सहदेव

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वनवास के दौरान गोपालक के रूप में सहदेव

सहदेव महाभारत में छ: पांडवों में से एक और सबसे छोटे थे। वह माता माद्री के असमान जुड़वा पुत्रों में से एक थे, जिनका जन्म देव चिकित्सक अश्विनों के वरदान स्वरूप हुआ था। जब नकुल और सहदेव का जन्म हुआ था तब यह आकाशवाणी हुई की, ‘शक्ति और रूप में ये जुड़वा बंधु स्वयं जुड़वा अश्विनों से भी बढ़कर होंगे।’ सहदेव त्रिकालदर्शी थे वे परशु अस्त्र के निपुण योद्धा थे। अज्ञातवास के समय इन्होंने तंतीपाल नाम धारण कर गायों की देखभाल करने का कार्य किया।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]