सुपौल

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सुपौल
—  जिला  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश  भारत
राज्य बिहार
जिलाधीक्षक
पुलिस अधीक्षक
जनसंख्या
घनत्व
22,29,076 (आशा जनगणना पंजी) (2011 के अनुसार )
• 920/वर्ग कि.मी.
क्षेत्रफल 2425 वर्ग कि.मी. कि.मी²

निर्देशांक: 25°56′N 86°15′E / 25.93°N 86.25°E / 25.93; 86.25 सुपौल बिहार का एक शहर व जिला है, जो ज़िला का मुख्यालय है। सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सांस्कृतिक रूप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल से करीब होने के कारण यह सामरिक रूप से काफी महत्त्वपूर्ण है। क्षेत्रफल के अनुसार यह कोसी प्रमंडल का सबसे बड़ा जिला है। बीरपुर,त्रिवेणीगंज,निर्मली,सुपौल आदि इसके अनुमंडल है। पर्यटन स्थलों में गणपतगंज का विष्णु मंदिर,धरहारा का महादेव मंदिर,बीरपुर में कोसी बैराज,ललितेश्वरनाथ मंदिर(बलुआ बाजार), अनंतविष्णु मंदिर(नाथपट्टी-तुलसीपट्टी),हुलास का दुर्गा महादेव मंदिर,तिनटोलिया का दुर्गा स्थान,प्रतापगंज दुर्गा स्थान आदि प्रमुख हैं। धान,गेहूं,मक्का,मूंग,पटसन,केला आदि की पैदावार ज्यादा की जाती है। विश्वविख्यात बॉलीवुड गायक उदित नारायण झा का नौनिहाल ,बाईसी गाँव, भी सुपौल जिला में ही है, जो उनका जन्म स्थान भी है। सुपौल जिला लोकगायिका शारदा सिन्हा, भारत सरकार में केबिनेट मंत्री रहे ललित नारायण मिश्र, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री डाॅ•जगन्नाथ मिश्र, भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन जैसे कई विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में मशहूर हैं। ललित बाबू के पिता श्री राजेन्द्र मिश्र भी स्वतंत्रता सेनानी तथा बिहार कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में प्रशिद्ध हुए। यहीं के बायसी ग्राम में जन्मे उदित नारायण झा बॉलीवुड के संगीत जगत में छाए हुए हैं।[1][2]

इतिहास[संपादित करें]

सुपौल प्राचीन काल में मिथिला राज्य का हिस्सा था। बाद में मगध तथा मुगल सम्राटों ने भी राज किया। ब्रिटिश काल में सुपौल के प्रशासनिक और सामरिक महत्व देखते हुए 1870 में इसे अनुमंडल का दर्जा दिया गया। अनुमंडल बनने के करीब 121 वर्षों के बाद सुपौल को 1991 में जिला बनाया गया। यह जिला अब विकास की नई नई बुलंदीयों को छुता जा रहा है। यहाँ का litrecy rate तेजी से बढता जा रहा है। यह जिला खुले में सौच से मुक्त नहीं है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect Archived 2017-01-18 at the Wayback Machine," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  2. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810