पुणे

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पुणे
मेट्रोपोलिस
ऊपर से नीचे, दाएं से बाएं : पुणे दृश्य, सैम मानेकशॉ मूर्ति पुणे कैंप, शनिवारवाड़ा, फगुस्सन कॉलेज बजी राव प्रथम मूर्ति शनिवारवाड़ा
ऊपर से नीचे, दाएं से बाएं : पुणे दृश्य, सैम मानेकशॉ मूर्ति पुणे कैंप, शनिवारवाड़ा, फगुस्सन कॉलेज बजी राव प्रथम मूर्ति शनिवारवाड़ा
उपनाम: "ऑक्सफ़ोर्ड ऑफ़ द ईस्ट", "दक्कन क्वीन", "Creative City" "Detroit of Maharashtra"[1][2]
पुणे की महाराष्ट्र के मानचित्र पर अवस्थिति
पुणे
पुणे
Location of Pune in India
पुणे की भारत के मानचित्र पर अवस्थिति
पुणे
पुणे
पुणे (भारत)
निर्देशांक: 18°31′13″N 73°51′24″E / 18.52028°N 73.85667°E / 18.52028; 73.85667निर्देशांक: 18°31′13″N 73°51′24″E / 18.52028°N 73.85667°E / 18.52028; 73.85667
Countryभारत
राज्यमहाराष्ट्र
जिलापुणे
शासन
 • प्रणालीनगरपालिका
 • सभापुणे महानगर पालिका
 • नगरपालिका कमीशनरसौरभ राव, भारतीय पौरसेवा[3][4][5]
 • मेयरमुक्ता तिलक (भाजपा)[6][7]
क्षेत्रफल[8][9]
 • पुणे शहर331.26 किमी2 (127.90 वर्गमील)
 • मेट्रो[10][11]7,256.46 किमी2 (2,801.73 वर्गमील)
ऊँचाई560 मी (1,840 फीट)
जनसंख्या (2017)[9][12]
 • दर्जा9 वां
 • मेट्रो7[10]
 • Metro Rank7
वासीनामपुणेकर
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
PIN Code(s)411001 – 411062[13]
दूरभाष कोड+91-20
वाहन पंजीकरणMH-12[14]
लोकसभा सदस्यगिरीश बापट 2019 (भाजपा, लोक सभा)[15][16]
सरकारी भाषामराठी
वेबसाइटpmc.gov.in/en
पुणे
नगर
Skyline of पुणे
देशभारत
राज्यमहाराष्ट्र
ज़िलापुणे
जनसंख्या (2011)[17]
 • नगर31,24,458
 • महानगर50,49,968
समय मण्डलआइएसटी (यूटीसी+5:30)
डाक_सूचक_संख्या411001 – 411062[18]
वेबसाइटwww.punecorporation.org/mr

पुणे भारत के महाराष्ट्र राज्य का एक महत्त्वपूर्ण शहर है। यह शहर महाराष्ट्र के पश्चिम भाग, मुलामूठा इन दो नदियों के किनारे बसा है और पुणे जिला का प्रशासकीय मुख्यालय है। पुणे भारत का छठवां सबसे बड़ा शहर व महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। सार्वजनिक सुखसुविधा व विकास के हिसाब से पुणे महाराष्ट्र मे मुंबई के बाद अग्रसर है। [19][20])अनेक नामांकित शिक्षणसंस्थायें होने के कारण इस शहर को 'पूरब का ऑक्सफोर्ड' भी कहा जाता है। पुणे में अनेक प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाईल उपक्रम हैं, इसलिए पुणे भारत का ”डेट्राइट” जैसा लगता है। काफी प्राचीन ज्ञात इतिहास से पुणे शहर महाराष्ट्र की 'सांस्कृतिक राजधानी' माना जाता है। मराठी भाषा इस शहर की मुख्य भाषा है।

पुणे शहर मे लगभग सभी विषयों के उच्च शिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। पुणे विद्यापीठ, राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, आयुका, आगरकर संशोधन संस्था, सी-डैक जैसी आंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान यहाँ है। पुणे फिल्म इन्स्टिट्युट भी काफी प्रसिद्ध है।

पुणे महाराष्ट्र व भारत का एक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है। टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, भारत फोर्ज जैसे उत्पादनक्षेत्र के अनेक बड़े उद्योग यहाँ है। 1990 के दशक मे इन्फोसिस, टाटा कंसल्टंसी सर्विसे, विप्रो, सिमैंटेक, आईबीएम जैसे प्रसिद्ध सॉफ्टवेअर कंपनियों ने पुणे मे अपने केंन्द्र खोले और यह शहर भारत का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगकेंद्र के रूप मे विकसित हुआ।

नाम[संपादित करें]

पुणे यह नाम 'पुण्यनगरी' नाम से आया समझा जाता है। यह शहर ई.स. 8 के शतक मे 'पुन्नक' (या 'पुण्यक') नाम से जाना जाता था, ऐसा सन्दर्भ मिलता है। ई.स. 11 के शतक मे 'कसबे पुणे' या 'पुनवडी' नाम से जाना जाने लगा। मराठा साम्राज्य के काल खंड मे शहर का नाम 'पुणे' मे रूप मे उपयोग मे लाया जाने लगा। ब्रिटिश ने उसे 'पूना' कह कर संबोधित करने की सुरुआत की। अब यह पुणे, इस आधिकारिक नाम से जाना जाता है।

इतिहास[संपादित करें]

आठवी शताब्दी मे पुणे को पुन्नक नाम से जाना जाता था। शहर का सबसे पुराना वर्णन ई.स. 758 का है, जब उस काल के राष्ट्रकूट राज मे इसका उल्लेख मिलता है। मध्ययुग काल का एक प्रमाण जंगली महाराज मार्ग पर पाई जाने वाली पातालेश्वर गुफा है, जो आठ्वी सदी की मानी जाती है।

17वीं शताब्दी मे यह शहर निजामशाही, आदिलशाही, मुगल ऐसे विभिन्न राजवंशो का अंग रहा। सतरहवी शताब्दी में शहाजीराजे भोसले को निजामशाहा ने पुणे की जमींदारी दी थी। इस जमींदारी मे उनकी पत्नी जिजाबाई ने ई.स. 1627 में शिवनेरी किले पर छत्रपती शिवाजीराजे भोसले को जन्म दिया। शिवाजी महाराज ने अपने साथियों के साथ पुणे परिसर में मराठा साम्राज्य की स्थापना की। इस काल मे पुणे में शिवाजी महाराज का वर्चस्व था। आगे पेशवा के काल मे ई.स. 1749 सातारा को छत्रपति की गद्दी और राजधानी बना कर पुणे को मराठा साम्राज्य की 'प्रशासकीय राजधानी' बना दी गई। पेशवा के काल मे पुणे की काफी तरक्की हुई। ई.स. 1818 तक पुणे मे मराठों का राज्य था।

मराठा साम्राज्य[संपादित करें]

पुणे शिवाजी महाराज के जीवन व मराठा साम्राज्य के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अंग है। ई.स. 1635-36 के दरमयान जब जिजाबाई व शिवाजी महाराज पुणे आवास के लिए आए, तबसे पुणे के इतिहास में एक नए पर्व का जन्म हुआ। शिवाजी महाराज व जिजामाता पुणे में लाल महाल मे रहते थे। पुणे के ग्रामदेवता- कसबा गणपती की स्थापना जिजाबाई ने की थी।

17वीं शतब्दी के प्रारंभ में, छत्रपती शाहू के प्रधानमंत्री, थोरले बाजीराव पेशवे को पुणे को अपना स्थाई आवास बनाना था। छत्रपती शाह महाराज ने इसकी अनुमती दी व पेशवा ने मुठा नदी के किनारे शनिवारवाडा बनाया।

खरडा इस ऐतिहासिक किले पर मराठों एवं निज़ाम के बीच ई.स. 1795 के बीच युध्द हुआ। ई.स. 1817 को पुणे के पास खडकी ब्रिटिश व मराठों में युध्द हुआ। मराठो को इस युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ा व ब्रिटिश ने पुणे को अपने कबजे मे कर लिया। ब्रिटिश ने पुणे के महत्व को समझते हुए शहर के पूर्व मे खडकी कँटोन्मेंट (लष्कर छावनी) की स्थापना की। ई.स. 1858 मे पुणे महानगरपालिका की स्थापना हुई। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पुणे मे अनेक नामांकित शिक्षण संस्थाओ की स्थापना हुई।

स्वातंत्रा संग्राम[संपादित करें]

भारतीय स्वातंत्रा संग्राम मे पुणे के नेताओं और समाज सुधारकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकमान्य तिलक और सावरकर जैसे नेताओं के कारण पुणे राष्ट्र के नक्शे पर अपने महत्व को दर्शाता रहा। महादेव गोविंद रानडे, रा.ग. भांडारकर, विठ्ठल रामजी शिंदे, गोपाल कृष्ण गोखले, महात्मा फुले जैसे समाजसुधारक व राष्ट्रीय ख्याती के नेता पुणे से थे।

भूगोल[संपादित करें]

पुणे का स्थान 18°31'22.45" उत्तर अक्षांश, 73° 52' 32.69 पूर्व रेखांश है।

पुणे का मध्यबिंदु (Zero milestone) पुणे जी.पी.ओ पोस्ट ऑफिस के बाहर है। जी.पी.ओ. पुणे सह्याद्रि पर्वत के पूर्व और समुद्रतल से 560 मी (1,837 फूट) की ऊचाँई पर है। भीमा नदीकी उपनदियाँ मुला व मुठा के संगम पर यह शहर बसा है। पवनाइंद्रायणी ये नदियाँ पुणे शहर के उत्तर-पश्चिम दिशा मे बहती है। शहर का सर्वोच्च बिंदु वेताल टेकडी (समुद्रतल से 800 मी) है और शहर के पास का सिंहगड किले की ऊचाँई 1300 मी. है।

पुणे शहर कोयना भूकंप क्षेत्र मे आता है जो पुणे शहर से 100 कि॰मी॰ दक्षिण दिशा मे है। पुणे में मध्यम व छोटे भूकंप आए है। कात्रज, में 17 मई, 2004 को 3.2 रि. स्केल का भूकंप आया था।

पेठ[संपादित करें]

पुणे शहर के पूर्व में नदी किनारे पेठ के अनुसार बढता गया, जो नए उपनगर है और जुडते हुए शहर का विस्तार करते चले गए है। पेठ के नाम सप्ताह के दिनो के नाम और ऐतिहासिक व्यक्तियों के नाम पर रखे गए। पुणे के पेठ के नाम इस प्रकार हैं:

पुणे ये १७ पेठ का शहर है। कसबा पेठ, रविवार पेठ, सोमवार पेठ, मंगलवार पेठ, बुधवार पेठ, गुरुवार पेठ, शुक्रवार पेठ, शनिवार पेठ, गंज पेठ (महात्मा फुले पेठ), सदाशिव पेठ, नवी (सदाशिव) पेठ, नारायण पेठ, भवानी पेठ, नाना पेठ, रास्ता पेठ, गणेश पेठ, घोरपडे पेठ।

वातावरण[संपादित करें]

पुणे शहर मे गर्मी, (मौनसून) वर्षा व शीत ऋतु होती है। मार्च से मई (तापमान 25°- 29° से.) सबसे गर्म महीने हैं। मई महीने में बारिश शुरु होती है। जून महीने मे अरब सागर से मानसून की हवाएँ शुरू होती है। पुणे में वार्षिक 722 मि.मी. बारिश होती है। जुलाई महिने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। बारिश मे तापमान 20°- 28° से. होता है।

मानसून के बाद अक्तूबर महीने मे दिन मे तापमान बढ़ता है मगर रात को ठंढ़ होती है। सर्दी नवंबर से फरवरी महीनों मे रहती है। इस समय पुणे भेट करने के लिए सर्वोत्तम समय है। इस समय दिन का तापमान 29°से तो रात्रि का तापमान 10°से नीचे होता है। दिसंबरजनवरी महीनों में तापमान 5-6°से तक नीचे जाता है। पुणे का अधिकतम तापमान 43.3°से, 20 अप्रैल, 1987/7 मई, 1889 को और (1781-1940 के बीच के वर्षो मे) न्यूनतम तापमान 1.7°से 17 जनवरी 1935 को दर्ज किया गया। जनवरी 1991 मे पुणे का तापमान 2.8°से था।

जैवविविधता[संपादित करें]

पुणे शहर के डाक कार्यालय से 25 कि॰मी॰ दूर त्रिज्या के परिसर मे साधारणतः 1,000 पुष्प-वनस्पति की प्रजातियाँ, १०४ फुलपाखर की प्रजातियाँ, 350 पक्षियो की प्रजातियाँ और 64 स्तनधारी प्राणियों की प्रजातियाँ पाई गई है।

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

पुणे एक महत्वपुर्ण औद्योगिक केंद्र है। महाराष्ट्र राज्य मे मुंबई महानगर के बाद पुणे ही सर्वाधिक औद्योगिक शहर है। विश्व मे सर्वाधिक दुपहिए बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो पुणे मे है। भारत मे सर्वाधिक प्रवासी वाहन और औद्योगिक वाहन बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स, कायनेटिक, डाइमलर-क्रायस्लर (मर्सिडिस-बेंज), फोर्स मोटर्स (बजाज टेंपो) जैसे उद्योग पुणे मे स्थित है।

पुणे के अभियांत्रिकी उद्योग - भारत फोर्ज (विश्व की दुसरी सबसे बडी फोर्जिंग कंपनी), कमिन्स इंजिन्स, अल्फा लव्हाल, सँडविक एशिया, थायसन ग्रुप (बकाऊ वूल्फ),केएसबी पंप, फिनोलेक्स, ग्रीव्हज् इंडिया, फोर्ब्स मार्शल, थर्मेक्स इत्यादी।

विद्युत व गृहपयोगी वस्तू निर्माता व्हर्लपूल और एल.जी. के उत्पादन कारखाने, फ्रिटो-लेज, कोका-कोला के अन्न प्रक्रिया उद्योग पुणे मे स्थित है। अनेक मध्यम व छोटे उद्योग पुणे मे है। अन्तरराष्ट्रीय हवाईमार्ग से पुणे को जोडने के बाद से जिले मे अनेक उद्योग निर्यात करने लगे है।

पुणे मे सूचना प्रौद्योगिकी के प्रतिष्ठान भी काफी है। हिंजवडी स्थित राजीव गांधी आय.टी पार्क, मगरपट्टा सायबरसिटी, तलवडे एम.आय.डी.सी. सॉफ्टवेर पार्क, मॅरिसॉफ्ट आय.टी. पार्क (कल्याणीनगर), आय.सी.सी. इत्यादी आय.टी पार्क्स मे आय.टी उद्योग भरपूर चालू है।

महत्वपूर्ण भारतीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ - इन्फोसिस, टाटा, फ्ल्युएंट, क्सांसा, टी.सी.एस., टेक महिंद्रा, विप्रो, पटनी, सत्यम, सायबेज, के.पी.आय.टी. कमिन्स, दिशा, पर्सिस्टंट सिस्टम्स, जियोमेट्रिक सॉफ्टवेयर, नीलसॉफ्ट व कॅनबे पुणे मे है।

महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेर कंपनियाँ -बी.एम.सी. सॉफ्टवेयर, एनव्हिडिया ग्राफिक्स, एच.एस.बी.सी. ग्लोबल टेक्नोलॉजिस, आय.बी.एम., रेड हॆट, सिमेन्स, ई.डी.एस., युजीएस, आयफ्लेक्स, कॉग्नीझंट, सिमांटेक, सनगार्ड, वर्संट, झेन्सार टेक्नालॉजीस, टी-सिस्टम और एसएएस, आयपीड्रम।

डॉ प्रवीण भागवत ने सेवा आधरित प्रतिष्ठानों से हटकर सन् २००२ ई. में अपने सॉफ्टवेअर उत्पाद आधारित प्रतिष्ठान एअरटाइट नेटवर्क्स के लिये पुणे का चयन किया। आज यह कंपनी अपने पाँच उत्पादों के साथ संपूर्ण विश्व के बेतार संगणक संजालों (wireless computer networks) की वाई-फाई आक्रमणों से सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है।यद्यपि पुणे भारतीय शहरों से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) निर्यात के मामले में तीसरे स्थान पर है, लेकिन उसने आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं (आईटीएस) के निर्यात में सबसे तेजी से 11% की वृद्धि दर्ज की है, जो 2015-16 में, 34,400 करोड़ से बढ़कर ,000 43,000 हो गई है 2017-18 में करोड़।

बेंगलुरु ने lakh 1.52 लाख करोड़ के आईटी निर्यात के साथ देश का नेतृत्व करना जारी रखा, हैदराबाद ने crore 51,500 करोड़ के निर्यात को पंजीकृत किया जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के लिए चिंतनशील हैं। हालांकि, सबसे तेज वृद्धि 11% पुणे में दर्ज की गई, भारत के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (एसटीपीआई) के निदेशक संजय कुमार गुप्ता ने कहा।

उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के लिए जिम्मेदार कारक काफी हद तक महाराष्ट्र सरकार द्वारा उद्योग को दिए जाने वाले राजकोषीय प्रोत्साहन हैं।

गुप्ता ने कहा कि राज्य ने पिछले साल year 74,000 करोड़ के सॉफ्टवेयर निर्यात का उत्पादन किया, लेकिन इसमें से 34,000 करोड़ पुणे से ही आए। उन्होंने कहा कि इन निर्यातों में से पच्चीस फीसदी निर्यात वित्तीय कंपनियों के थे जो आईटी क्षेत्र में तेजी से बढ़ते उद्योग का गठन करते हैं।

अपनी एसटीपीआई नीति के तहत महाराष्ट्र सरकार आईटी कंपनियों को कई प्रोत्साहन प्रदान करती है। उनमें से प्रमुख एकल खिड़की निकासी, संपत्ति कर और बिजली शुल्क (ईडी) छूट पर रियायती दरें हैं। “एसटीपीआई ने केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया नीति के साथ गठबंधन किया है। हम स्टार्टअप के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर चलाते हैं और राज्य सरकार सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए ईडी की छूट भी प्रदान करती है।

इसके अलावा, सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए संपत्ति कर की गणना आवासीय दरों पर की जाती है, न कि वाणिज्यिक दरों पर।

हालांकि, इन मुद्दों को विद्याधर पुरंदरे, मानद सचिव, सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ पुणे (SEAP) के अनुसार अंतिम मील अंतराल की आवश्यकता है। पुरंदरे ने कहा कि हालांकि नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज) कहती है कि पुणे में 4.5 लाख आईटी कर्मचारी हैं, लेकिन कोई भी ऐसी एजेंसी नहीं है जो सॉफ्टवेयर कंपनियों का पंजीकरण करती हो। जबकि पुणे नगर निगम (पीएमसी) हिंजेवाड़ी और मान क्षेत्रों में 1,200 इकाइयों से संपत्ति कर एकत्र करता है, कुछ इकाइयां हैं जो पीएमसी, एसईएपी या किसी एजेंसी के साथ पंजीकृत नहीं हैं। पुरंदरे ने कहा, "हमें एक-बिंदु डेटा संग्रह करने की आवश्यकता है।"

"ग्रामीण पंचायतें अक्सर संपत्ति कर लाभ नियम का पालन नहीं करती हैं, भले ही इसे राज्य सरकार और स्थानीय नगर निकाय द्वारा अनुमोदित किया गया हो और ऐसी सॉफ़्टवेयर कंपनियों से व्यावसायिक दरों का शुल्क लिया जाता है," उन्होंने कहा।

सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए छह प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट से संबंधित कुछ अंतिम मील मुद्दे भी हैं। यह लाभ तभी दिया जाता है जब सब-मीटर कंपनी के नाम पर हो। जब कोई आईटी कंपनी कार्यालय की जगह किराए पर ले सकती है या खरीद सकती है, तो समस्याएं उत्पन्न होती हैं, लेकिन बिल्डर या डेवलपर कंपनी को विद्युत उप-मीटर स्थानांतरित करने में विफल होते हैं।

एक उदाहरण का हवाला देते हुए, पुरंदरे ने कहा, “एक एसईजेड में एक लाख वर्ग फीट कार्यालय स्थान वाली एक कंपनी प्रति वर्ष bill 35 लाख का बिजली बिल उत्पन्न कर सकती है। इस पर 6% के नुकसान की कल्पना करें, क्योंकि यह उप-मीटर नियम के कारण इस लाभ का दावा नहीं कर सकता है। उद्योग, राज्य सरकार, स्थानीय नगर निकाय, सभी संघों और ग्रामीण पंचायतों को एक साथ बैठना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आईटी और इसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई सभी नीतियां, ऐसे अंतिम मील अंतराल नहीं हैं, ”उन्होंने कहा।

अधिक पढ़ें शरद पवार 78 साल के हो गए, राष्ट्रीय राजनीति में फिर से महत्व हासिल करना चाहते हैं शरद पवार 78 साल के हो गए, राष्ट्रीय राजनीति में फिर से महत्व हासिल करना चाहते हैं पुणे में सीजन का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है पुणे में सीजन का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है उन्होंने कहा कि कर्नाटक आईटी निर्यात में बड़े पैमाने पर नीतियों और उद्योग की भागीदारी के कारण होता है। जबकि महाराष्ट्र और कर्नाटक ने अपने आईटी उद्योगों के साथ उसी समय के आसपास शुरू किया, अंतर यह था कि कर्नाटक में नारायण मूर्ति (एक भारतीय आईटी उद्योगपति और इन्फोसिस के सह-संस्थापक) ने बेंगलुरू को आईटी उद्योग, पुरंदरे में अग्रणी बनाने के लिए अभियान चलाया था। कहा हुआ।

उन्होंने कहा, "पुणे, भी, सभी हितधारकों को एक साथ आने और चर्चा करने की आवश्यकता है कि कैसे नीतिगत लाभों को पारित किया जा सकता है और पुणे को आईटी और आईटीएस उद्योग का नंबर 1 निर्यातक बनाने के लिए क्या करने की आवश्यकता है," उन्होंने कहा।

उनके अनुसार, ऑटो, इंजीनियरिंग, आईटी और एजुकेशनल हब के रूप में पुणे का उद्भव सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर इसकी वृद्धि में महत्वपूर्ण वृद्धि कर सकता है। “यह इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) हब बन सकता है, यह देखते हुए कि यह ऑटो उद्योग में नंबर 1, आईटी में नंबर 2 है और इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों के लिए अग्रणी केन्द्रों में से एक है। आइओटी स्पेस में कुछ स्टार्टअप्स के मूवमेंट को पुणे में घूमते हुए देखा जा सकता है। यदि हम अपने यातायात, श्रम और अन्य बुनियादी ढाँचे के मुद्दों का प्रबंधन कर सकते हैं, तो हम बेंगलुरु को हरा सकते हैं। आखिरकार निवेशक अपना पैसा यहां लगाने से पहले ऐसे सभी मुद्दों की जांच करेंगे, ”उन्होंने कहा। पुणे: शहर के आईटी विकास की कहानी सिर्फ बेहतर हो रही है, बुद्धि ..भारत में सॉफ्टवेयर निर्यात में बैंगलोर केवल पुणे से पीछे है पुणे-मुंबई नॉलेज कॉरिडोर ने आईटी और आईटीईएस उद्योग के साथ दो शहरों में मजबूती से प्रभावित किया है। सॉफ्टवेयर उद्योग 2010 तक $ 54 बीएन निर्यात का लक्ष्य रखता है

उत्तर से आईटी निर्यात 30%, Infy शीर्ष निर्यातक देश में आईटी निर्यात में महाराष्ट्र नंबर दो पर पहुंच गया है और पुणे क्षेत्र आईटी निर्यात का प्रमुख स्रोत है। कुल सॉफ्टवेयर का निर्यात महाराष्ट्र से बाहर 51,760 करोड़ रुपये है, जो केवल कर्नाटक में (80,000 करोड़ रुपये) है।


विज्ञापन शहरों के बीच, पुणे के बाद सॉफ्टवेयर निर्यात में पुणे देश में दूसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2012-13 में, पुणे का सॉफ्टवेयर निर्यात 29,589.25 करोड़ रुपये था। पुणे के बाद मुंबई है, जिसमें 21,811.13 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ।

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जबकि पुणे और मुंबई में आईटी निर्यात में शेर की हिस्सेदारी जारी है, अन्य केंद्र भी आईटी निर्यात मानचित्र पर आ रहे हैं। उनमें से प्रमुख नागपुर है, जिसमें 215.85 करोड़ रुपये का निर्यात देखा गया है, नासिक 112.36 करोड़ रुपये में, कोल्हापुर 46.80 करोड़ रुपये में और औरंगाबाद 5.56 करोड़ रुपये पर है। इससे महाराष्ट्र का कुल निर्यात 51,76,000 करोड़ रुपये हो जाता है।


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पुणे-मुंबई नॉलेज कॉरिडोर ने आईटी और आईटीईएस उद्योग के साथ दो शहरों में मजबूती से प्रभावित किया है।

एसटीपीआई ने हाल ही में अपने पश्चिमी भारत के मुख्यालय को मुंबई से पुणे स्थानांतरित कर दिया है। आईटी उद्योग, विशेषकर आईटी उत्पाद कंपनियों के लिए अच्छी खबर यह है कि एसटीपीआई स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में अधिक गंभीर खिलाड़ी के रूप में खुद को प्रतिष्ठित करना चाहता है। डॉ। राय ने कहा कि एसटीपीआई इनक्यूबेटर की भूमिका निभाएगी, जोखिम पूंजी प्राप्त करने में सहायता करेगी, विपणन में मदद करेगी और आईपीआर दाखिल करने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि एसटीपीआई उत्पाद कंपनियों को एक अंतर टैरिफ संरचना प्रदान करेगी ताकि वे उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए सेवा कंपनियों की तुलना में कम पट्टे पर किराया दे सकें। एसटीपीआई स्टार्ट-अप के लिए प्रवेश और निकास को आसान बनाने और आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स पर नई राष्ट्रीय नीतियों के तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए अपने नियमों को संशोधित करने की प्रक्रिया में है। सरकार द्वारा उद्योग के परामर्श से इन संशोधनों को तैयार किया जा रहा है और एसटीपीआई के तहत स्टार्ट-अप्स को पंजीकृत करने में मदद मिलेगी, राय ने आईटी उद्योग 2014 में मीडिया एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ पुणे (एसईएपी) और एनएडकॉम द्वारा आयोजित बैठक में कहा। बुधवार को पुणे।

SEAP के उपाध्यक्ष प्रशांत पानसरे ने कहा, “पुणे एशिया में सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक रहा है, और भारत में यह बैंगलोर के बाद दूसरा सबसे बड़ा आईटी गंतव्य है। SEAP सॉफ्टवेयर निर्यातकों, MSMEs, स्टार्ट-अप्स, इनोवेटर्स और संबद्ध क्षेत्रों के एक प्रभावी इको-सिस्टम का निर्माण करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, ताकि पुणे को पसंदीदा आईटी गंतव्य के रूप में स्थान मिल सके। सरकार की आईटी नीति और एसटीपीआई नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं, जिससे आईटी खंड की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई है और यह बैठक इन मुद्दों को हल करने और उद्योग की चिंताओं को उजागर करने के लिए आयोजित की गई। ”

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महाराष्ट्र की राजनीति में वापसी का सवाल नहीं: गडकरी उन्होंने कहा, "आगे जाकर, SEAP में हमारा मुख्य ध्यान नवाचार, उत्पाद विकास, उद्यमशीलता और स्टार्ट-अप मेंटरिंग को प्रोत्साहित करना होगा।"

इस अवसर पर SEAP की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य अभिजीत अत्रे भी उपस्थित थे।

आईटी स्टार्ट-अप के लिए एसटीपीआई भारत में अपनी सुविधाओं में 10 लाख वर्ग फुट जगह बना रहा है। पुणे में पहले से ही 40,000 वर्ग फुट एसटीपीआई स्थान है और 13,000 वर्ग फुट का यह स्थान प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ स्टार्ट-अप के लिए उपलब्ध है।

268/5000 पुणे भारत का सबसे बड़ा आईटी पार्क है, जिसे हिंजेवाड़ी में राजीव गांधी आईटी पार्क कहा जाता है। शहर भारत में अग्रणी आईटी सेवा केंद्रों में से एक है, जिसमें कई समर्पित आईटी पार्क जैसे कि ईओएन फ्री ज़ोन, मगरपट्टा, हिंजेवाड़ी, औंध आईटी पार्क, कॉमर्जोन और बिज़नेस बे शामिल हैं। पुणे वर्ष के दौरान पहलों को कवर किया गया • भूगोल बुद्धिमान: पुणे, औरंगाबाद, सोलापुर, इचलकरंजी, कोल्हापुर, गोवा, नागपुर, सतारा • फोरम वार: डीपटेक, एचआर, कंप्लायंस, जीसीसी, एसएमई, कॉर्पोरेट एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंस, ईआर एंड डी, एकेडेमिया, GTD, सेल्स एंड मार्केटिंग, D & I • बकाया सत्र, घटनाएँ, लैंडमार्क वक्ताओं को संबोधित किया - कार्य करने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान का निर्माण - वक्ता: रजत रहेजा, कंट्री हेड, आमद | शशांक भूषण, VP HR इंडिया / APAC & COO, BMC | विवेक रंजन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सीएचआरओ, ज़ेंसर DevOps पर सत्र - अध्यक्ष: स्कॉट डेविस, सॉल्यूशंस इंजीनियर, एटलसियन ने सिडनी से उड़ान भरी, इस सत्र में देने के लिए ऑस्ट्रेलिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सत्र - अध्यक्ष: पियरलुइगी कैसले, समूह डेटा वैज्ञानिक, टॉमटॉम शामिल हुए नीदरलैंड से अपनी अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए कॉर्पोरेट प्रशासन फोरम का गठन: संकट के दौरान संचार रणनीति को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस आयुक्त और नोडल अधिकारी की नियुक्ति करना मैकिन्से द्वारा कार्यशाला: डिजिटल परिवर्तन और उद्योग 4.0: वक्ता: समीर जोशी, वीपी, प्रमुख of India & Middle East, Tata Technologies | डॉ। तिलक अरविंद, सीईओ, एसेंट इन्टेलिमेशन प्रा। लिमिटेड | अनिल घगड़े, प्रमुख - कॉर्पोरेट रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, ईटन | शंकर जी राव, प्रमुख - डिजिटल परिवर्तन कार्यालय, बॉश व्यापार कनेक्ट सत्र, CoE आदि • 80 से अधिक उद्यम या तो एक से एक कनेक्टिंग मेल के माध्यम से या सीमित और विशिष्ट प्रतिभागियों के साथ राउंडटेबल्स के माध्यम से जोड़ता है • विभिन्न संगठनों जैसे राष्ट्रीय बीमा अकादमी, फ्रैंकफर्ट राइनमैन, एनआईबीएम, आदि के साथ सहयोग से सदस्यों को संभावित ग्राहकों के करीब लाने और व्यापार के लिए नई भौगोलिक स्थिति का पता लगाने में मदद मिली। सत्रों में शामिल कंपनियों / लोगों की संख्या - लगभग 550 कंपनियां और 1600 लोग पुणे में अत्याधुनिक सुविधाओं में निवेश करना शुरू किया और भारत में 15 स्थानों पर बड़े वितरण केंद्रों का निर्माण शुरू किया। इंफोसिस ने चंडीगढ़, भुवनेश्वर, पुणे, मैसूर, हुबली और तिरुवनंतपुरम में अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किए हैं, जबकि टेक महिंद्रा ने हिंजेवाड़ी, पुणे, चंडीगढ़ और नोएडा में परिचालन शुरू किया है। एसटीपीआई ने छोटे स्थानों की क्षमता को भी पहचाना है और छोटे शहरों में सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क खोले हैं। उल्लेखनीय रूप से, एसटीपीआई-मोहाली से निर्यात वित्त वर्ष २०१२-१३ में २,२२2. in२ करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्त वर्ष में १ ९, ९ ६.११ करोड़ रुपये था। इसी तरह, चंडीगढ़ (Rs.405.10 करोड़), गुजरात (Rs.982.40 करोड़), छत्तीसगढ़ (Rs.12.29 करोड़), हिमाचल प्रदेश (Rs.6.28 करोड़), झारखंड (Rs.7.04 करोड़), केरल (Rs.240.70) जैसे क्षेत्र करोड़ों में, मध्य प्रदेश (रु। 24.44 करोड़), पांडिचेरी (रु। 17.20 करोड़), उत्तराखंड (रु। 5.5.54 करोड़) और राजस्थान (Rs.637.76 करोड़) ने वित्त वर्ष 2012-13 में देश के सॉफ्टवेयर निर्यात में वृद्धि की है। राज्यों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई सरकार के फोकस के साथ, प्रवृत्ति जारी रखने के लिए पसंद है पुणे $ 1 बिलियन सॉफ्टवेयर निर्यात चिह्न से कम है


पिछले वित्त वर्ष में 2003-04 में 50 प्रतिशत की मात्रा में उछाल के बावजूद, पुणे से सॉफ्टवेयर निर्यात ने जादुई $ 1 बिलियन का आंकड़ा पार नहीं किया है। निर्यात 200 करोड़ रुपये कम हो गया।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ़ इंडिया, पुणे एक्स-क्यूटिव डायरेक्टर एसके गुप्ता थे हालांकि, विश्वास है कि शहर अपनी 50 प्रतिशत वृद्धि जारी रखेगा आगामी वर्ष में दर।

"चिंता की कोई बात नहीं है। हमने $ 1 बिलियन का अनुमान लगाया था इस तथ्य पर विचार करते हुए कि 100 से अधिक कंपनियां एसटीपीआई द्वारा पंजीकृत थीं पिछले साल पुणे में। जबकि इन कंपनियों ने काम शुरू किया, उन्होंने बिलिंग शुरू नहीं की अभी तक, "उन्होंने समझाया।

शहर के पिता के अनुमान के अनुसार पुणे 4,200 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने में कामयाब रहा 4,400 करोड़ रुपये का आंकड़ा। गुप्ता को भरोसा था कि शहर जारी रहेगा बड़े के प्रवेश के कारण इस वर्ष वृद्धि की अपनी प्रचंड गति बनाए रखें सॉफ्टवेयर कंपनियों पुणे में।

“विप्रो स्पेक्ट्रममाइंड ने आखिरी तिमाही में अकेले 12 करोड़ रु। अगर हम इन आंकड़ों को देखें, तो कई अन्य कंपनियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है और यह विकास के आंकड़ों में परिलक्षित होगा, "उन्होंने कहा। पिछले साल, बड़ी कंपनियों जैसे EDS, Amdocs, Aviva, Convergys, vCustomer, HSBC ने पुणे में दुकान स्थापित की। इस साल मई तक, एसटीपीआई ने अन्य 15 इकाइयों को पंजीकृत किया।

एसटीपीआई द्वारा स्थापित ऊष्मायन केंद्र पैक किया गया है। गुप्ता ने कहा कि वे अधिक स्थान की आवश्यकता थी, जो अतिरिक्त 150 के रूप में आ रहा है राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क, हिंजेवाड़ी के तीसरे चरण के लिए एकड़ जमीन जारी की गई। पुणे यह प्रमुख भारतीय आईटी सेवाओं और आउटसोर्सिंग निर्यातकों में से एक है। सभी कंपनियां स्थिर पर्यावरण और महान कार्य संस्कृति के कारण पुणे का हिस्सा बनना चाहती हैं। महाराष्ट्र: आईटी-आईटीईएस सेक्टर 31% 10% 12% 1 1% 8% 7% 6% टियर I शहरों के सॉफ्टवेयर निर्यात में योगदान देता है FY2013-14 बंगलौर हैदराबाद पुणे चेन्नई मुम्बई गुरुगांव नोएडा भारत • सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोर्सिंग गंतव्य है, जो कि 124-110 बिलियन अमरीकी डालर का लगभग 52 प्रतिशत है। मंडी • 38 प्रतिशत के साथ, भारत के कुल सेवाओं के निर्यात में आईटी-बीपीएम क्षेत्र की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है • यह निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा नियोक्ता भी है महाराष्ट्र • महाराष्ट्र इस क्षेत्र में देश के सॉफ्टवेयर निर्यात के 20 प्रतिशत से अधिक के लिए अग्रणी राज्यों में से एक है • 2016-17 के दौरान, महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MIDC), CIDCO और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया ने कुल मिलाकर 37 सार्वजनिक आईटी विकसित किए पार्क और स्वीकृत 472 आईटी पार्क। कुल 487 आईटी पार्कों में से, 170 पार्क पहले से ही यूएस $ 586.4 मिलियन और यूएस $ के समग्र निवेश के साथ चालू हैं शेष 317 आईटी पार्क परियोजनाओं के लिए 1,589.85 मिलियन प्रस्तावित किए गए हैं जो प्रसंस्करण चरण में हैं। 76 86 100 112 २३ ३२ ४। ५ 0 50 100 150 2013 2014 * 2015 * 2016 भारत में आईटी सेक्टर (निर्यात और घरेलू) USD में एक अरब घरेलू निर्यात करें

  • आईटी क्षेत्र के लिए अनुमानित राजस्व (निर्यात और घरेलू)

नासिक औरंगाबाद पुणे नागपुर अमरावती अहमदनगर MumbaiThane कोल्हापुर सतारा सोलापुर सांगली लातूर आईटी-आईटीईएस हब प्रमुख आईटी-आईटीईएस हब • पुणे और मुंबई में एक साथ USD 8 से अधिक के आईटी निर्यात में शेर की हिस्सेदारी है एक अरब • टीसीएस, विप्रो एचसीएल जैसी आईटी कंपनियों के साथ एक और प्रमुख शहर नागपुर है। आईटी पार्क और MIHAN SEZ में अन्य के बीच लगातार प्रौद्योगिकियां • औरंगाबाद, नासिक, कोल्हापुर, सॉफ्टवेयर निर्यात केंद्र के रूप में भी उभर रहे हैं • नासिक बीपीओ कंपनियों जैसे डब्ल्यूएनएस ग्लोबल के साथ बीपीओ हब के रूप में भी उभर रहा है सेवाएं, ट्रिकॉम इंडिया और डाटामैटिक्स समर्पित संस्थान • सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) एक प्रमुख तृतीय पक्ष है देश में आईटी और ई (सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स) में अनुसंधान और विकास संगठन वैश्विक के संदर्भ में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी क्षमताओं को मजबूत करने पर काम कर रहा है घटनाक्रम • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT-B) प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान है मुंबई में स्थित विशेष इंजीनियरिंग में अध्ययन के लिए विकसित किया गया और तकनीकी विज्ञान पुणे में शीर्ष आईटी कंपनियां 21 दिसंबर, 201816433 यह फ्रेशर्स के लिए प्यून कंपनियां हैं ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान मराठा गढ़ होने के साथ-साथ एक सैन्य केंद्र होने के कारण पुणे का एक समृद्ध इतिहास रहा है। वर्तमान पुणे नाटकीय रूप से बदल गया है और अवसर के मामले में आगामी शहरों में से एक है।

कई कंपनियों ने युवा पेशेवरों के उच्च घनत्व, सौहार्दपूर्ण मौसम और मुंबई में इसकी निकटता के कारण पुणे में अपने कार्यालय स्थापित किए हैं।

पुणे में सर्वश्रेष्ठ आईटी कंपनियां इंफोसिस टीसीएस टेक महिंद्रा जानकार विप्रो Amdocs एक्सेंचर एटोस सिंटेल कैपजेमिनी iNautix / BNY मेलन लगातार सिस्टम ज़ेनसर टेक Synechron आईबीएम सिमेंटेक एल एंड टी इन्फोटेक साइबेज सॉफ्टवेयर पीटीसी  

इंफोसिस आईटी कंपनी प्यून

इन्फोसिस भारत की सबसे बड़ी आईटी फर्मों में से एक है और कई लोगों द्वारा इसे पहली कंपनी माना जाता है जिसने देश में प्रौद्योगिकी / आईटी क्रांति को गति दी। इन्फोसिस के पास 10.93 बिलियन डॉलर का राजस्व है और भारत और दुनिया भर में 200,000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करता है। इन्फोसिस के 89% कर्मचारी भारत से बाहर हैं, जिनमें से 79% सॉफ्टवेयर पेशेवर हैं।

पुणे में इन्फोसिस का मुख्य कार्यालय राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में स्थित है और यह पुणे के हिंजेवाड़ी में सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है।

 

टीसीएस तकनीकी कंपनियां

Tata Consultancy Services भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी है और इसे 1950 में शुरू किया गया था। इसमें 19 बिलियन डॉलर का राजस्व है। टीसीएस फ्रेशर्स को नियुक्त करती है और भर्ती के सबसे बड़े अवसरों में से एक है। TCS भारत में सबसे बड़े निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं में से एक है, जो केवल भारतीय सेना, इंडिया पोस्ट और भारतीय रेलवे से पीछे है।

उनके दुनियाभर में और भारत में 400,000 कर्मचारी हैं।

TCS का मुख्य कार्यालय पुणे में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में हिंजेवाड़ी में स्थित है

 

टेक महिंद्रा आईटी कंपनी प्यून में नौकरी

टेक महिंद्रा को इस सूची में होना चाहिए क्योंकि यह पुणे में मुख्यालय है और 1986 में पुणे में स्थापित किया गया था। टेक महिंद्रा के अध्यक्ष भारत के सबसे लोकप्रिय व्यापार नेताओं में से एक है, जो आनंद महिंद्रा है।

टेक महिंद्रा का राजस्व $ 4.77 बिलियन है और वे भारत में बहुमत के साथ 113,550+ से अधिक कर्मचारियों को काम पर रखते हैं। टेक महिंद्रा को भारत की 5 वीं सबसे बड़ी आईटी कंपनी माना जाता है।

टेक महिंद्रा के पुणे में यरवदा और विमन नगर जैसे क्षेत्रों में कई कार्यालय हैं। लेकिन उनका मुख्य कार्यालय हिंजेवाड़ी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में स्थित है।

 

जानकार प्यून प्रौद्योगिकी कंपनियों

कॉग्निजेंट एक अमेरिकन मल्टी-नेशनल है जिसकी स्थापना न्यू जर्सी में कुमार महादेवा नामक श्रीलंकाई अमेरिकी द्वारा की गई थी। यह फोर्ब्स के अनुसार फॉर्च्यून 500 सूची का हिस्सा है और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली एक भी है।

कॉग्निजेंट के पास 14.81 बिलियन डॉलर का राजस्व है और भारत में इसके 64,000 कर्मचारी हैं। वर्ष 2018 में, कॉग्निजेंट ने 195 के रैंक के साथ फॉर्च्यून 500 सूची में अपने करियर का सर्वोच्च स्थान हासिल किया।

कॉग्निजेंट के पुणे में कई कार्यालय हैं, जिनमें से एक हिंजेवाड़ी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में है।

 

विप्रो शीर्ष तकनीकी कंपनियां

विप्रो एक व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय बैंगलोर में है। उनके पास आईटी के अलावा कई व्यवसायों में उपस्थिति है और प्रतिष्ठित संस्थापक अजीम प्रेमजी द्वारा चलाया जाता है। उनके पास $ 8.4 बिलियन का राजस्व और 164,000+ लोगों का एक कर्मचारी प्रमुख है।

2002 में, Wipro आईएसओ 14001 प्रमाणित होने वाली भारत की पहली आईटी कंपनी बन गई।

पुणे में विप्रो का कार्यालय मिंज पुणे में इन्फोटेक पार्क में और साथ ही राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में पुणे इन्फोटेक पार्क में स्थित है।

 

Amdocs आईटी में नौकरी के अवसर

यद्यपि अन्य भारतीय आईटी कंपनियों के रूप में लोकप्रिय नहीं है, Amdocs मिसौरी में मुख्यालय वाली एक बड़ी कंपनी है। उनकी सेवाएं मुख्य रूप से संचार, मीडिया और वित्त उद्योग के लिए सॉफ्टवेयर लिखने के बारे में हैं।

Amdocs की स्थापना 1982 में हुई थी और अब दुनिया भर में 26,200+ कर्मचारियों के साथ $ 3.97 बिलियन का राजस्व है। Amdocs के भारत में लगभग 10,000 कर्मचारी हैं, जो कि उनकी कार्य संख्या का 40% है।

Amdocs के पुणे में साइबर ऑफिस, मगरपट्टा सिटी, हडपसर स्थित अपने प्राथमिक कार्यालय के साथ कुछ कार्यालय हैं।

 

एक्सेंचर शीर्ष यह / कंपनियों कंपनियों pune

एक्सेंचर दुनिया की सबसे बड़ी मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म है। इसका मुख्यालय आयरलैंड में है और इसकी स्थापना 1989 में हुई थी। एक्सेंचर एक फॉर्च्यून 500 कंपनी है।

एक्सेंचर 39.5 बिलियन डॉलर का राजस्व कमाता है और इसके दुनियाभर में 459,000 कर्मचारी हैं जो केवल भारत में लगभग 150,000 हैं। एक्सेंचर में पांच मुख्य डिवीजन होते हैं जो अपने व्यावसायिक वर्टिकल बनाते हैं जो रणनीति, परामर्श, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और संचालन हैं।

एक्सेंचर का मुख्य कार्यालय पुणे में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में हिंजेवाड़ी में स्थित है।

 

एटोस सिंटेल MNC आईटी कंपनियां पुणे

Syntel हाल ही में Atos द्वारा अधिग्रहित किए जाने के लिए चर्चा में था। Syntel एक IT सेवा फर्म है जिसकी स्थापना 1980 में संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी। इसके अधिग्रहण से पहले, Syntel के दुनिया भर में 19,000 कर्मचारी थे।

अब यह एटोस समूह का एक हिस्सा है जो दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सेवा फर्म में से एक है जो € 12.69 बिलियन बनाता है और इसमें 120,000 का कर्मचारी प्रमुख है।

Atos Syntel का एक विशाल कार्यालय पुणे के तलवडे में MIDC IT टॉवर में स्थित है।

 

कैपजेमिनी कंपनियाँ

कैपजेमिनी एक फ्रांसीसी कंपनी है जिसे 1967 में स्थापित किया गया था। यह दशकों तक अधिकांश आईटी कंपनियों को प्री-डेट करती है और उनमें से एक है दुनिया की सबसे पुरानी आईटी कंपनियां। कैपजेमिनी आईटी परामर्श, आउटसोर्सिंग और अन्य पेशेवर सेवाओं पर काम करती है।

कैपजेमिनी ने € 12.79 बिलियन का राजस्व कमाया और उनके पास दुनिया भर में 200,000 कर्मचारी हैं, केवल 100,000 से अधिक भारत में।

कैपजेमिनी का पुणे में एक विशाल परिसर है जो हिंजेवाड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में स्थित है।

 

iNautix / BNY मेलन it / ites company pune

iNautix BNY Mellon की एक सहायक कंपनी है जो 234 साल के इतिहास के साथ एक निवेश कंपनी है। iNautix BNY Mellon की प्रौद्योगिकी शाखा है और भारत में इनकी भारी उपस्थिति है।

BNY मेलन की स्थापना 2004 में भारत में हुई थी और वे देश में 7,000 से अधिक पेशेवरों को नियुक्त करते हैं।

बीएनवाई मेलॉन का पुणे में साइबरसिटी, मगरपट्टा सिटी, एसईजेड में एक कार्यालय है।

 

लगातार सिस्टम भारत की पून तकनीक राजधानी

सस्टेनेबल सिस्टम्स पुणे की अपनी खुद की तकनीक / आईटी कंपनी है जिसकी स्थापना 1990 में आनंद देशपांडे ने की थी। पर्सेंट सिस्टम्स वर्ष 2010 में एक सार्वजनिक कंपनी बन गई और इसके शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुए।

लगातार 2017 में 470 मिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित किया और भारत में 9000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया

पुणे में उनके कुछ कार्यालय हैं जिनमें मुख्य रूप से हिंजेवाड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क और दूसरे काशीबाई खिलारे पथ, मार्ग, एरंडवेन में हैं।

 

ज़ेनसर टेक भारतीय आईटी कंपनियां

ज़ेनसर पुणे की एक अन्य घरेलू कंपनी है जिसे 1991 में स्थापित किया गया था। ज़ेन्सर ने वर्षों में छलांग और सीमाएं बढ़ाई हैं और वर्ष 2016 में $ 410 मिलियन का राजस्व कमाया।

भारत में 9000 से अधिक पेशेवरों में ज़ेंसर के कर्मचारी हैं और इसका मुख्य कार्यालय ज़ेंसर नॉलेज पार्क, खराड़ी साउथ मेन रोड, खराड़ी में है।

 

Synechron छोटी कंपनियों pune

Synechron एक प्रौद्योगिकी परामर्श कंपनी है जो वर्ष 2001 में स्थापित ब्लॉक में अपेक्षाकृत एक नया बच्चा है। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और दुनिया भर में इसकी मौजूदगी है।

2016 में Synechron ने $ 500 मिलियन का राजस्व कमाया और भारत में इनकी काफी संख्या के साथ दुनिया भर में 8000+ कर्मचारी हैं। यह पुणे की नई आईटी कंपनियों में से एक है।

सिंके्रन का कार्यालय हिंजेवाड़ी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क में स्थित है।

 

आईबीएम ibm प्यून

दुनिया की सबसे पुरानी टेक कंपनियों में से एक, आईबीएम की विरासत और इतिहास बहुत कुछ है। आईबीएम कंप्यूटर, लैपटॉप के लिए हार्डवेयर बनाती है और एक बड़ी सॉफ्टवेयर उपस्थिति भी है। उनका 170 से अधिक देशों में परिचालन है।

आईबीएम एक बहु-राष्ट्रीय कंपनी है जो 100,000 कर्मचारियों की संख्या में भारत में सबसे अधिक भारतीयों को काम पर रखती है और यह दुनिया भर में 300,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ प्रौद्योगिकी उद्योग में सबसे बड़ी सीमाओं में से एक है। वर्ष 2017 में आईबीएम ने $ 79 बिलियन का राजस्व भी अर्जित किया।

आईबीएन के पुणे में कई कार्यालय हैं, जिनमें येरवडे और हिनजेवाड़ी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क प्रमुख हैं।

 

सिमेंटेक mnc it कंपनी pune

Symantec एक साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर कंपनी है जिसका मुख्यालय कैलिफ़ोर्निया में है। यह भारत में बड़े विकास केंद्रों के साथ एक फॉर्च्यून 500 कंपनी है। सिमेंटेक तीन शब्दों "सिंटैक्स", "शब्दार्थ" और "प्रौद्योगिकी" का एक समामेलन है। सिमेंटेक ने वेरिसाइन नामक लोकप्रिय साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर का अधिग्रहण किया।

सिमेंटेक के पास $ 4 बिलियन का राजस्व है और दुनिया भर में 12,500 से अधिक कर्मचारी हैं।

सिमेंटेक का खारड़ी, पुणे में EON फ्री ज़ोन में अपना मुख्य कार्यालय है।

 

एल एंड टी इन्फोटेक सॉफ्टवेयर कंपनियों pune

लार्सन एंड टुब्रो इन्फोटेक (एलटीआई का नाम बदला गया) इसी नाम के साथ इंजीनियरिंग समूह का प्रौद्योगिकी प्रभाग है। 2014 की रैंकिंग में आईटी कंपनियों में एलटीआई को 6 वें स्थान पर रखा गया था। कंपनी को 1997 में शामिल किया गया था।

इसमें राजस्व में $ 1 बिलियन और 25,000+ कर्मचारी हैं।

एलएंडटी इन्फोटेक का मुख्य कार्यालय शिवाजीनगर, पुणे में है।

 

साइबेज सॉफ्टवेयर कर्मचारी इसका लाभ उठाते हैं और इसका लाभ कंपनियों को मिलता है

साइबेज सॉफ्टवेयर एक आईटी परामर्श कंपनी है जिसकी स्थापना 1995 में अरुण नैथानी और दीपक नैथानी ने पुणे में की थी।

साइबेज के राजस्व में $ 4m सालाना से अधिक है और 5000 से अधिक कर्मचारी हैं।

साइरस सॉफ्टवेयर का मुख्य कार्यालय आदर्श नगर, पुणे में है।

 

पीटीसी शीर्ष आईटी कंपनियाँ

PTC एक सॉफ्टवेयर कंपनी है जो IoT, ऑगमेंटेड रियलिटी और अन्य नवीनतम तकनीकों के साथ काम करती है। PTC 1985 में स्थापित किया गया था और इसका मुख्यालय मैसाचुसेट्स में है।

पीटीसी के पास 1.64 बिलियन डॉलर का राजस्व है और दुनिया भर में इसके 6,041 कर्मचारी हैं। PTC को 2018 में फॉरेस्टर के अनुसार वर्टीकल एप्लीकेशन वर्टिकल ऑफ़ थिंग्स में मार्केट लीडर के रूप में स्थान दिया गया है।

पुणे में PTC का कार्यालय कल्याणी नगर में स्थित है।

 

फ्रेशर्स के लिए पुणे में शीर्ष आईटी कंपनियां नौकरी शुरू करने या रोजगार के लिए कदम रखने के लिए पुणे एक आदर्श शहर है। यहाँ कुछ कारण हैं

पुणे एक आईटी हब है: जैसा कि आप देख सकते हैं, पुणे में आईटी उद्योग में कंपनियों की एक विस्तृत श्रृंखला है और यह काम करने के लिए पुणे में बहुत से लोगों को लाता है।

पुणे का मौसम: पुणे का मौसम मध्यम है, गर्मियों में गर्मी बहुत ज्यादा नहीं होती है और सर्दियां भी बहुत ठंडी नहीं होती हैं।

यंग डेमोग्राफिक: पुणे में कई विश्वविद्यालय हैं, जो पूरे देश के युवा कॉलेज जाने वालों को आकर्षित करते हैं। इन लोगों में से अधिकांश को पुणे में नौकरी मिलती है और इसके कारण पार्टी क्षेत्रों और युवा पेशेवरों के लिए अन्य नाइटलाइफ़ के अवसरों का विकास हुआ है।

फिर भी विकासशील: एम जैसे शहरों की तुलना में कर्नाटक और तेलंगाना आईटी एक्सपोर्ट्स 0 में उच्चतम विकास दर को देखते हैं राकेश डबुडु द्वारा अप्रैल 8, 2016 अ क अ ट्विटर फेसबुक रेडिट पिछले एक दशक में, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी सक्षम सेवाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में भारत से आईटी और आईटीईएस निर्यात की मात्रा 5.94 लाख करोड़ थी। आईटी बेलवेदर कर्नाटक और भारत के सबसे नए राज्य तेलंगाना ने 2014-15 में निर्यात में उच्चतम विकास दर देखी।


सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पिछले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मुख्य आधार रहा है। आईटी और आईटीईएस निर्यात हर साल बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। 2014-15 में, भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा फैक्टली द्वारा एक RTI आवेदन के जवाब में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत से कुल आईटी निर्यात 5.94 लाख करोड़ रुपये था। कुल निर्यात में दक्षिण भारत का योगदान 2 / 3rd से अधिक है। कर्नाटक और तेलंगाना के नवगठित राज्य ने निर्यात में 10000 करोड़ रुपये से अधिक राज्यों के बीच उच्चतम विकास दर देखी।

आईटी एक्सपोर्ट 6 साल में 140% से ज्यादा बढ़ता है

भारतीय आईटी निर्यात 2009-10 से 2014-15 के छह वर्षों में 140% से अधिक हो गया है। 2009-10 में 2.42 लाख करोड़ से, निर्यात 2014-15 में बढ़कर 5.94 लाख करोड़ हो गया। 2010-11 को छोड़कर, बाकी वर्षों में दोहरे अंक की विकास दर थी। विकास दर लगातार तीन साल (2011-12, 2012-13 और 2013-14) के लिए 25% के करीब थी और 2014-15 में यह 17% थी।

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दक्षिण भारत में निर्यात का 2 / 3rd से अधिक योगदान है

जैसा कि उम्मीद की जा रही थी, दक्षिण भारत आईटी निर्यात में बाकी क्षेत्रों को कुछ दूरी तक ले जाता है। दक्षिण की हिस्सेदारी पिछले 3 वर्षों में बढ़ रही है। 2012-13 में 63%, 2014-15 में दक्षिण का हिस्सा 67.6% हो गया। 2014-15 में, पश्चिम में निर्यात का 17% (बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र से), जबकि उत्तर में 12.8% (बड़े पैमाने पर नोएडा और गुड़गांव से) का हिसाब था। पूर्व में केवल 2.5% के लिए जिम्मेदार था, मोटे तौर पर पश्चिम बंगाल से।

growth_rate_in_it_exports_share_of_it_exports_in_14-15

कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र 80% निर्यात करते हैं

कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के चार राज्य 2012-13 से 2014-15 तक तीन वर्षों में सभी निर्यातों का लगभग 80% हिस्सा बनाते हैं। शेष 20% के लिए देश का शेष भाग बनता है। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, पुणे और चेन्नई के बड़े आईटी हब इस संख्या में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वाणिज्य मंत्रालय ने वर्ष 2012-13 से शुरू होने वाले तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के वर्तमान दिन के राज्यों के लिए निर्यात को अलग कर दिया है।

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कर्नाटक और तेलंगाना उच्चतम विकास दर को देखते हैं

2014-15 में, आईटी बेलवेस्टर कर्नाटक ने 30.6% की वृद्धि के साथ आईटी एक्सपोर्ट्स में उच्चतम विकास दर देखी, जिसके बाद तेलंगाना के 20% विकास दर के साथ सबसे नया राज्य बना। 10000 करोड़ से अधिक के निर्यात वाले अन्य राज्यों में से केवल केरल में 2014-15 में 20% की दोहरे अंक की विकास दर थी (बड़े पैमाने पर छोटे कारोबार के कारण)। आंध्र प्रदेश की वर्तमान स्थिति में निर्यात में केवल 7000 करोड़ है क्योंकि हैदराबाद का आईटी हब अब तेलंगाना का हिस्सा है। यह भी दिखता है कि तेलंगाना और हैदराबाद में आईटी उद्योग पर द्विभाजन का बहुत कम या कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।


पुणे कॉल सेंटर या बी.पी.ओ. उद्योग मे भी अग्रसर है। अंग्रेजी बोलने वाले कर्मचारी वर्ग पुणे मे उपलब्ध होने के कारण कन्व्हरजिस, डब्ल्यु.एन.एस., इन्फोसिस, विप्रो, इएक्सएल, एमफेसिस जैसी महत्वपूर्ण आऊटसोर्सिंग कंपनियाँ पुणे मे है।

पुणे मे महत्वपूर्ण कंपनियो के मुख्यालय -

  • बजाज ऑटो
  • बँक ऑफ महाराष्ट्र
  • पर्सिस्टंट सिस्टम्स
  • नीलसॉफ्ट
  • ईनफाईनाईट एक्सटैन्सन

प्रशासन[संपादित करें]

नागरिक प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर की व्यवस्था पुणे महानगरपालिका करती है। महानगरपालिका का कार्य नागरिक प्रशासन व मूलभूत सेवा-सुविधा प्रदान करना है। प्रशासकीय प्रमुख के कार्यकारी अधिकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा नांमांकित आय. ए. एस्‌. अधिकारी दर्जा के महापालिका आयुक्त के पास होता है। महानगरपालिका मतदान द्वारा चुनी गए नगरसेवक बनाते है। नगरसेवकों का नेतृत्व महापौर के पास होता है। महापौर केवल एक नाममात्र का पद है, इस पद का अधिकार कम ही रहता है। पुणे में 48 महापालिका प्रभाग के विभाग है, प्रत्येक विभाग के कामकाज सहायक आयुक्त देखते है। राज्य के सभी छोटे-बडे राजकीय पक्ष अपने उम्मीदवारो को निर्वाचित पद के लिए नामांकित करते है।

PMC Building

जिला प्रशासन[संपादित करें]

पुणे शहर पुणे जिले का मुख्यालय भी है। जिले का प्रमुख जिलाधिकारी होता है व उसका काम सातबारा, जमीन जायदाद के नामकरण का रखरखाव, राज्य सरकार के लिए सारावसूली, करवसुली व चुनावो की व्यवस्था करना होता है।

महानगर पुलिस तंत्र[संपादित करें]

पुणे पुलिस का प्रमुख पोलिस आयुक्त होता है; जो राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त किया गया एक आय. पी. एस्‌. अधिकारी होता है। पुणे पुलिस व्यवस्था महाराष्ट्र राज्य के गृहमंत्रालय के अंतर्गत आती है।

यातायात व्यवस्था[संपादित करें]

पुणे का एक मार्ग

पुणे शहर भारत के अन्य महत्वपूर्ण शहरो से सड़्क, रेल्वे व हवाईमार्ग से जुडा हुआ है। पुणे का विमानतल से पहले केवल देश के अन्य शहरो के लिए उडाने थी, मगर सिंगापूर व दुबई के लिए उडाने आने के बाद इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ है।

नया ग्रीनफिल्ड पुणे अन्तरराष्ट्रीय विमानतल प्रकल्प महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू करने पर यह चाकण व राजगुरुनगर गाँवो के बीच चांदूस व शिरोली के पास (पुणे से ४० कि॰मी॰) होने की संभावना है। इस परियोजना की जिम्मेदारी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल को सौपी गई है।


शहर मे पुणे व शिवाजीनगर यह दो महत्वपूर्ण रेल्वे स्थानक है। पुणे व लोणावला के बीच उपनगरी रेल है जिससे पिंपरी, खडकी व चिंचवड यह उपनगर शहर से जुड़्ते है। पुणे की उपनगरी रेल लोणावला तक और मुंबई की कर्जत तक चलती है। रेल्वे प्रशासन लोणावला व कर्जत/खोपोली शहर को जोडने की योजना बना रहा है। जिससे पुणे-मुंबई के दरम्यान आने वाले सभी स्थानो को एक्साथ जोडा जाएगा। कर्जत-पनवेल रेलवे बनने के बाद पुणे-मुंबई शहरो के बीच का अंतर 29 कि॰मी॰ से कम हो जाएगा।

पुणे व मुंबई के बीच मुंबई-पुणे द्रुतगती महामार्ग बनाया गया है। जिससे दोनो शहरो के दरमयान केवल तीन घंटे का अंतर रह गया है। शासकीय व निजी बससेवा पुणे को मुंबई, हैदराबाद, नागपुर व बंगलूरू शहरो से जोड़्ती है। महाराष्ट्र राज्य परिवहन मंडल (एस.टी) की बससेवा पुणे को महाराष्ट्र के ग्रामीण भागो से जोडती है।

पुणे शहर 2010 तक महत्वपूर्ण आई.टी केंद्र बनने के मार्ग पर है। पुणे की चक्रमाती बढत के साथ यहाँ वाहनो की संख्या मे भी काफी बढत हुई है। 2005 मे पुणे मे 146 वर्ग कि.मी क्षेत्रफल मे 2,00,000 कार (मोटारगाडिया) व 10,00,000 दुपहिए वाहन थे, ऐसा एक अभ्यास से पता किया गया। पुणे के उपनगर कल्याणीनगर, विमाननगर, मगरपट्टा, पिंपरी, चिंववड, बाणेर, वाकड, औंध, हिंजेवाडी, बिबवेवाडी, वानवडी, निगडी-प्राधीकरण काफी तेजी से बढ रहे है पर अंदरूनी रास्ते उतने तेजी से नही बढ रहे है।

सार्वजनिक यातायात व्यवस्था के लिए पुणे व पिंपरी-चिंचवड महापालिका द्वारा नियंत्रित पी.एम.टी. व पी.सी.एम.टी. उपकरण है। रिक्शा शहर मे यातायात का प्रमुख साधन है।

जनजीवन[संपादित करें]

पुणे शहर भारत का सबसे तेज विकसित होने वाला शहर है। पुणे कि जनसंख्या बडी तेजी से बढ रही है। सन १९९१ कि जनगणना के अनुसार पुणे कि जनसंख्या ११ लाख थी। सन २००१ के अनुसार २५ लाख हुई। अब २०११ के अनुसार जनसंख्या ५० लाख के उपर जाने कि संभावना है। पुणे शहर मे सॉफ्टवेयर व वाहननिर्मिती के व्यवसायो के निरंतर विकास से नोकरी की तलाश मे भारत के अन्य प्रांत के लोगो यहाँ बसते आए है। 2003 से यहाँ निर्माण-क्षेत्र के काफी तेजी आई है।

पुणे भारत का छठवां सबसे बडा शहर है। भारत में पुणे से बढे शहर मुंबई, कोलकत्ता, दिल्ली, चेनई, बेंगलोर है। पुणे के बाद हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत यह शहर आते है।

पुणे मे रहने वालो को पुणेकर कहकर भी संबोधित किया जाता है। शहर की मुख्य भाषा मराठी है और अंग्रेजी व हिंदी भाषा बोलते हुए अकसर लोग मिलते है।

पुणे के भगिनी शहर[संपादित करें]

यह शहर पुणे के भगिनी शहर है -

  • त्रोम्सो, नॉर्वे
  • ब्रेमेन, जर्मनी
  • सान होज़े, संयुक्त राज्य अमेरिका
  • फेरबँक्स, अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका

पर्यटन[संपादित करें]

यहां कई पर्यटक आकर्षण हैं। जिनमें से कुछ हैं:-

  1. शनिवार वाड़ा
  2. आगाखान महल
  3. पार्वती हिल मंदिर
  4. कटराज सर्प उद्यान
  5. कोणार्क
  6. ओशो आश्रम

संस्कृति[संपादित करें]

पुणे को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहकर भी संबोधित किया जाता है। पुणे की मराठी को मराठी भाषा का मानक-रुप (standard) माना जाता है। पुणे मे वर्ष भर सांस्कृतिक कार्यक्रम के रेलचेल होते रहते है। पुणे मे संगीत, कला, साहित्य की भरमार है।

गणेशोत्सव[संपादित करें]

1894 मे लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरु किया। भाद्रपद (अगस्त नही तो सितंबर) महीने मे आने वाले इन दस दिनो की अवधि मे पुणे शहर चैतन्यमय होता है। देश-परदेश से लोग इस उत्सव मे भाग लेने पुणे आते है। जगह-जगह छोटे-बडे गणेश मंडल के मंडपो को सजाया जाता है। इस उत्सव के दरमयान महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल पुणे उत्सव नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराता है, जिसमे संगीत, नृत्य, मैफिली, नाटक और खेल समाविष्ट होते है। दस दिवस चलने वाला यह उत्सव गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के सुबह शुरु होने वाला विसर्जन अगले दिन तक चलता रहता है। प्रमुख पाँच मंडल है -

Dhols


  1. कसबा गणपती (यह पुणे के ग्राम देवता है)
  2. तांबडी जोगेश्वरी
  3. गुरूजी तालीम
  4. तुलशीबाग
  5. केसरी वाडा (यह मंडल तिलक पंचांग के अनुसार गणेशोत्सव को सजाता है)

ये पांच गणपतीयो के साथ साथ दगडूशेठ हलवाई गणपती को भी पुणे का प्रमुख गणपती माना जाता है।

पुणे मे गणेशोत्सव मंडल प्राणप्रतिष्ठा की गई मूर्ति विसर्जीत कर के उत्सव मर्ति वापस ले जाते है। विसर्जन के दरमयान ढोल, लेझीम जैसे अनेक पथके होते है। अनेक विद्यालय अपने पथके सिखाते है।

सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव[संपादित करें]

दिसंबर महिने मे अभिजात संगीत मैफली का कार्यक्रम पुणे मे होता है जिसे सवाई गंधर्व संगीत महोत्सव कह कर संबोधित किया जाता है। तीन रातो तक चलने वाला इस उत्सव मे सुप्रसिध्द हिंदुस्तानीकर्नाटक संगीतज्ञ भाग लेते है। शास्त्रीय संगीत प्रेमियो के लिए उत्सव एक पर्व के समान होता है।

रंगभूमि[संपादित करें]

मराठी रंगभूमि मराठी संस्कृति का अविभाज्य भाग है। मराठी नाटक प्रायोगिक व व्यावसायिक दोनो होते है। पुणे मे मराठी नाटक काफी लोकप्रिय है। टिलक स्मारक मंदिर, बालगंधर्व रंगमंदिर, भरत नाट्य मंदिर, यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह, सुदर्शन रंगमंच व पिंपरी चिंचवड नाट्यगृह पुणे व आसपास के महत्वपूर्ण नाट्यगृह है।

फिल्म[संपादित करें]

पुणे मे अनेक मल्टिप्लेक्स है जिसमे मराठी, हिंदी व हॉलीवूड फिल्मे दिखाई जाती है। पुणे रेलवे स्थानक के पास आयनॉक्स, विद्यापीठ रास्ते पर ई-स्क्वेअर, सातारा रस्ता व कोथरूड के पास सीटीप्राईड, कल्याणीनगर के पास गोल्ड ऍडलॅब्स और आकुर्डी के पास फेम गणेश विजन है। मराठी फिल्मे मुख्यतः प्रभात और सीटीप्राईड चित्रपटगृह मे प्रदर्शित होती है।

धर्म-अध्यात्म[संपादित करें]

चतु:श्रृंगी मंदीर शहर के उत्तर-पश्चिम डोंगर-उतार पर है। मंदीर 90 फुट ऊँचा 125 फुट लम्बा है व इसका व्यवस्थापन चतु:श्रृंगी देवस्थान करता है। नवरात्री के दरमयान मंदीर मे विशेष भीड़ होती है। शहर मे पर्वती देवस्थान भी काफी प्रसिध्द है। पुणे के पास आलंदी व देहू देवस्थान काफी प्रसिध्द है। आलंदी मे संत ज्ञानेश्वर की समाधी और देहू पर संत तुकाराम का वास्तव्य है। हर वर्ष वारकरी संप्रदाय के लोग इन संतो की पालखी लेकर पंढरपुर जाते है। आषाढी एकादशी के मुहूर्त पर पंढरपूर पहुँचते है। पुणे मे भारतीय ज्यु लोगो की बडी बसती है। ओहेल डेविड इस्त्राएल के बाहर एशिया का सबसे बडा सिनेगॉग (ज्यु का प्रार्थनास्थल) है। पुणे मेहेरबाबा का जन्मस्थान और रजनीश के रहने का स्थान था। रजनीश के आश्रम मे देश-परदेश के पर्यटक आते है। आश्रम मे ओशो झेन बाग व बडा ध्यानगृह है। पुणे मे पाषाण नामक गाव है। जहा सोमेशवर का प्राचीन मंदीर है जिसका निर्माण जिजामाता ने किया था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

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बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]