लखनऊ मेट्रो

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Lucknow Metro
Lucknow Metro Logo.svg
Lucknow Metro under operation.jpg
Lucknow Metro
जानकारी
क्षेत्र लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत
यातायात प्रकार त्वरित यातायात
लाइनों की संख्या 1 (Operational)
1 (Approved)
स्टेशनों की संख्या 22 (Operational)
12 (Approved)
प्रतिदिन की सवारियां 11,000[1] (May 2018)
मुख्यालय Administrative Headquarters, Vipin Khand, Gomti Nagar, Lucknow 226010
प्रचालन
प्रचालन आरंभ 5 September 2017; 2 वर्ष पहले (5 September 2017)
स्वामि Lucknow Metro Rail Corporation
संचालक LMRC
गाड़ियों की संख्या 80
ट्रेन की लंबाई 4 coaches
हैडवे 5 Minutes[2]
तकनीकी
प्रणाली की लंबाई 22.87 कि॰मी॰ (14.21 मील)
पटरी गेज 1,435 mm (4 ft 8 12 in) (Standard gauge)[3]
विद्युतिकरण 25 kV Overhead[3]
औसत गति 32–34 किमी/घंटा (20–21 मील/घंटा)[3]
अधिकतम गति 90 किमी/घंटा (56 मील/घंटा)[3][4]
रूट का नक्शा

Lucknow Metro Route Map

Lucknow Metro Route Map (Tentative).svg

लखनऊ मेट्रो एक त्वरित यातायात प्रणाली है जो भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में लखनऊ शहर की सेवा करती है।[5] लाइन का निर्माण 27 सितंबर 2014 को ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग रेलवे स्टेशन तक 8.5 किमी (5.3 मील) के साथ शुरू हुआ था, जिसने 5 सितंबर 2017 को अपना वाणिज्यिक संचालन शुरू किया, जिससे यह देश में सबसे तेज मेट्रो रेल प्रणाली बन गई। चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के मेट्रो स्टेशन से मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन तक रेड लाइन पर पूर्ण परिचालन 9 मार्च 2019 को शुरू हुआ।

लखनऊ मेट्रो 22 स्टेशनों के साथ 22.87 किमी की दूरी तय करती है। यह दिल्ली मेट्रो, हैदराबाद मेट्रो, चेन्नई मेट्रो, नम्मा मेट्रो, नोएडा मेट्रो और कोलकाता मेट्रो के बाद भारत में सातवां सबसे लंबा परिचालन मेट्रो नेटवर्क है।[6] मेट्रो रेल के संचालन को मूर्त रूप देने और उस पर आने वाले खर्च को पूरा करने की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने वित्त, नगर विकास, आवास, ऊर्जा, लोक निर्माण, परिवहन ओर पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिवों और लखनऊ के मंडलायुक्त की एक समिति बना दी है।

लखनऊ और कानपुर में मेट्रो रेल शुरु होने के बाद सड़कों पर यातायात काफी कम हो सकेगा। वर्तमान में इन दोनों शहरों में हर महीने लगभग १००० नए चौपहिया वाहनों का पंजीकरण कराया जाता रहा है। लखनऊ में सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर बाइपास बना दिए जाने के बावजूद सड़कों पर गाड़ियों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इस कारण से यहां मेट्रो का त्वरित निर्माण अत्यावश्यक हो गया है। लखनऊ शहर में आरंभ में चार गलियारे निश्चित किये गए हैं:

  1. अमौसी से कुर्सी मार्ग,[7]
  2. बड़ा इमामबाड़ा से सुल्तानपुर मार्ग,[7]
  3. पीजीआई से राजाजीपुरम एवं[7]
  4. हज़रतगंज से फैज़ाबाद मार्ग[7]

उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ के अलावा कानपुर और गाजियाबाद शहरों में मेट्रो रेल चलाने की योजना बनाई है। गाजियाबाद दिल्ली के करीब होने से वहां मेट्रो रेल सबसे पहले शुरू हो सकती है। आवास-विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार गाजियाबाद में दिल्ली से वैशाली तक मेट्रो रेल का रास्ता साफ हो गया है तथा मेरठ में भी संभावना ढूंढी जायेगी।[8][6]इस परिवहन व्यवस्था की सफलता से प्रभावित होकर भारत के दूसरे राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश[8][6], महाराष्ट्र, राजस्थान[9][10] एवं कर्नाटक[11], आंध्र प्रदेश[11] एवं महाराष्ट्र[11] में भी इसे चलाने की योजनाएं बन रही हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Singh, Priyanka (2 June 2018). "Metro footfall surges with e-rickshaw feeder service - Times of India". The Times of India. Lucknow: Bennett, Coleman & Co. Ltd. OCLC 23379369. अभिगमन तिथि 11 August 2018.
  2. Singh, Priyanka (10 June 2017). "You will get a Metro every seven minutes". The Times of India. अभिगमन तिथि 19 September 2017.
  3. "Technical features of the Project". Lucknow Metro Rail Corporation. अभिगमन तिथि 19 September 2017.
  4. Singh, Priyanka (14 February 2017). "Lucknow Metro achieves maximum speed certificate of 90 kmph". The Times of India. अभिगमन तिथि 19 September 2017.
  5. "Metro lines cover only 3% of Gurugram".
  6. गाजियाबाद और लखनऊ में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को मंजूरी| याहू जागरण|३ फरवरी, २००९)
  7. (लखनऊ गेट्स प्रोजक्ट वर्थ २४०० करोड़ टाइम्स ऑफ इंडिया, ६ फरवरी २००९, फ़ैज़ रहमान सिद्दीकी)
  8. मेरठ में मेट्रो की संभावना तलाशेगी डीएमआरसी| ५ जून, २००९|याहू जागरण)
  9. अब जयपुर में भी मेट्रो ट्रेन ५ जून, २००९
  10. मेट्रो जयपुर सर्वे शुरु
  11. मुंबई, हैदराबाद, बंगलौर में होगी मेट्रो ७ अप्रैल, २००६ बीबीसी, हिन्दी