कल्याण सिंह

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कल्याण सिंह
कल्याण सिंह

पदस्थ
कार्यभार ग्रहण 
जनवरी 2015(हिमाचल)
पूर्व अधिकारी राम नाईक

कार्यकाल
24 जून 1991-6 दिसम्बर 1992
पूर्व अधिकारी मुलायम सिँह यादव
उत्तराधिकारी राष्ट्रपति शासन
कार्यकाल
21 सितम्बर 1997-12 नवम्बर 1999
पूर्व अधिकारी मायावती
उत्तराधिकारी राम प्रकाश गुप्ता

जन्म 5 जनवरी 1932 (1932-01-05) (आयु 85)
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी
जीवन संगी रामवती
संतान 1 पुत्र व 1 पुत्री
आवास राजभवन (राजस्थान)
धर्म हिन्दू

कल्याण सिंह (जन्म 1932) भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे वर्तमान में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं। इससे पहले वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वो दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें 26 अगस्त 2014 को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया।[1] उन्हें कट्टरपंथी हिन्दुत्व वादी के रूप में जाना जाता है और बाबरी मस्जिद विध्वंस में उनका कार्य विवादास्पद है।

जीवन परिचय[संपादित करें]

कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को हुआ। उनके पिता का नाम तेजपाल सिंह लोधी और माता का नाम सीता था।

राजनीतिक जीवन[संपादित करें]

पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री[संपादित करें]

वो जून १९९१ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उन्होंने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये ६ दिसम्बर १९९२ को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

बाबरी मस्जिद विध्वंश के बाद[संपादित करें]

वो १९९३ के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में अत्रौली और कास्गंज से विधायक निर्वाचित हुये। चुनावों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरा लेकिन मुलायमसिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी-बहुजन समाज पार्टी ने गठबन्धन सरकार बनायी।[2] विधान सभा में कल्याण सिंह विपक्ष के नेता बने।

वो सितम्बर १९९७ से नवम्बर १९९९ तक पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।[3]

२१ अक्टूबर १९९७ को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कल्याण सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया। कल्याण सिंह पहले से ही कांग्रेस विधायक नरेश अग्रवाल के सम्पर्क में थे और उन्होंने तुरन्त शीघ्रता से नयी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस का घटन किया और २१ विधायकों का समर्थन दिलाया।[4] इसके लिए उन्होंने नरेश अग्रवाल को ऊर्जा विभाग का कार्यभार सौंपा।

दिसम्बर १९९९ में कल्याण सिंह ने पार्टी छोड़ दी और जनवरी २००४ में पुनः भाजपा से जुड़े।[5] २००४ के आम चुनावों में उन्होंने बुलन्दशहर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा। २००९ में उन्होंने पुनः भाजपा को छोड़ दिया और एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद चुने गये।

राज्यपाल[संपादित करें]

सिंह ने ४ सितम्बर २०१४ को राजस्थान के राज्यपाल पद की शपथ ली।[6] उन्हें जनवरी २०१५ में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।[7]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://presidentofindia.nic.in/press-release-detail.htm?1064
  2. Kalyan Singh, Ayodhya and Hindu resurgence Niti Central - 25 November 2012
  3. "Sibal alleges fertilizer scam in Uttar Pradesh" (अंग्रेज़ी में). द हिन्दू. ३ मई २००७. http://www.thehindu.com/todays-paper/tp-national/sibal-alleges-fertilizer-scam-in-uttar-pradesh/article1837080.ece. अभिगमन तिथि: १९ जून २०१५. 
  4. "Kalyan Singh sacked, Jagdambika Pal CM". रीडिफ डॉट कॉम. 21 फ़रवरी 1998. http://www.rediff.com/news/1998/feb/21up.htm. अभिगमन तिथि: १९ जून २०१५. 
  5. Srivastava, Rajiv (17 दिसम्बर 2012). "Kalyan Singh's homecoming to BJP after January 14 - द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया" (अंग्रेज़ी में). टाइम्स इंटरनेट. टाइम्स ऑफ़ इंडिया. http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-12-17/india/35867835_1_kalyan-singh-kalraj-misra-bjp-leaders. अभिगमन तिथि: 19 जून 2015. 
  6. "Kalyan Singh sworn-in as 20th Governor of Rajasthan" (अंग्रेज़ी में). द इंडियन एक्सप्रेस. 4 September 2014. http://indianexpress.com/article/india/politics/kalyan-singh-sworn-in-as-rajasthan-governor/#sthash.EUE3wkPq.dpuf. अभिगमन तिथि: 19 जून 2015. 
  7. "Kalyan Singh to take additional charge as HP Governor" (अंग्रेज़ी में). ज़ी न्यूज़. २७ जनवरी २०१५. http://zeenews.india.com/news/himachal-pradesh/kalyan-singh-to-take-additional-charge-as-hp-governor_1537162.html. अभिगमन तिथि: १९ जून २०१५. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]