इस्लाम की आलोचना

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इस्लाम के जन्म से ही उसकी आलोचना होती रही है। सबसे पहले सन् 1000 ई में भी पहले ईसाइयों के द्वारा इसकी आलोचना शुरू हुई। वो इस्लाम को इसाईयत का एक परिवर्तित रूप या नया सम्प्रदाय के रूप में मानते थे। बाद में इस्लामी दुनिया से भी आलोचना के स्वर निकलने लगे और साथ ही साथ यहूदी लेखक और चर्च से जुड़े इसाई इसकी आलोचना करते पाये गये।[1][2][3]

धर्मशास्त्र[संपादित करें]

भारतीय मुसलमान दार्शनिक सैयद अहमद खान ने उनकी रचनाओं में इस्लामी धार्मिक किताबों की विश्वसनीयता के बारे में चर्चा की थी।

क़ुरआन और हदीस जैसी इस्लामी धार्मिक किताबों की विश्वसनीयता और नैतिकता को लेकर भी सवाल खड़े किये जाते हैं क्योंकि क़ुरआन और हदीसों तक में बहुत ही अस्पष्टता और विरोधाभास है। ब्रिटिश राज के ज़माने से प्रख्यात मुसलमान दार्शनिक, यथार्थवादी और समाज सुधारक सैयद अहमद खान के अनुसार हदीस मुसलमानों पर क़ा़नूनी रूप से बाध्य नहीं हैं।[4]

इसके अलावा इस्लामी धर्मशास्त्र में प्रश्नात्मक रहने पर स्पष्टतया ईशनिंदा का आरोप लगा कर अपराधी, मुशरिक या काफ़िर घोषित करके सिर्फ मार दिये जाने का प्रावधान है यानि हर वो व्यक्ति जो इस्लाम पर सवाल उठाये या क़ुरआन हदीस की प्रमाणिकता तक पर सवालिया हो वो वाजिबुल कत्ल है।[5]

पैग़म्बर मुहम्मद[संपादित करें]

यह भी देखे: रंगीला रसूल

इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद के जीवन के तथाकित अनैतिक पक्षों की भी बहुत आलोचना होती रहती है। यह तथाकित अनैतिकता उनके निजी व सार्वजनिक दोनों जीवन में देखने को मिलती है।[6]

व्यवहार और आधुनिक दुनिया में इस्लाम की भूमिकाएँ[संपादित करें]

यह भी देखे: इस्लामी आतंकवाद

काफ़िरों (अविश्वासी) यानी ग़ैर-मुसलमानों के प्रति दुर्व्यवहार और हर किस्म के शोषण, सजाओं की "अकाट्य धार्मिक व्यवस्था" है। इस के अतिरिक्त आधुनिक इस्लामी राष्ट्रों में मानवाधिकारों के हनन को लेकर भी आलोचना होती है और सांख्यिकीय आधार पर मुसलमान आबादियाँ ज़्यादातर आतंकवादी और हिंसक कार्यवाहियों में लिप्त पाये गये हैं।[स्पष्ट करें][7]

शरीयत अथवा इस्लामी क़ानून और दीगर इस्लामी रीति रिवाज़ में महिलाओं, समलैंगिक लोगों और धार्मिक और नस्ली अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति पर भी इस्लाम आलोचना का शिकार होता है।[8][9]

कहा गया है कि हाल में मुसलमान आबादियाँ पश्चिमी दुनिया, रूस तथा भारत के समाज में घुल-मिल पाने में अक्षम रहे हैं।[10][11][12][13][14][15]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. De Haeresibus by John of Damascus. See Migne. Patrologia Graeca, vol. 94, 1864, cols 763–73. An English translation by the Reverend John W Voorhis appeared in The Moslem World for October 1954, pp. 392–98.
  2. Warraq, Ibn (2003). Leaving Islam: Apostates Speak Out. Prometheus Books. प॰ 67. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1-59102-068-9. 
  3. Ibn Kammuna, Examination of the Three Faiths, trans. Moshe Perlmann (Berkeley and Los Angeles, 1971), pp. 148–49
  4. Latif, Abu Ruqayyah Farasat. The Quraniyun of the Twentieth Century[मृत कड़ियाँ], Masters Assertion, September 2006
  5. Akyol, Mustafa (13 January 2015). "Islam’s Problem With Blasphemy". The New York Times. https://www.nytimes.com/2015/01/14/opinion/islams-problem-with-blasphemy.html. अभिगमन तिथि: 16 January 2015. 
  6. Ibn Warraq, The Quest for Historical Muhammad (Amherst, Mass.:Prometheus, 2000), 103.
  7. Puniyani, Ram (2005). Religion, power & violence: expression of politics in contemporary times. SAGE. पृ. 97–98. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780761933380. https://books.google.com/?id=Fd5Fm79VMk8C&pg=PA98&dq=Islam+%22violent+religion%22#v=onepage&q=Islam%20%22violent%20religion%22&f=false. 
  8. "Saudi Arabia". http://www.freedomhouse.org/template.cfm?page=22&year=2005&country=6825. 
  9. Timothy Garton Ash (2006-10-05). "Islam in Europe". The New York Review of Books. http://www.nybooks.com/articles/19371. 
  10. Tariq Modood (2006-04-06). Multiculturalism, Muslims and Citizenship: A European Approach (1st सं॰). Routledge. प॰ 29. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-415-35515-5. 
  11. "Indian Nepalis: Issues and Perspectives", pp. 355–56, Tanka Bahadur Subba, Concept Publishing Company, 2009, 9788180694462
  12. "India's 'Mexican' Problem: Illegal Immigration from Bangladesh". Ibtimes. 6 February 2012. http://www.ibtimes.com/indias-mexican-problem-illegal-immigration-bangladesh-213993. "Ghosh claimed Muslim immigrants in India are now attacking Hindus and forcibly seeking to convert Hindu girls to Islam. He has demanded that the Indian government halt illegal immigration from Bangladesh and deport undocumented Muslims back to Bangladesh." 
  13. "Illegal immigration from Bangladesh has turned Assam explosive". Niticentral. 2012-10-31. http://www.niticentral.com/2012/10/31/illegal-immigration-from-bangladesh-has-turned-assam-explosive-16664.html. 
  14. "Tatarstan: The Battle over Islam in Russia's Heartland". 2013. http://www.worldpolicy.org/journal/summer2013/tatarstan-battle-islam-russias-heartland. 
  15. Russia and Islam: State, Society and Radicalism. Taylor & Francis. 2010. प॰ 94.  by Roland Dannreuther, Luke March