"सिद्धान्त शिरोमणि" के अवतरणों में अंतर

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:आकृष्यते तत्पततीव भाति।
:समेसमन्तात् क्व पतत्वियं खे ॥ --- (सिद्धान्त शिरोमणि गोलाध्याय-भुवनकोष-६)
 
 
(२) '''धरती गोल है'''—
:नरश्च तत्पृष्ठगतस्य कृत्स्ना।
:समेव तस्य प्रतिभात्यत: सा ॥ --- (सिद्धान्त शिरोमणि गोलाध्याय-भुवनकोष- १३)
 
(३) '''यंत्र'''—
: सिद्धान्त शिरोमणि के '''यन्त्राध्याय''' में आकाश से निरीक्षण करने हेतु 9 यन्त्रों का वर्णन हैः–
: (1) गोल यन्त्र (2) नाडी वलय (सूर्य घडी) (4) शंकु (5) घटिका यन्त्र (6) चक्र (7) चाप (8) तूर्य (9) फलक यन्त्र।
 
== भाष्य ==

दिक्चालन सूची