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अरनाला का किला

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अर्नाला किला
अरनाला दुर्ग, जन्ज़ीरा-ए-अर्नाला, जलदुर्ग
मराठा साम्राज्य का भाग
किले की एक खिड़की से दुर्ग का दृश्य
जानकारी
नियंत्रण बीजापुर
 Shivaji
पुर्तगाल (c.१५३०-१७३७)
 मराठा साम्राज्य (1737-1818)
 ग्रेट ब्रिटेन  भारत
जनता के लिए खुलाहाँ
स्थितिसंरक्षित अवशेष
अवस्थिति
अर्नाला किला is located in महाराष्ट्र
अर्नाला किला
अर्नाला किला
निर्देशांक19°27′57″N 72°43′57″E / 19.46577°N 72.73247°E / 19.46577; 72.73247

अर्नाला का किला महाराष्ट्र की राजधानी के निकट वसई गाँव में है। यह दुर्ग जल के बीच एक द्वीप पर बना होने के कारण इसे जलदुर्ग या जन्जीरे-अर्नाला भी कहा जाता है। यह मुम्बई से ४८ किमी दूरी पर ख्य अर्नाला से ८ कि॰मी॰ दूरी पर स्थित है।[1] इस किले पर १७३९ में पेशवा बाजीराव के भाई चीमाजी ने अधिकार कर लिया था।[2] वैसे इस किले पर अधिकार के अलावा उस युद्ध में मराठाओं ने अपनी सेना के एक बड़े भाग की हानि सही थी। १८०२ ई॰ में पेशवा बाजीराव द्वितीय ने ब्रिटिश सेना से द्वितीय वसई सन्धि कर ली और तदुपरान्त अर्नाला का किला अंग्रेजो के अधिकार में आ गया।

यह किला सामरिक दृष्टि से काफ़ी महत्त्वपूर्ण था। यहां से गुजरात के सुल्तान ,पुर्तगाली ,अंग्रेज और मराठाओं ने शासन किया है। अरनाला का किला तीनों ओर से समुद्र से घिरा हुआ है |

सन्दर्भ

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  1. के 8 रहस्यमयी किले , जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता |[मृत कड़ियाँ] माली, राजकुमार। ८ नवम्बर २०१६। अभिगमन तिथि: २० फ़रवरी २०१८
  2. अर्नाला का किला Archived 2018-02-20 at the वेबैक मशीन।बुकस्ट्रक।अभिगमन तिथि: २० फ़रवरी २०१८

इन्हें भी देखें

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बाहरी कड़ियाँ

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