बृहद्बल

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बृहद्बल भारतीय महाकाव्य महाभारत में एक चरित्र है। वह भगवान् राम के एक वंशज थे, वह इक्ष्वाकु राजवंश के अंतर्गत विश्रुतवन्ता के पुत्र के रूप में कोशल राज्य के अंतिम शासक थे। कुरुक्षेत्र युद्ध में बृहद्बल ने कौरवों की ओर से युध्द लड़ा और चक्रव्यूह में अभिमन्यु द्वारा मारा गया था।

जन्म[संपादित करें]

विष्णु पुराण और भागवत पुराण के अनुसार बृहद्बल इक्ष्वाकु वंशज भगवान राम के पुत्र कुश की वंशबेल से थे। माखन झा कृत प्राचीन हिंदू राज्यों का मनुष्य विज्ञान : सभ्यता का एक अध्ययन ,में दावा है कि बृहद्बल राजा राम के बाद पन्द्रहवें राजा थे।[1] बृहद्बल को इक्ष्वाकु वंश का अंतिम शासक माना जाता है। राम और बृहद्बल के बीच में ३१-३२ पीढ़ियों का अंतर था।[2]

महाभारत में[संपादित करें]

महाभारत कोशल के राज्य के शासक के रूप में बृहद्बल का वर्णन करता है। राजसूय यज्ञ के दौरान भीम ने बृहद्बल को वशीभूत किया था, और बाद में दिग्विजय यात्रा के दौरान कर्ण ने बृहद्बल पर विजय प्राप्त करी और इसी कारण उसने कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान कौरवों का साथ दिया।[3] युद्ध के तेरहवें दिन,जब अभिमन्यु (अर्जुन का पुत्र) चक्रव्यूह में प्रवेश करता है तो, अभिमन्यु, बृहद्बल, द्रोण, कृपाचार्य, कर्ण, अश्वत्थामा और कृतवर्मा सहित कौरवों योद्धाओं के साथ लड़ता है। बृहदबला और अभिमन्यु के बीच एक भयंकर युद्ध होता है, जिसमे बृहद्बल अभिमन्यु के प्राणघातक तीर से मारा जाता है।[4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]