वट्टकोट्टई फोर्ट

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वट्टकोट्टई दुर्ग
Vattakottai Fort Entrance.jpg
स्थान कन्याकुमारी, भारत
निर्माण १८वीं शताब्दी
वास्तुशास्त्री डच जलसेना
प्रकार सांस्कृतिक
State Party Flag of India.svg भारत

वट्टकोट्टाई दुर्ग (या किला जिसे सर्कुलर फ़ोर्ट भी कहते हैं) भारत के दक्षिणतम राज्य तमिल नाडु राज्य के कन्याकुमारी शहर के उत्तर पूर्व में लगभग 6 किमी की दूरी पर है। इस किले का निर्माण १८वीं शताब्दी में किया गया था और त्रावणकोर राजाओं द्वारा बनवाये गए तटीय किलों में तह अन्तिम किला था। वट्टाकोट्टाई किले की दीवारों की ऊँचाई लगभग २५ फीट है और आगे की ओर मोटाई २९ फीट है। इस किले को डच जलसेना अधिकारी डी लेनॉय द्वारा बनाया गया था। यह किला पाषाण शिलाओं का बना है और इसमें आरामकक्ष, निगरानी मीनार और आयुधकक्ष स्थित है। किले के अन्दर की दीवारों पर मछलियों की आकृतियाँ बनी हैं जो पाण्ड्य राजाओं का राजचिह्न हुआ करता था।[1]

पुरातत्ववेत्ताओं की मान्यता अनुसार यह किला पूर्व में पाण्ड्य राजाओं के अधीन था। तब पद्मनाभपुरम पैलेस किले की चोटी से यह स्पष्ट दिखाई देता था। पूर्व में किले से पैलेस तक १.२ मीटर चौड़ी एक सुरंग थी, लेकिन अब यह बन्द हो गई है। किले के ऊपर स्थित परेड ग्राउन्ड से सागर का अवलोकन होता है। परेड ग्राउन्ड के एक ओर से बंगाल की खाड़ी दूसरी ओर से अरब सागर का शान्त जल दिखाइ देता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "वट्टाकोट्टाई किला, कन्याकुमारी". नेटिव प्लैनेट. २३ फ़रवरी २०१८.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

Photo gallery[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]