राधा चरण गुप्त
दिखावट
| राधाचरण गुप्त | |
|---|---|
|
सन 2023 में राधाचरण गुप्त | |
| जन्म |
14 अगस्त 1935 झांसी |
| मृत्यु |
5 सितम्बर 2024 (उम्र 89 वर्ष) झांसी, उत्तर प्रदेश |
| क्षेत्र | गणित का इतिहास |
| संस्थान | बिड़ला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेस्रा |
| डॉक्टरी सलाहकार | टी ए सरस्वती अम्मा |
| उल्लेखनीय सम्मान |
|
राधाचरण गुप्त (जन्म : १९३५ झांसी - ५ सितम्बर, २०२४) भारत के गणितज्ञ थे। भारतीय गणित के इतिहास पर उन्होने उल्लेखनीय कार्य किया है।
प्रोफेसर गुप्त ने वर्ष 1971 में रांची विश्वविद्यालय से गणित के इतिहास में पीएचडी की। वर्ष 1991 में उन्हें नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज का फेलो चुना गया। वर्ष 2009 में उन्हें गणित के इतिहास के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित सम्मान केनेथ ओमे से सम्मानित किया गया। यह सम्मान हासिल करने वाले वे अकेले भारतीय हैं। उन्होंने अब तक 400 से अधिक शोध पत्रों और 80 पुस्तकों का लेखन किया है। भारतीय इतिहास के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में उनका ज्ञान विशिष्ट है और किसी को भी उनके अध्ययन-लेखन की शैली प्रभावित कर सकती है।
- त्रिकोणमिति के विकास और प्रक्षेप नियमों जैसे विषयों पर भारत में गणित के इतिहास पर शोध किया।
- उन्होंने चक्रीय चतुर्भुज के परिवृत की त्रिज्या से सम्बन्धित परमेश्वर के नियम पर कार्य किया।
- उन्हें गणित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2023 में देश का चतुर्थ सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री प्रदान किया गया।
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]