कमलापति त्रिपाठी

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कमलापति त्रिपाठी एक भारतीय राजनेता थे एवं वरिष्ट कांगेसी नेता थे। वे संविधान सभा के सदस्य रहे,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे (1971-73) तथा भारत के रेल मंत्री रहे।

राजनैतिक जीवन[संपादित करें]

  • राष्ट्रीय आन्दोलनों में अनेक बार जेल गये।
  • वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लिया।
  • वर्ष 1947-48 में प्रान्तीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति।
  • संविधान सभा के सदस्य।
  • वर्ष 1937 में प्रथम बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य निर्वाचित।
  • पुनः वर्ष 1946, 1952, 1957, 1962, 1967 एवं 1969 में उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य निर्वाचित।
  • वर्ष 1952 में सूचना तथा सिंचाई मंत्री।
  • वर्ष 1957 में गृह, शिक्षा तथा सूचना विभाग के मंत्री।
  • वर्ष 1962 में वित्त मंत्री।
  • वर्ष 1969 में उपमुख्यमंत्री।
  • वर्ष 1970 में उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता विरोधी दल।
  • 4 अप्रैल, 1971 से 12 जून, 1973 तक उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे।
  • वर्ष 1973-1978, 1978-1980 और 1985-1986 में राज्य सभा के सदस्य थे।
  • वर्ष 1980-1984 तक लोक सभा के सदस्य थे।
  • केन्द्र में जहाजरानी,परिवहन एवं वर्ष 1973 से 1977 तक रेल मंत्री।
  • वर्ष 1977 से 1980 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता।
  • संविधान की हिन्दी अनुवाद समिति के सदस्य।
  • यू0 पी0 पार्लियामेन्टरी बोर्ड के सदस्य।
  • उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष।
  • अखिल भारतीय कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष।

साहित्यसेवा[संपादित करें]

वे हिन्दी तथा संस्कृत के विद्वान व ग्रंथकार थे। आज तथा संसार नामक समाचार पत्रों का सम्पादन किया। गांधी दर्शन से सम्बद्ध पुस्तक पर मंगला प्रसाद पारितोषिक प्रदान किया गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]