विकासशील देश

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[0][1][2] अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया वर्गीकरण
2009 तक नव औद्योगीकृत देश
क्वॉरटाइल (2010 के आंकड़े पर आधारित, 4 नवंबर, 2010 को प्रकाशित के आधार पर) के आधार पर विश्व बैंक द्वारा विकसित मानव विकास रिपोर्ट <सन्दर्भ> सांखियकी. मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर). संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी)<सन्दर्भ>
वेलिन =शीर्ष ██ Very High

██ High

██ Medium


वेलिन =शीर्ष ██ Low

██ data unavailable


विकासशील देश शब्द का प्रयोग किसी ऐसे देश के लिए किया जाता है जिसके भौतिक सुखों का स्तर निम्न होता है (इस शब्द को लेकर तीसरी दुनिया के देशों के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए). चूंकि विकसित देश नामक शब्द की कोई भी एक परिभाषा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है, अतः विकास के स्तर इन तथाकथित विकासशील देशों में व्यापक रूप से भिन्न हो सकते हैं। कुछ विकासशील देशों में, औसत रहन-सहन का मानक भी उच्च होता है।[1][2]

ऐसे देश जिनकी अर्थव्यवस्था अन्य विकासशील देशों के मुकाबले उन्नत होती है, परन्तु जिन्होंने अभी तक विकसित देश के संकेत नहीं दिए होते हैं, उन्हें नवीन औद्योगीकृत देशों की श्रेणी में रखा जाता है।[3][4][5][6]

परिभाषा[संपादित करें]

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान ने विकसित देश की निम्न परिभाषा दी है। "एक विकसित देश वह होता है जो अपने सभी नागरिकों को सुरक्षित पर्यावरण में स्वतंत्र और स्वस्थ्य जीवन का आनंद लेने का अवसर देता है।"[7] परन्तु संयुक्त राष्ट्र के सांख्यिकी प्रभाग के अनुसार,

संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में "विकसित" और "विकाशील" देशों अथवा क्षेत्रों की उपाधि के लिए स्थापित संविद नहीं है।[2]

और यह इस तथ्य पर ध्यान देता है कि

उपाधियाँ जैसे "विकसित" और "विकासशील" मात्र सांख्यिकीय सुविधा के लिए बनाई जाती हैं और आवश्यक रूप से किसी देश अथवा क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया में किसी विशेष स्थिति पर पहुंचने के निर्णय को नहीं बताती है।[8]

संयुक्त राष्ट्र इस तथ्य पर भी ध्यान देता है कि:

आम व्यवहार में एशिया में जापान, उत्तरी अमेरिका में कनाडा और संयुक्त राष्ट्र, ओशेनिका में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड और यूरोप को विकसित क्षेत्र माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के आंकड़ों में, दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ को भी विकसित क्षेत्र माना जाता है और इसराइल को विकसित देश माना जाता है, पूर्व यूगोस्लाविया में से बने हुए देशों को विकासशील देशों की श्रेणी में रखा जाता है; और पूर्वी यूरोप के देश और यूरोप में स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (कोड 172) को विकसित अथवा विकासशील देशों के अंतर्गत नहीं गिना जाता है।[2]

21वी सदी में, चार मौलिक एशियन टाइगर्स[9] क्षेत्र (हांगकांग[9][10], सिंगापुर[9][10], दक्षिण कोरिया[9][10][11][12] और ताइवान,) और साइप्रस, माल्टा और स्लोवेनिया को "विकसित देश" माना जाता है।

दूसरी तरफ, अप्रैल 2004 से पहले अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के द्वारा दिए गए वर्गीकरण के अनुसार, पूर्वी यूरोप के सभी देश (जिसमें केन्द्रीय यूरोपियन देश शामिल हैं और जो अभी भी संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं में "पूर्वी यूरोप समूह" में गिने जाते है) और मध्य एशिया में पूर्व सोवियत संघ (यूएसएसआर) के देश (कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान तुर्कमेनिस्तान) और मंगोलिया, को विकसित अथवा विकासशील देशों में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें नाम दिया गया था "अवस्थांतर में देश", परन्तु अब व्यापक रूप से उन्हें (अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टों में) "विकासशील देशों" में गिना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष एक लचीली वर्गीकरण प्रणाली का प्रयोग करता है जो तीन कारकों पर गौर करती है "(1) प्रति व्यक्ति आय स्तर,(2) निर्यात विविधीकरण,- अतः जिन तेल निर्यातक देशों का सकल घरेलू उत्पाद उच्च है वे उन्नत वर्गीकरण के अंतर्गत नहीं आएंगे क्योंकि उनके निर्यात का लगभग 70% तेल होता है और (3) वैश्विक वित्तीय स्थिति में एकीकरण की दशा.[13]

विश्व बैंक देशों को चार आय समूहों में वर्गीकृत करता है। ये प्रति वर्ष 1 जुलाई को निर्धारित किये जाते हैं। निम्नलिखित आय की श्रेणियों का उपयोग करते हुए 2008 जीएनआई प्रति व्यक्ति के अनुसार अर्थव्यवस्थाओं को विभाजित किया गया था:[14]

  • निम्न आय वाले देशों की प्रति व्यक्ति जीएनआई 975 अमेरिकी डॉलर या उससे कम थी।
  • निम्न मध्य आय वाले देशों की प्रति व्यक्ति जीएनआई 976 अमेरिकी डॉलर और 3,855 अमेरिकी डॉलर के बीच थी।
  • उच्च मध्यम आय वाले देशों की प्रति व्यक्ति जीएनआई 3,856 अमेरिकी डॉलर और 11,905 अमेरिकी डॉलर के बीच थी।
  • उच्च आय वाले देशों की प्रति व्यक्ति जीएनआई 11,906 अमेरिकी डॉलर से अधिक थी।

विश्व बैंक सभी निम्न और माध्यम आय वाले देशों को विकासशील देशों की श्रेणी में रखता है परन्तु साथ ही स्वीकार करता है कि, "इस शब्द का प्रयोग सुविधा के लिए किया जा रहा है, हमारा आशय यह नहीं है की इस समूह की सभी अर्थव्यवस्थाएं एक सामान विकास की प्रक्रिया से गुजर रही हैं अथवा अन्य अर्थव्यवस्थाएं विकास की पसंदीदा अथवा अंतिम अवथा पर पहुँच गयीं हैं। आय द्वारा वर्गीकरण आवश्यक रूप से विकास की स्थिति को नहीं दर्शाता है।"[14]

विकास की अवधारणा और परिमाण[संपादित करें]

एक देश के विकास को सांख्यिकीय सूचकांक जैसे प्रति व्यक्ति आय (जीडीपी), जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर, इत्यादि द्वारा मापा जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने एचडीआई विकसित किया है, जो कि ऊपर बताये गए सांख्यिकी का एक यौगिक सूचकांक है, जिसका प्रयोग उन देशों में मानव स्तर का विकास नापने के लिए किया जाता है जहां पर आंकड़े उपलब्ध हैं।

सामान्य तौर पर विकासशील देश वे देश होते हैं जिन्होंने अपनी जनसंख्या के सापेक्ष औद्योगीकरण के स्तर को प्राप्त नही किया होता है और जिनमें, अधिकतर, जीवन स्तर निम्न से मध्यम वर्गीय होता है। निम्न आय और उच्च जनसंख्या वृद्धि के बीच एक मजबूत सहसंबंध होता है।

विकासशील देशों के विषय में चर्चा करते समय जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है वे उनका प्रयोग करने वालों का आशय और विचारों की और भी इशारा करते हैं। अन्य शब्द जिनका कभी कभी उपयोग किया जाता है वे हैं कम विकसित देश (एलडीसी), आर्थिक रूप से सबसे कम विकसित देश (एलईडीसी), "अपर्याप्त रूप से विकसित देश" अथवा तीसरी दुनिया के देश और "गैर औद्योगिक देश". इसके विपरीत,इस विस्तृत श्रेणी के अंत में जो देश आते हैं उन्हें विकसित देश, सबसे ज्यादा आर्थिक रूप से विकसित देश (एमईडीसी), प्रथम विश्व के देश और "औद्योगिक देश" कहा जाता है।


विकासशील शब्द के व्यंजनापूर्ण पहलू को कम करने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने आर्थिक रूप से कम विकसित देश(एलईडीसी) नामक शब्द का प्रयोग उन सर्वाधिक गरीब देशों के लिए करना प्रारम्भ कर दिया है जिन्हें किसी भी अर्थ में विकासशील नहीं कह सकते हैं। इसका तात्पर्य यह है की, एलईडीसी, एलडीसी का सबसे गरीब उपसमूह है।

विकासशील राष्ट्र की अवधारणा, किसी एक नाम से या अन्य नाम से,विविध प्रकार की सैधांतिक प्रणालियों में पाई जाती है - उदाहरण के लिए,उपनिवेशों को स्वतंत्र कराने के सिद्धांतों में, मुक्ति धर्मशास्त्र में, मार्क्सवादमें, साम्राज्यवाद विरोध में और राजनीतिक अर्थव्यवस्था में.

'विकासशील देश', शब्द की आलोचना[संपादित करें]

'विकासशील देश',शब्द के प्रयोग की आलोचना भी होती है। इस शब्द के प्रयोग में एक "विकसित देश" के मुकाबले में एक 'विकासशील देश' की हीनता अन्तर्निहित है, जिसे कई देश पसंद नहीं करते हैं। इसमें आर्थिक विकास के परम्परागत पश्चिमी मॉडल को अपनाने की इच्छा छिपी है जिसे कुछ देशों, जैसे की क्यूबा ने, अपनाने से इनकार कर दिया है।

'विकासशील' शब्द में गतिशीलता का भाव छिपा हुआ है और यह इस तथ्य को नहीं स्वीकारता है की विकास में गिरावट हो रही हो या वह स्थिर हो गया हो, विशेषकर की उन दक्षिणी अफ्रीकी देशों में जो एचआईवी / एड्स से बुरी तरह से प्रभावित हैं।ऐसी स्थितियों में विकासशील देश जैसा शब्द, व्यंजनापूर्ण लग सकता है। इस शब्द में इन देशों के लिए समरूपता अन्तर्निहित है, जो की व्यापक रूप से भिन्न हो सकते हैं। इस शब्द में इन देशों के लिए समरूपता का भाव छिपा हुआ है जबकी बहुत अमीरों और बहुत गरीबों के धन और (स्वास्थ्य) के स्तर में बहुत अंतर हो सकता है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]


सामान्य तौर पर,विकास के अंतर्गत एक आधुनिक संरचना आती है जो (दोनों, भौतिक और संस्थागत), होती है और जो कम मूल्य वाले क्षेत्रों जैसे कृषि और प्राकृतिक संसाधन निष्कर्षण जैसे क्षेत्रों से हट कर होती है। विकसित देशों में, तुलनात्मक रूप से, आमतौर पर आर्थिक प्रणाली सतत और आत्मनिर्भर तृतीयक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और अर्थव्यवस्था के चतुर्धातुक क्षेत्र और उच्च स्तर के भौतिक मानकों पर आधारित होती है। हालांकि, कई अपवाद उल्लेखनीय हैं, जैसा की कुछ देशों की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान था,उदाहरण के लिए, नॉर्वे, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इत्यादि. अमरीका और पश्चिमी यूरोप में कृषि एक बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है और ये दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार में प्रमुख खिलाड़ी हैं। इसके अलावा, प्राकृतिक संसाधन निष्कर्षण एक बहुत ही लाभदायक (उच्च मूल्य) उद्योग होता है जैसे की तेल निष्कर्षण.

उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की सूची[संपादित करें]

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट अप्रैल 2010 के अनुसार, निम्नलिखित को उभरती हुई और विकासशील अर्थव्यवस्था माना गया है।[15]

वे विकासशील देश जो आईएमएफ द्वारा सूचीबद्ध नहीं किये गए हैं।[संपादित करें]

उन विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की सूची (चार एशियन टाइगर्स और नए यूरो देश) जिन्हें अब उन्नत अर्थव्यवस्था माना जाता है।[संपादित करें]

टाईपोलॉजी और देशों के नाम[संपादित करें]

देशों को अक्सर मोटे तौर पर विकास की चार श्रेणियों में रखा जाता है। प्रत्येक वर्ग में वे देश शामिल हैं जिन्हें उनसे सम्बंधित लेखों में सूचीबद्ध किया गया है। "विकासशील राष्ट्र" नामक शब्द किसी विशिष्ट, समान समस्या को निर्धारित करने के लिए कोई लेबल नहीं है।

  1. नव औद्योगीकृत देश (एनआईसी) वे देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्थाएं विकासशील देशों से अधिक उन्नत और विकसित हैं, परन्तु जिन्होंने अभी भी विकसित देश होने के सभी संकेत नहीं दिए हैं।[3][4][5][6] एनआईसी विकसित और विकासशील देशों के बीच एक वर्ग है। इसमें ब्राजील, चीन, भारत, मलेशिया, मैक्सिको, फिलीपींस,दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और टर्की शामिल है।
  2. उन्नत उभरते हुए बाज़ार हैं[17]: ब्राजील, हंगरी, मैक्सिको, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ताइवान.
  3. जिन देशों में लम्बे समय से गृह युद्ध चल रहा है अथवा वृहत स्तर पर क़ानून भंग हुआ है (विफल राष्ट्र) (उदाहरणतः लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सोमालिया) अथवागैर विकासोन्मुखी तानाशाही [[उत्तर कोरिया|(उत्तर कोरिया,]] म्यांमार और [[ज़िम्बाबवे|जिम्बाब्वे]] ).
  4. कुछ विकासशील देश विश्व बैंक के द्वारा विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में रखे गए हैं जैसे एंटीगुआ और बारबुडा, बहामा, बहरीन,बारबाडोस, ब्रुनेई, भूमध्य रेखीय (इक्वेटोरियल) गिनी,कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और त्रिनिदाद और टोबैगो.

संदर्भ[संपादित करें]

  1. Sullivan, Arthur; Steven M. Sheffrin (2003). Economics: Principles in Action. Upper Saddle River, New Jersey 07458: Pearson Prentice Hall. pp. 471. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-13-063085-3. http://www.pearsonschool.com/index.cfm?locator=PSZ3R9&PMDbSiteId=2781&PMDbSolutionId=6724&PMDbCategoryId=&PMDbProgramId=12881&level=4. 
  2. "Composition of macro geographical (continental) regions, geographical sub-regions, and selected economic and other groupings (footnote C)". United Nations Statistics Division. revised 17 October 2008. http://unstats.un.org/unsd/methods/m49/m49regin.htm#ftnc. अभिगमन तिथि: 2008-12-30. 
  3. Paweł Bożyk (2006). "Newly Industrialized Countries". Globalization and the Transformation of Foreign Economic Policy. Ashgate Publishing, Ltd. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-75-464638-6. 
  4. Mauro F. Guillén (2003). "Multinationals, Ideology, and Organized Labor". The Limits of Convergence. Princeton University Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-69-111633-4. 
  5. Waugh, David (3rd edition 2000). "Manufacturing industries (chapter 19), World development (chapter 22)". Geography, An Integrated Approach. Nelson Thornes Ltd.. pp. 563, 576–579, 633, and 640. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-17-444706-X. 
  6. Mankiw, N. Gregory (4th Edition 2007). Principles of Economics. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-32-422472-9. 
  7. G_05_00
  8. संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी प्रभाग मानक देश और क्षेत्र कोड वर्गीकरण (एम्49)
  9. पूर्व एशियाई टाइगर्स
  10. आईएमएफ द्वारा बनाई गयी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं की सूची .विश्व आर्थिक आउटलुक,डाटाबेस-डब्लूईओ समूह और कुल जानकारी, अप्रैल 2009.
  11. कोरिया गणराज्य की
  12. ऍफ़टी.कॉम/ एशिया प्रशांत - दक्षिणी कोरिया को विकसित देश का दर्ज़ा मिलता है।
  13. "Q. How does the WEO categorize advanced versus emerging and developing economies?". International Monetary Fund. http://www.imf.org/external/pubs/ft/weo/faq.htm#q4b. अभिगमन तिथि: July 20, 2009. 
  14. "How we Classify Countries". World Bank. http://data.worldbank.org/about/country-classifications. अभिगमन तिथि: September 25, 2010. 
  15. आईएमएफ द्वारा दी गयी उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की सूची.विश्व आर्थिक आउटलुक डाटाबेस, अप्रैल 2010.
  16. विश्व आर्थिक आउटलुक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, अप्रैल 2009, दूसरा पैराग्राफ, 9-11 लाइन.
  17. http://www.ftse.com/Indices/FTSE_Emerging_Markets/index.jsp.