छन्दशास्त्र

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छन्दः शास्त्र पिङ्गल द्वारा रचित छन्द का मूल ग्रन्थ है। यह सूत्रशैली में है और बिना भाष्य के अत्यन्त कठिन है। इस ग्रन्थ में पास्कल त्रिभुज का स्पष्ट वर्णन है। इस ग्रन्थ में इसे 'मेरु-प्रस्तार' कहा गया है।

दसवीं शती में हलायुध ने इस पर 'मृतसंजीवनी' नामक भाष्य की रचना की। अन्य टीकाएं-

  • लक्ष्मीनाथसुतचन्द्रशेखर -- पिंगलभावोद्यात
  • चित्रसेन -- पिंगलटीका
  • रविकर -- पिंगलसारविकासिनी
  • राजेन्द्र दशावधान -- पिंगलतत्वप्रकाशिका
  • लक्ष्मीनाथ -- पिंगलप्रदीप
  • वंशीधर -- पिंगलप्रकाश
  • वामनाचार्य -- पिंगलप्रकाश

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

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