असिगढ़ दुर्ग
दिखावट
| असिगढ़ दुर्ग | |
|---|---|
| 29°6′19″N 75°57′47″E / 29.10528°N 75.96306°E | |
| अवस्थिति | हांसी, हरियाणा, भारत |
| इतिहास | |
| निर्माण | १२वीं शताब्दी |
| निर्माण का कारण | पृथ्वीराज चौहान |
| ध्वस्त | १८५७ |
| स्थल टिप्पणी | |
| ऊँचाई | 52 feet |
| क्षेत्र | 30 एकड़ (12 हे॰) |
वास्तुशैली | हिन्दू |
| पुनर्स्थापना | १९३७ |
| पुनर्स्थापक | भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण |
| प्राधिकारी | भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण |
असिगढ़ हरियाणा राज्य के हिसार शहर में स्थित एक दुर्ग है। यह अमटी सरोवर के पूर्वी तट पर स्थित है और इसे पृथ्वीराज चौहान का क़िला या हांसी का किला भी कहते हैं। पृथ्वीराज चौहान ने अफगान शासकों से रक्षा के लिए इस दुर्ग का निर्माण कराया था। कालान्तर में मुग़ल शासकों ने इस दुर्ग पर अधिकार कर लिया था। बाद में उन्होंने इस दुर्ग में एक मस्जिद का निर्माण भी करवाया था। वर्तमान में यह अधिकांशतः एक खण्डहर टीले में परिवर्तित हो चुका है।[1]
वर्तमान में इसका अनुरक्षण भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के अधीन है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ कुमार, मनोज (५ जनवरी २०१९). "अंग्रेजों ने छीना था हांसी के सिर से राजधानी का ताज, अब जिला बनाने की जिद्दोजहद". दैनिक जागरण. अभिगमन तिथि: १२ अक्टूबर २०२२.
{{cite web}}: Cite has empty unknown parameters:|month=,|accessmonthday=, and|coauthors=(help)CS1 maint: url-status (link)
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| विकिमीडिया कॉमन्स पर असिगढ़ दुर्ग से सम्बन्धित मीडिया है। |