सुपर-३०

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चित्र:Super 30 Bihar CM 2nd June2006.jpg
सुपर तीस के सफल छात्र

सुपर-३०, बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी में प्रवेश के लिये एक अनूठा प्रशिक्षण संस्थान (कोचिंग इन्स्टीट्यूट) है। इसकी विशेषता है कि इसमें नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है और समाज के गरीब एवं पिछड़े विद्यार्थियों को इसमें प्रशिक्षण के लिये चुना जाता है। नि:शुल्क होने एवं पिछड़े बच्चों को लेने के बावजूद भी यह संस्थान प्रतिवर्ष लगभग ३० बच्चों को आईआईटी में प्रवेश-पात्रता (क्वालिफाई) दिलाने में सक्षम होता आया है।

प्रतिवर्ष यह इंस्टीयूट गरीब परिवारों के 30 प्रतिभावान बच्चों का चयन करती है और फिर उन्हें बिना शुल्क के आईआईटी की तैयारी करवाती है। इंस्टीयूट इन बच्चों के खाने और रहने का इंतजाम भी बिना कोई शुल्क करती है। इंस्टीयूट केवल 30 बच्चों का चयन करती है और इसी आधार पर इसे सुपर 30 नाम दिया गया था।

सुपर 30 इंस्टीट्यूट की शुरुआत सन 2003 में हुई थी। इस वर्ष सुपर 30 के 30 में से 18 विद्यार्थी आईआईटी में सफल हुए थे। 2004 में यह संख्या 22 और सन 2005 में यह 26 हो गई। 2017 में सभी 30 छात्र सफल रहे।[1]

श्री आनन्द कुमार इसके जन्मदाता एवं कर्ता-धर्ता है। आनंद कुमार रामानुज स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स नामक संस्थान का भी संचालन करते हैं। सुपर-30 को इस गणित संस्थान से होने वाली आमदनी से चलाया जाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले सालकब? पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन और अभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी।

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