उग्रश्रव सौती

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उग्रश्रव सौती या उग्रश्रवः पौराणिक काल के भाट थे जिन्होंने महाभारत,[1]भगवत पुराण,[2][3]हरिवंश,[4] और पद्म पुराण[5] का विमोचन किया था और उनका व्याखान मूलतः नैमिषारण्य में ऋषि-मुनियों के सामने किया था। जब ऋषि वैशम्पायन ने जनमेजय को भरत से लेकर कुरुक्षेत्र युद्ध तक कुरु वंश का सारा वृत्तांत सुनाया, उस समय सौती वहीं मौजूद थे। उन्होंने भी यह महाकाव्य सुना और नैमिषारण्य में जाकर सारे ऋषि समूह, जो शौनक ऋषि के आश्रम में एकत्रित हुये थे, को सुनाया।

सन्दर्भ[संपादित करें]