छपरा

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छपरा
chhapra saran bigar
शहर
राजेंद्र सरोवर
राजेंद्र सरोवर
देशFlag of India.svg भारत
भारत के राज्य एवं संघशासित प्रदेशबिहार
भारत के जिलों की सूचीसारन
क्षेत्रफल
 • नगरीय38.26 किमी2 (14.77 वर्गमील)
ऊँचाई36 मी (118 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • शहर2,01,598
 • महानगर2,49,556
वासीनामछपरहवी
भाषाएँ
 • आधिकारिकभोजपुरी, हिंदी, उर्दू
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिन841301, 841302(सरहा) (841410) (पानापुर) खजुरी
टेलीफोन कोड (06152)+916152
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र (तरैया)सारण
विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रछपरा
वेबसाइटchhapra.co.in


छपरा भारत गणराज्य के बिहार प्रान्त में सारण जिला का महत्वपूर्ण शहर एवं मुख्यालय शहर है। यह सारण प्रमंडल का मुख्यालय भी है। गोरखपुर-गुवाहाटी रेलमार्ग पर छपरा एक महत्वपूर्ण जंक्शन है जहाँ से गोपालगंज एवं बलिया के लिए रेल लाईनें जाती है।

स्थिति : 25 डिग्री 50 मिनट उत्तर अक्षांश तथा 84 डिग्री 45 मिनट पूर्वी देशान्तर। यह घाघरा नदी के उत्तरीतट पर बसा है। ऐसा कहा जाता है कि यहाँ के दाहिआवाँ महल्ले में दधीचि ऋषि का आश्रम था। इसके पाँच मील पश्चिम रिविलगंज है, जहाँ गौतम ऋषि का आश्रम बतलाया जाता है और वहाँ कार्तिक पूर्णिमा को एक बड़ा मेला लगता है।

इतिहास[संपादित करें]

छपरा से चार मील पूरब चिरांद छपरा में पौराणिक राजा मयूरध्वज को राजधानी तथा च्यवन ऋषि का आश्रम बतलाया जाता है। चिरांद, छपरा से ११ किलोमीटर स्थित, सारण जिला का सबसे महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल (2000 ईस्वी पूर्व) है। यहाँ पर पुरातत्व विभाग की ओर से खंडहरों की खुदाई हो रही है और कुछ बहुमूल्य ऐतिहासिक तथ्यों के प्राप्त होने की संभावना है। छपरा से 15 मील पूरब गंडक नदी के तट पर सोनपुर स्थान है जो हरिहर क्षेत्र के नाम से विख्यात है। यहीं पर गज और ग्राह के पौरणिक युद्ध का होना बतलाया जाता है। यहाँ शिव और विष्णु के मंदिर साथ-साथ हैं। कार्तिक पूर्णिमा को सोनपुर का प्रसिद्ध मेला लगता है जो महीनों चलता रहता है। मौर्य शासक अपने हाथी ,घोड़े तक इस मेले से खरीदते थे,इससे इसकी प्राचीनता का पता चलता है। इस मेले में बहुत बड़ी संख्या में मवेशी - गाय, बैल, घोड़े, हाथी, ऊँट तथा पक्षी विक्रय के लिए आते हैं। वर्तमान में जानवरों के प्रति बढती चेतना और जागरुकता के चलते जानवरों की संख्या में पहले से कुछ कमी आयी है। केरल से हाथियों को यहाँ बेचने के लिए लानें वालों पर उच्च न्यायालय का सख्त मनाही का आदेश है। एक महीने के लिए यह विशाल मानव जमघट बन जाता है। यहाँ पहुँचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन भी सोनपुर ही है। यह मेला जगजीवन रेलवे पुल के पास ही लगता है। ठंड में गंडक का पानी हाड़ कँपकपाने लायक शीतल हो जाता है। यहाँ से कुछ किलोमीटर आगे जाने पर गंगा और गंडक का संगम होता है। पहले के लोग बताते हैं कि मेला पहले संगम के पास ही होता था, पर अब संगम स्थल से कुछ दूर चला गया है। छपरा में कई कालेज और स्कूल हैं। शिक्षा का प्रसार तेजी से हो रहा है। जिले में चीनी के अनेक कारखाने हैं।

18वीं शताब्दी में डच, फ़्रांसीसी, पुर्तग़ाली और अंग्रेजों द्वारा यहाँ शोरा-परिष्करण इकाइयों की स्थापना के बाद छपरा नदी तट पर स्थित बाज़ार के रूप में विकसित हुआ। 1864 में यहाँ नगरपालिका का गठन हुआ।

राजेन्द्र महाविद्यालय, छापरा

कृषि और खनिज[संपादित करें]

यह शहर प्रमुख रेल व सड़क मार्ग से जुड़ा है तथा एक कृषि व्यापार केंद्र है।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

शोरा और अलसी तेल प्रसंस्करण यहाँ के प्रमुख उद्योग हैं।

छपरा में भारत का सबसे बड़ा डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है।[1] गांधी चौक से नागपालिका चौक के 3.5 किमी लंबी डबल डेकर फ्लाईओवर, ₹ 411.31 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है,[2][3] सांता क्रूज़-चेम्बूर लिंक रोड में 1.8 किमी डबल-डेकर फ्लाईओवर से अधिक है।[4] मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जुलाई 2018 में इस डबल डेकर फ्लाईओवर का आधारशिला रखा,[5] जो जून 2022 तक पूरा होने वाला है।[6]

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

इस शहर में कई पार्क, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालय और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध एक महाविद्यालय स्थित है।

जनसंख्या[संपादित करें]

2018 की जनगणना के अनुसार छपरा शहर की कुल जनसंख्या 4,288,701 है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Chhapra to get Bihar's first double-decker flyover".
  2. "CM to open highway at Chhapra".
  3. https://www.telegraphindia.com/1170413/jsp/bihar/story_146000.jsp
  4. "Saran to beat Mumbai marvel".
  5. "कहा से कहा तक जायेगा डबल डेकर फ्लाईओवर, जाने".
  6. "Flyover first on Lalu's once turf".