रोफेसर भी हैं. उन्होंने भारतीय वित्त मंत्रालय, विश्व बैंक, फेडरल रिजर्व बोर्ड और स्वीडिश संसदीय आयोग के सलाहकार के रूप में भी काम किया है.[3]
अनुक्रम |
प्रारंभिक जीवन [संपादित करें]
रघुराम राजन का जन्म भारत के भोपाल शहर में हुआ था. 1985 में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री हासिल की. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमैंट, अहमदाबाद से उन्होंने 1987 में एमबीए किया. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से 1991 में उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी प्राप्त किया, उनके लेख का शीर्षक "बैंकिंग पर निबंध" (एसेज़ ऑन बैंकिंग) था.
कैरियर [संपादित करें]
स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, राजन शिकागो विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में शामिल हो गए.
सितम्बर 2003 से जनवरी 2007 तक वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में "आर्थिक सलाहकार और अनुसंधान निदेशक" (मुख्य अर्थशास्त्री) थे. 2003 में अमेरिकेन फाइनेंस एसोसिएशन द्वारा दिए जाने वाले फिशर ब्लैक पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे, यह सम्मान 40 से कम उम्र के अर्थशास्त्री के वित्तीय सिद्धांत और अभ्यास में योगदान के लिए दिया जाता है.[4]
2005 में ऐलन ग्रीनस्पैन अमेरिकी फेडरल रिजर्व से सेवानिवृत होने वाले थे और उनके सम्मान में हुए एक समारोह में राजन ने वित्तीय क्षेत्र की आलोचना कर एक विवादास्पद शोधपत्र प्रस्तुत किया.[5] उस शोधपत्र, "क्या आर्थिक विकास ने विश्व को और भी संकट में डाल दिया है", में उन्होंने कहा कि "आपदा हावी हो सकती है".[6] राजन ने तर्क दिया कि वित्तीय क्षेत्र के प्रबंधकों को निम्न के लिए प्रेरित किया जाता है
उन्हें ऐसे जोखिम उठाने हैं जो गंभीर प्रतिकूल परिणाम उत्पन्न कर सकते हैं मगर इसकी संभावना थोड़ी होती है, पर यह जोखिम बदले में बाकी समय के लिए बेहिसाब मुआवजा मुहैय्या कराते हैं. इन जोखिमों को टेल रिस्क के रूप में जाना जाता है .[...] लेकिन शायद सबसे महत्वपूर्ण चिंता का विषय यह है कि क्या बैंक वित्तीय बाजारों को वह चल निधि प्रदान कर पायेंगे जिससे टेल रिस्क अगर कार्यान्वित हो तो वित्तीय हालात के तनाव कम किये जा सकें और हानि को इस प्रकार आवंटित किया जाए कि वास्तविक अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव निम्न हो.
और राजन ने इस प्रकार विश्व के 2007-2008 के वित्तीय प्रणाली के पतन का वर्णन किया.
उस समय राजन के शोधपत्र पर नकारात्मक प्रतिक्रिया ज़ाहिर की गयी. उदाहरण के लिए, अमेरिका के पूर्व वित्त मंत्री और पूर्व हार्वर्ड अध्यक्ष लॉरेंस समर्स ने इस चेतावनी को गुमराह करने वाला बताया.[7]
अप्रैल 2009 में, राजन ने द इकोनोमिस्ट के लिए अतिथि स्तंभ लिखा, जिसमें उन्होंने प्रस्तावित किया कि एक नियामक प्रणाली होनी चाहिए जो वित्तीय चक्र में होने वाले अप्रत्याशित लाभ को कम कर सके.[8]
प्रकाशन [संपादित करें]
2004 में उनकी पुस्तक, "सेविंग कैपिटलिस्म फ्रॉम कैपिटलिस्ट" प्रकाशित हुई जिसके सह लेखक थे उनके साथी, शिकागो बूथ के प्रोफेसर लुईगी जिन्गैल्स. उनके लेख जर्नल ऑफ फाइनेंशियल इकोनोमिक्स , जर्नल ऑफ फाएनांस और ऑक्सफोर्ड रीव्यू ऑफ इकोनोमिक पौलिसी में प्रकाशित हुए हैं. उनकी दूसरी पुस्तक, Fault Lines: How Hidden Fractures Still Threaten the World Economy 2010 में प्रकाशित हुई थी.
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ भारत के पीएम (PM) ने सलाहकार के रूप में पूर्व-आईएमएफ (ex-IMF) मुख्य अर्थशास्त्री को नियुक्त किया
- ↑ योजना आयोग ने समिति को नियुक्त किया
- ↑ शिकागो विश्वविद्यालय के बायो
- ↑ बायोग्राफिकल इंफॉर्मेशन, इंटरनैशनल मानटेरी फंड
- ↑ क्या वित्तीय विकास ने विश्व को और जोखिम बना दिया?, नवंबर 2005
- ↑ ग्रीनस्पैन पार्टी, वॉल स्ट्रीट जर्नल में श्री राजन अलोकप्रिय और भविष्यद्दर्शी था
- ↑ Krugman, Paul (2 September 2009), "How Did Economists Get It So Wrong?", New York Times, http://www.nytimes.com/2009/09/06/magazine/06Economic-t.html
- ↑ साइकिल-प्रूफ विनियमन 8 अप्रैल 2009
| राजनीतिक कार्यालय | ||
|---|---|---|
| पूर्वाधिकारी Kenneth Rogoff |
IMF Chief Economist 2003–2006 |
उत्तराधिकारी Simon Johnson |
- भोपाल के लोग
- भारतीय अर्थशास्त्री
- भारतीय मूल के अमेरिकी लोग
- मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व छात्र
- शिकागो विश्वविद्यालय के संकाय
- अमेरिकी अर्थशास्त्री
- अमेरिकी अर्थशास्त्र लेखक
- अमेरिकी अक्रियात्मक
- संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय आप्रवासी
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद के पूर्व छात्र
- 1963 में जन्में
- जीवित लोग
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट दिल्ली के पूर्व छात्र