"बिहार": अवतरणों में अंतर

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| गठन = 26 जनवरी 1950
| सरकार = [[बिहार सरकार]]
| राज्यपाल = [[लाल जी टंडन ]]
]]
| मुख्यमंत्री = [[नीतीश कुमार]]
| विधानमण्डल = [[द्विसदनीय]]<br>[[बिहार विधान परिषद|विधान परिषद]] (75 सीटें)<br>[[बिहार विधान सभा|विधान सभा]] (243 सीटें)
लोगों का यह मानना है कि बिहार के लोग या बिहार के स्थायी निवासी बहुत ही मेधावी और मेहनती होते हैं। वह अपने दम पर कोई भी काम करते हैं तथा स्वाभिमानी होते हैं। प्राचीन काल से विश्व का गौरव कहे जाने वाले बिहार में वर्तमान साक्षरता दर बहुत कम है लेकिन परिस्थितियाँ बदल रही है और साक्षरता बढ़ रही है। यहाँ की मिट्टी बहुत उपजाऊ है तथा कृषि यहाँ के लोगों की मुख्य जीविका है।
 
सन् 1936 ई. और 2000 ई. में ओडिशा और झारखण्ड के अलग हो जाने से बिहार ने कृषि के दम पर और अपने मेधा को लेकर उन्नति की है। आई आई टी और यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा में लगभग हर बार बिहार के प्रतिभागी अव्वल होते हैं। इनकी बढ़ती निष्ठा और गौरवशाली इतिहास बिहार को एक बार फिर से अनोखा और विकसित बनाएगा।
 
== बिहार का एक जिला ==
===मध्यकाल===
{{main|बिहार का मध्यकालीन इतिहास}}
मगध में बौद्ध धर्म मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी के आक्रमण की वजह से गिरावट में पड़ गया, जिसके दौरान कई विहार और नालंदा और विक्रमशिला के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया गया। यह दावा किया गया कि 12 वीं शताब्दी के दौरान हजारों बौद्ध भिक्षुओं की हत्या हुई थी। डी.एन. झा सुझाव देते हैं, इसके बजाय, ये घटनाएं सर्वोच्चता के लिए लड़ाई में बौद्ध ब्राह्मण की झड़पों का परिणाम थीं। 1540 में, महान पस्तीस के मुखिया, सासाराम के शेर शाह सूरी, सम्राट हुमायूं की मुगल सेना को हराकर मुगलों से उत्तरी भारत ले गए थे। शेर शाह ने अपनी राजधानी दिल्ली की घोषणा की
 
11 वीं शताब्दी से लेकर 20 वीं शताब्दी तक, मिथिला पर विभिन्न स्वदेशीय राजवंशों ने शासन किया था। इनमें से पहला, जहां कर्नाट, अनवर राजवंश, रघुवंशी और अंततः राज दरभंगा के बाद। इस अवधि के दौरान मिथिला की राजधानी दरभंगा में स्थानांतरित की गई थी।
=== सिंचाई ===
बिहार में कुल सिंचाई क्षमता 28.63 लाख हेक्‍टेयर है। यह क्षमता बड़ी तथा मंझोली सिंचाई परियोजनाओं से जुटाई जाती है। यहाँ बड़ी और मध्‍यम सिंचाई परियोजनाओं का सृजन किया गया है और 48.97 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई प्रमुख सिंचाई योजनाओं के माध्‍यम से की जाती है।
(नमन कुमार बादल)
 
== शिक्षा ==
 
== दर्शनीय स्थल ==
===;[[पटना]] एवं आसपास===आसपासः
{{main|पटना के पर्यटन स्थल}}
[[चित्र:Sabhyatadwarpatna.png|right|thumb|[[सभ्यता द्वार]].]]
[[पटना]] राज्य की वर्तमान राजधानी तथा महान ऐतिहासिक स्थल है। अतीत में यह सत्ता, धर्म तथा ज्ञान का केंद्र रहा है। निम्न स्थल [[पटना]] के महत्वपूर्ण दार्शनिक स्थल हैं:
* '''ज्ञान-विज्ञान के केंद्र''': [[पटना तारामंडल]], [[पटना विश्वविद्यालय]], [[सच्चिदानंद सिन्हा लाइब्रेरी]], [[संजय गाँधी जैविक उद्यान]], [[श्रीकृष्ण सिन्हा विज्ञान केंद्र]], [[खुदाबक़्श लाइब्रेरी]] एवं [[विज्ञान परिसर]]
 
===;[[सारण]] तथा आसपास===:
===औरंगाबाद एवं देव===
{{main|सारण}}
[[चित्र:Sun-temple DEO Aurangabad Bihar,India.jpg|right|thumb|[[देव सूर्य मंदिर]]]]
[[देव, बिहार | देव]], बिहार राज्य के अन्तर्गत मगध मण्डल के औरंगाबाद जिले देव प्रखण्ड का एक शहर है। एक छोटा सा शहर है जो औरंगाबाद, बिहार में स्थित है। यह देव सूर्य मंदिर या यूँ कहें [[देवार्क]] मंदिर इसकी सबसे बड़ी पहचान है। देव आस्था का केंद्र है। यहाँ [[देव सूर्य मंदिर]] के उपस्थिति के कारन औरंगाबाद से भी ज्यादा मशहूर और प्रसिद्ध शहर है। यहाँ छठ पर्व लाखों की सख्यां में देश और विदेश के कोने कोने से लोग मनोकामना पूर्ण करने आते हैं। यहां देव माता अदिति ने की थी पूजा मंदिर को लेकर एक कथा के अनुसार प्रथम देवासुर संग्राम में जब असुरों के हाथों देवता हार गये थे, तब देव माता अदिति ने तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति के लिए देवारण्य में छठी मैया की आराधना की थी। तब प्रसन्न होकर छठी मैया ने उन्हें सर्वगुण संपन्न तेजस्वी पुत्र होने का वरदान दिया था। इसके बाद अदिति के पुत्र हुए त्रिदेव रूप आदित्य भगवान, जिन्होंने असुरों पर देवताओं को विजय दिलायी। कहते हैं कि उसी समय से देव सेना षष्ठी देवी के नाम पर इस धाम का नाम देव हो गया और छठ का चलन भी शुरू हो गया। <ref>https://www.jagran.com/bihar/aurangabad-lord-vishwakarma-himself-built-the-deo-sun-temple-of-aurangabad-14972227.html</ref>
 
[https://www.jagran.com/bihar/aurangabad-lord-vishwakarma-himself-built-the-deo-sun-temple-of-aurangabad-14972227.html |Topic-यहां देव माता अदिति ने की थी पूजा]
 
देव सूर्य जन्मोत्सव या [[सूर्य महोत्सव]] जिसमें प्रत्येक वर्ष सूर्य देव की जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। यह माघ शुक्ल पक्ष के अंचला सप्तमी को सूर्य देव के जन्म के अवशर पर पूरे शहर वासी नमक को त्याग कर बड़े ही धूम धाम से मानते हैं। इस दिन के अवसर पर बिहार राज्य सरकार के तरफ से कई तरह की कार्यक्रम भी कराया जाता है। बसंत सप्तमी के दिन में देव के सूर्य कुंड तालाब या ब्रह्मकुंड में भव्य [[गंगा]] [[आरती]] भी होती है जिसे देखने देश के कोने कोने से आते है इसी दिन [[देव, बिहार | देव]] शहर वर्ष की पहली दिवाली मनाती है। और रात्रि में भोजीवुड, बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के प्रमुख कलाकारों को आमंत्रित किया जाता है और पूरा देव झूम उठता है। देव सूर्य महोत्सव को दिन में विभिन्न तरह के कार्यक्रम होती है जिसमे बच्चे, बूढ़े तथा नये कलाकारों को अपना हुनर दिखाने का मोका दिया जाता है और सभी को बिहार राज्य मंत्री अथवा जिला प्रसासन द्वारा उसे सम्मानित किया जाता है।
 
[[राजा किला देव]], देव राज विरासत यह भारतीय राज्य बिहार के औरंगाबाद जिले में [[देव, बिहार | देव]] नामक स्थान पर स्थित है। ये राजपूत परिवार के माना जाता है की यह सिसोदिया वंस से जुड़ी हुई है। देश को स्वत्रंत होने 1947 तक किया। भारत को इंडिपेंडेंट देश बनने के बाद उस वक्त के देव राज्य के अटॉर्नी जॉर्नल मुनेश्वर सिंह ने देश मे विलय ( मर्ज ) के लिए हस्ताक्षर किया था और इस तरह से देव राज्य भारत देश मे विलय हो गया।
 
===सारण तथा आसपास===
प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा से लगनेवाला [[सोनपुर मेला]]<ref>{{cite web|url=http://www.prabhatkhabar.com/news/saran/story/887344.html|title=उत्तर वैदिक काल से शुरू हुआ था सोनपुर मेला}}</ref>, [[सारण जिला]] का नवपाषाण कालीन [[चिरांद]] गाँव<ref>{{cite web|url=http://www.outlookindia.com/outlooktraveller/destinations/bihar_a_quick_guide_to_saran/|title=BIHAR: A QUICK GUIDE TO SARAN}}</ref>, कोनहारा घाट, नेपाली मंदिर, रामचौरा मंदिर, १५वीं सदी में बनी मस्जिद, [[दीघा-सोनपुर रेल-सह-सड़क पुल]], [[महात्मा गाँधी सेतु]], गुप्त एवं पालकालीन धरोहरों वाला चेचर गाँव
 
;'''[[वैशाली]] तथा आसपास''': छठी सदी इसापूर्व में वज्जिसंघ द्वारा स्थापित विश्व का प्रथम गणराज्य के अवशेष, [[अशोक स्तंभ]], बसोकुंड में [[भगवान महावीर]] की जन्म स्थली, अभिषेक पुष्करणी, [[विश्व शांतिस्तूप]], राजा विशाल का गढ, चौमुखी [[महादेव]] मंदिर, भगवान [[महावीर]] के जन्मदिन पर वैशाख महीने में आयोजित होनेवाला [[वैशाली महोत्सव]]
===वैशाली तथा आसपास===
छठी सदी इसापूर्व में वज्जिसंघ द्वारा स्थापित विश्व का प्रथम गणराज्य के अवशेष, [[अशोक स्तंभ]], बसोकुंड में [[भगवान महावीर]] की जन्म स्थली, अभिषेक पुष्करणी, [[विश्व शांतिस्तूप]], राजा विशाल का गढ, चौमुखी [[महादेव]] मंदिर, भगवान [[महावीर]] के जन्मदिन पर वैशाख महीने में आयोजित होनेवाला [[वैशाली महोत्सव]]
 
;[[राजगीर]] तथा आसपास: [[राजगृह]] [[मगध]] साम्राज्य की पहली राजधानी तथा [[हिंदू]], जैन एवं बौध धर्म का एक प्रमुख दार्शनिक स्थल है। [[भगवान बुद्ध]] तथा वर्धमान [[महावीर]] से जुडा कई स्थान अति पवित्र हैं। [[वेणुवन]], [[सप्तपर्णी गुफा]], [[गृद्धकूट पर्वत]], [[जरासंध का अखाड़ा]], [[गर्म पानी के कुंड]], मख़दूम कुंड आदि [[राजगीर]] के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल हैं।
===राजगीर तथा आसपास===
[[राजगृह]] [[मगध]] साम्राज्य की पहली राजधानी तथा [[हिंदू]], जैन एवं बौध धर्म का एक प्रमुख दार्शनिक स्थल है। [[भगवान बुद्ध]] तथा वर्धमान [[महावीर]] से जुडा कई स्थान अति पवित्र हैं। [[वेणुवन]], [[सप्तपर्णी गुफा]], [[गृद्धकूट पर्वत]], [[जरासंध का अखाड़ा]], [[गर्म पानी के कुंड]], मख़दूम कुंड आदि [[राजगीर]] के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल हैं।
 
===;[[नालंदा]] तथा आसपास===आसपासः [[नालंदा विश्वविद्यालय]] के भग्नावशेष, [[पावापुरी]] में भगवान [[महावीर]] का परिनिर्वाण स्थल एवं [[जलमंदिर]], [[बिहारशरीफ]] में मध्यकालीन किले का अवशेष एवं १४वीं सदी के सूफी संत की दरगाह (बड़ी दरगाह एवं छोटी दरगाह), नवादा के पास [[ककोलत जलप्रपात]]
 
;[[गया]] एवं [[बोधगया]]: [[हिंदू धर्म]] के अलावे [[बौद्ध धर्म]] मानने वालों का यह सबसे प्रमुख दार्शनिक स्थल है। पितृपक्ष के अवसर पर यहाँ दुनिया भर से हिंदू आकर फल्गू नदी किनारे पितरों को तर्पण करते हैं। [[विष्णुपद मंदिर]], बोधगया में भगवान बुद्ध से जुड़ा [[पीपल]] का वृक्ष तथा [[महाबोधि मंदिर]] के अलावे तिब्बती मंदिर, थाई मंदिर, जापानी मंदिर, बर्मा का मंदिर, बौधनी पहाड़ी { इमामगंज }
===गया एवं बोधगया===
[[हिंदू धर्म]] के अलावे [[बौद्ध धर्म]] मानने वालों का यह सबसे प्रमुख दार्शनिक स्थल है। पितृपक्ष के अवसर पर यहाँ दुनिया भर से हिंदू आकर फल्गू नदी किनारे पितरों को तर्पण करते हैं। [[विष्णुपद मंदिर]], बोधगया में भगवान बुद्ध से जुड़ा [[पीपल]] का वृक्ष तथा [[महाबोधि मंदिर]] के अलावे तिब्बती मंदिर, थाई मंदिर, जापानी मंदिर, बर्मा का मंदिर, बौधनी पहाड़ी { इमामगंज }
 
;[[भागलपुर]] तथा आसपास: प्राचीन शिक्षा स्थल के अलावे यह बिहार में [[तसर]] शिल्क उद्योग केंद्र है। पाल शासकों द्वारा बनवाये गये प्राचीन [[विक्रमशिला]] [[विश्वविद्यालय]] का अवशेष, [[वैद्यनाथधाम मंदिर]], [[सुलतानगंज]], [[मुंगेर]] में बनवाया [[मीरकासिम]] का किला,[[DOGACHCHHI,TARAR]] me gerua river ke kinare raja duara banaya gaya garh .....
===भागलपुर तथा आसपास===
प्राचीन शिक्षा स्थल के अलावे यह बिहार में [[तसर]] शिल्क उद्योग केंद्र है। पाल शासकों द्वारा बनवाये गये प्राचीन [[विक्रमशिला]] [[विश्वविद्यालय]] का अवशेष, [[वैद्यनाथधाम मंदिर]], [[सुलतानगंज]], [[मुंगेर]] में बनवाया [[मीरकासिम]] का किला,[[DOGACHCHHI,TARAR]] me gerua river ke kinare raja duara banaya gaya garh .....
 
;[[चंपारण]]: सम्राट [[अशोक]] द्वारा लौरिया में स्थापित स्तंभ, लौरिया का नंदन गढ़, नरकटियागंज का चानकीगढ़, वाल्मीकिनगर जंगल, बापू द्वारा स्थापित भीतीहरवा आश्रम, '''तारकेश्वर नाथ तिवारी ''' का बनवाया रामगढ़वा हाई स्कूल, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय [[महात्मा गाँधी]] एवं अन्य सेनानियों की कर्मभूमि तथा अरेराज में भगवान [[शिव]] का मन्दिर
===चंपारण===
सम्राट [[अशोक]] द्वारा लौरिया में स्थापित स्तंभ, लौरिया का नंदन गढ़, नरकटियागंज का चानकीगढ़, वाल्मीकिनगर जंगल, बापू द्वारा स्थापित भीतीहरवा आश्रम, '''तारकेश्वर नाथ तिवारी ''' का बनवाया रामगढ़वा हाई स्कूल, स्वतंत्रता आन्दोलन के समय [[महात्मा गाँधी]] एवं अन्य सेनानियों की कर्मभूमि तथा अरेराज में भगवान [[शिव]] का मन्दिर
 
;[[सीतामढी]] तथा आसपास: पुनौरा में देवी [[सीता]] की जन्मस्थली, जानकी मंदिर एवं जानकी कुंड, हलेश्वर स्थान, पंथपाकड़, यहाँ से सटे नेपाल के [[जनकपुर]] जाकर [[भगवान राम]] का स्वयंवर स्थल भी देखा जा सकता है।
===सीतामढी तथा आसपास===
पुनौरा में देवी [[सीता]] की जन्मस्थली, जानकी मंदिर एवं जानकी कुंड, हलेश्वर स्थान, पंथपाकड़, यहाँ से सटे नेपाल के [[जनकपुर]] जाकर [[भगवान राम]] का स्वयंवर स्थल भी देखा जा सकता है।
 
; [[सासाराम]]: अफगान शैली में बनाया गया अष्टकोणीय [[शेरशाह]] का मक़बरा वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।
===सासाराम===
अफगान शैली में बनाया गया अष्टकोणीय [[शेरशाह]] का मक़बरा वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।
 
== बिहार के प्रसिद्ध व्यक्ति ==
* [[राबड़ी देवी]]
* [[आनन्द कुमार]]
* [[नमन कुमार बादल]]
* वशिष्ठ नारायण सिंह
 
== इन्हें भी देखें ==

नेविगेशन मेन्यू