ज़ाफ़रानी पुलाव
| ज़ाफ़रानी पुलाव | |
|---|---|
| उद्भव | |
| संबंधित देश | भारत |
| देश का क्षेत्र | अवध, उत्तर प्रदेश |
| व्यंजन का ब्यौरा | |
| मुख्य सामग्री | बासमती चावल |
ज़ाफ़रानी पुलाव (अंग्रेज़ी: Zafrani Pulao) भारत के उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र का एक प्रसिद्ध व्यंजन है। यह विशेष रूप से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय है। “ज़ाफ़रान” शब्द फ़ारसी भाषा से आया है, जिसका अर्थ केसर (Saffron) होता है। इस पुलाव में बासमती चावल और केसर का उपयोग किया जाता है, जो इसे विशिष्ट रंग, सुगंध और स्वाद प्रदान करता है।
परिचय
[संपादित करें]ज़ाफ़रानी पुलाव अवधी भोजन शैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह व्यंजन नवाबी खानपान और मुगलई परंपरा से जुड़ा हुआ है। अवध की रसोई में चावल, सूखे मेवे और सुगंधित मसालों का विशेष स्थान है, और ज़ाफ़रानी पुलाव उनमें से एक है।
मुख्य घटक
[संपादित करें]- बासमती चावल – लंबे और सुगंधित दाने, जो पुलाव को अलग-अलग और मुलायम बनाए रखते हैं।
- ज़ाफ़रान (केसर) – दूध में भिगोकर डाला जाता है, जिससे पुलाव को सुनहरी रंगत और महक मिलती है।
- घी – स्वाद और सुगंध के लिए।
- सूखे मेवे – बादाम, काजू, किशमिश आदि।
- मसाले – हरी इलायची, लौंग, दालचीनी, तेजपत्ता, आदि।
बनाने की विधि
[संपादित करें]- चावल को धोकर कुछ देर भिगोया जाता है।
- घी में मसालों का तड़का लगाकर उसमें चावल डाला जाता है।
- दूध में भिगोया हुआ केसर डाला जाता है।
- सूखे मेवे मिलाकर चावल को धीमी आँच पर पकाया जाता है।
- अंत में इसे “दम” पर रखकर तैयार किया जाता है।[1]
सांस्कृतिक महत्व
[संपादित करें]- ज़ाफ़रानी पुलाव अक्सर त्योहारों, शादियों और विशेष दावतों में परोसा जाता है।
- इसे शाकाहारी और मांसाहारी दोनों रूपों में बनाया जा सकता है।
- कुछ क्षेत्रों में इसे “मीठा पुलाव” भी कहा जाता है, जब इसमें चीनी या गुड़ मिलाया जाता है।
लोकप्रियता
[संपादित करें]आज ज़ाफ़रानी पुलाव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में भी लोकप्रिय है। लखनऊ की नवाबी परंपरा के कारण यह व्यंजन पर्यटकों और भोजन-प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है।
- ↑ "Zaffrani Vegetable Pulao". Cooking From Heart. 2018-06-04. अभिगमन तिथि: 2025-11-10.