भरवां बैंगन
दिखावट
| भरवां बैंगन | |
|---|---|
|
चित्र:Stuffed brinjal curry.jpg मसालेदार भरवां बैंगन | |
| उद्भव | |
| वैकल्पिक नाम | भरली वांगी (मराठी), स्टफ़्ड ब्रिन्जल |
| संबंधित देश | भारत |
| देश का क्षेत्र | महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर भारत, दक्षिण भारत |
| व्यंजन का अविष्कर्ता | सामुदायिक पाक परंपरा |
| व्यंजन का ब्यौरा | |
| भोजन | मुख्य व्यंजन |
| परोसने का तापमान | गरम |
| मुख्य सामग्री | बैंगन, मसाला, तेल |
| अन्य प्रकार | मूँगफली–तिल मसाला, प्याज़–लहसुन मसाला, नारियल मसाला |
| लगभग कॅलोरीप्रति परोस | लगभग 150-200 प्रति परोस |
भरवां बैंगन एक लोकप्रिय भारतीय शाकाहारी व्यंजन है। इसमें छोटे बैंगनों को बीच से चीरा लगाकर मसाले भरे जाते हैं और फिर तेल या मसालों के साथ पकाया जाता है। यह व्यंजन भारत के विभिन्न राज्यों विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, और आंध्र प्रदेश में अलग-अलग शैलियों से तैयार किया जाता है।
इतिहास
[संपादित करें]भारत में बैंगन का प्रयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। भरवां शैली की सब्ज़ियाँ मुग़ल पाकशैली और क्षेत्रीय रसोईयों से विकसित हुईं। महाराष्ट्र और गुजरात में यह व्यंजन विशेष रूप से लोकप्रिय है।
बनाने की विधि
[संपादित करें]भरवां बैंगन की मूल विधि में:
क्षेत्रीय भिन्नताएँ
[संपादित करें]- महाराष्ट्र – यहाँ इसे भरली वांगी कहा जाता है, जिसमें तिल, मूँगफली और नारियल का मसाला प्रमुख होता है।
- गुजरात – इसमें खट्टा-मीठा मसाला इस्तेमाल किया जाता है।
- उत्तर भारत – प्याज़, लहसुन और गरम मसाले के साथ बनता है।
- दक्षिण भारत – नारियल और करी पत्तों के साथ तीखे मसाले में पकाया जाता है।
परोसने का तरीका
[संपादित करें]भरवां बैंगन को आमतौर पर रोटी, चावल, पुलाव, पराठा या पूरी के साथ परोसा जाता है।
लोकप्रियता
[संपादित करें]यह व्यंजन घरों, भोजों और विशेष अवसरों पर बहुत पसंद किया जाता है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में इसकी लोकप्रियता समान है।
अन्य नाम
[संपादित करें]- भरली वांगी (मराठी)
- स्टफ़्ड ब्रिन्जल (अंग्रेज़ी)
- एन्नागड्डा वंका (तेलुगु)