परभणी जिला

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परभणी ज़िला
परभणी जिल्हा
MaharashtraParbhani.png

महाराष्ट्र में परभणी ज़िले की अवस्थिति
19°30′N 76°45′E / 19.500°N 76.750°E / 19.500; 76.750निर्देशांक: 19°30′N 76°45′E / 19.500°N 76.750°E / 19.500; 76.750
राज्य महाराष्ट्र, Flag of India.svg भारत
प्रशासनिक प्रभाग औरंगाबाद मंडल
मुख्यालय परभणी
क्षेत्रफल 6,511.58 कि॰मी2 (2,514.14 वर्ग मील)
जनसंख्या 1,527,715 (2001)
जनसंख्या घनत्व 244.39/किमी2 (633.0/मील2)
साक्षरता 55.15%
लिंगानुपात 958
तहसीलें 1. परभणी, 2. गंगाखेड़, 3. सोनपेठ, 4. पाथरी, 5. मानवत, 6. पालम, 7. सेलु, 8. जिंतुर, 9. पुर्णा
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र 1. परभणी(जालना जिला के साथ साझा) (निर्वाचन आयोग जालस्थल पर आधारित)
विधानसभा में सीटें 4
आधिकारिक जालस्थल

परभणी जिला (मराठी: परभणी जिल्हा), जिसे पहले प्रभावतीनगर के नाम से जाना जाता था, भारत के राज्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में से एक है।

जिले का कुल भूमि क्षेत्र 6250.58 वर्ग किमी है। 2001 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 1,527,715 थी जिसमें से 31.76% जनसंख्या शहरी थी। परभणी शहर जिले का मुख्यालय है।

पूरा मराठवाड़ा क्षेत्र, तत्कालीन निज़ाम की रियासत का एक भाग था, बाद में यह हैदराबाद रियासत का एक हिस्सा बन गया, 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद यह तत्कालीन बंबई राज्य का एक हिस्सा बना और 1960 के बाद से यह वर्तमान राज्य महाराष्ट्र का हिस्सा है।

परभणी जिला, उत्तर में हिंगोली, पूर्व में नांदेड़, दक्षिण में लातूर और पश्चिम में बीड और जालना जिलों से घिरा हुआ है। जिले को 9 प्रशासनिक उप-प्रभागों यानि तहसीलों में विभाजित किया गया है जो हैं; परभणी, गंगाखेड़, सोनपेठ, पाथरी, मनवथ, पलाम, सेलु, जिंतुर और पुरना।

परभणी जिला महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई तथा राज्य के अन्य मुख्य शहरों और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

परभणी जिल्हे मे कुछ वैशिष्ट्य पूर्ण बात है। गंगाखेड,तालुका मे संत जनाबाई का जन्म स्थान हैं। पाथरी,तालुका मे साई बाबा जन्म स्थान है। जिंतूर,तालुका मे सह्याद्रीपर्वत के उपर निमगिरी जैन मंदिर है। परभणी तालुका मे हजरत तुरबुल हक दर्गा।

भूगोल[संपादित करें]

परभणी जिले 18.45 और 20.10 उत्तरी अक्षांश और 76.13 और 77.39 पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। जिले के पूर्वोत्तर में स्थित पहाड़ियां अजंता पर्वतमाला का भाग हैं जो जिंतुर तहसील से होकर गुजरती है। जिले के दक्षिण में बालाघाट पर्वतमाला की पहाड़ियां हैं। समुद्र तल से जिले की औसत ऊंचाई 357 मीटर है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]