रंगीला रसूल

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रंगीला रसुल' १९२० के दशक में प्रकाशित पुस्तक है जो लाहौर के राजपाल एण्ड सन्स ने प्रकाशित की थी। इसके लेखक 'चामुपति एम ए' या किशन प्रसाद प्रताब नामक आर्यसमाजी थे किन्तु लेखक का नाम प्रकाशन ने कभी नहीं बताया। यह पुस्तक बहुत विवादास्पद सिद्ध हुई। इसमें पैगम्बर मुहम्मद के विवाह एवं गृहस्थ जीवन का सत्यता से वर्णन किया गया है। यह पुस्तक मूलतः उर्दू में छपी थी किन्तु बाद में इसका हिन्दी संस्करण भी प्रकाशित हुआ। यह पुस्तक आज तक भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में प्रतिबन्धित है।

इसके जवाब में मुसलमानों के लगभग सभी गुटों की तरफ से मौलाना सनाउल्‍लाह अमृतसरी ने उर्दू में मुकददस रसूल बजवाब रंगीला रसुल लिखी।

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