अंगारी-बुजुर्ग गाँव, जगदीशपुर (भागलपुर)

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औमें के

अंगारी-बुजुर्ग जगदीशपुर, भागलपुर, बिहार स्थित एक गाँव है।

          अँगारी 


      देश        भारत
      राज्य       बिहार 
      जिला      भागलपुर                                                         
      भाषा       अंगिका,हिंदी
      पिन कोड     812005
      वार्ड संख्या     3
            
            

अंगारी गाँव भारत के बिहार राज्य के भागलपुर जिले के दक्षिण-पूर्व में अवस्थित एक गांव है। जिसकी पहचान सादियों से कृषि क्षेत्र यहाँ की कतरनी चावल की खुशबू पूरे देश में मशहूर है। यहाँ पर कतरनी धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। कतरनी चावल और चूड़ा देश के हर क्षेत्रों में जाता है। धान के अलावा गेंहूँ और सबजी उत्पादन में पहचान है। जनसंख्या के हिसाब से 2011 की जनगणना के मुताबित इस गाँव की अबादी 2000 है। हालांकि पिछली द्शक जनसंख्या में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए ये संख्या वर्तमान में 4000 के हो सकती है। यह गाँव भागलपुर प्रमंडल के जगदीशपुर प्रखँड के अंतर्गत आते है। इस गाँव से एक किलोमीटर उत्तर जगदीशपुर (हाठ)और उत्तर-पूर्व में तीन किलोमीटर बलुआचक(हाठ) और गोणू धाम मंदिर है। गाँव के पूर्व में सारथ गांव अवस्थित है। इस गाँव में तीन वार्ड है। सरकार द्वार वक्त-वक्त पर पंचायती चुनाव करायें जाते है। वक्त के हर पड़ाव पर इस गाँव का योगदान अपनी आँचलिक सीमा के पार राज्य और देश को मिलता रहा है। इन योगदानों में समाजसेवा,लोकसेवा ,राजनीतिक,और देशसेवा में योगदान प्रमुख है। गाँव के बोलचाल भाषा अंगिका और हिंदी है। और यहाँ हिदूं धर्मो के मानने बाले सादियों से आपसी सामंजस्य और धार्मिक सहिएणुता से साथ रहते है।