रमज़ान

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رمضان
रमदान
Welcome Ramadhan.jpg
बहरैन के शहर मनामा में शाम का वक़्त और खूबसूरत वर्धमान और माह ए रमदान की शुरुआत।
अनुयायी मुस्लिम
प्रकार धार्मिक
उत्सव सामूहिक इफ्तार और सामूहिक प्रार्थना
अनुष्ठान
आरम्भ 1 रमजान का महीना
Ends 29, or 30 रमजान
तिथि इस्लामी कैलेण्डर (चान्द्रमान) के अनुसार बदलता है।
2017 date 27 मई – 24 जून (इस्लामी कैलेण्डर)[1][2]
2018 date 16 May – 14 June[1]
2019 date 6 May – 3 June[1]
Frequency हर 12 चन्द्रमा (चान्द्रमान महीने)
समान पर्व ईद उल-फ़ित्र, लैलतुल क़द्र

इस्लामी कैलेंडर

  1. मुहरम
  2. सफ़र
  3. रबी अल-अव्वल
  4. रबी अल-थानी
  5. जमाद अल-अव्वल
  6. जमाद अल-थानी
  7. रज्जब
  8. शआबान
  9. रमजा़न
  10. शव्वाल
  11. ज़ु अल-क़ादा
  12. ज़ु अल-हज्जा

रमज़ान या रमदान (उर्दू - अरबी - फ़ारसी : رمضان) इस्लामी कैलेण्डर का नवां महीना है। मुस्लिम समुदाय इस महीने को परम पवित्र मानता है।

इस मास की विशेषताएं 
  • महीने भर के रोज़े (उपवास) रखना
  • रात में तरावीह की नमाज़ पढना
  • क़ुरान तिलावत (पारायण) करना
  • एतेकाफ़ बैठना, यानी गांव और लोगों की अभ्युन्नती व कल्याण के लिये अल्लाह से दुआ (प्रार्थना) करते हुवे मौन व्रत रखना.
  • ज़कात देना
  • दान धर्म करना
  • अल्लाह का शुक्र अदा करना। अल्लाह का शुक्र अदा करते हुवे इस महीने के गुज़रने के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल-फ़ित्र मनाते हैं।

इत्यादी को प्रमुख माना जाता है। कुल मिलाकार पुण्य कार्य करने को प्राधान्यता दी जाती है। इसी लिये इस मास को नेकियों और इबादतों का महीना यानी पुण्य और उपासना का मास माना जाता है।

रमज़ान और कुरान का अवतरण[संपादित करें]

मुसलमानों के विश्वास के अनुसार इस महीने की २७वीं रात शब-ए-क़द्र को क़ुरान का नुज़ूल (अवतरण) हुआ। इसी लिये, इस महीने में क़ुरान ज़्यादा पढना पुण्यकार्य माना जाता है। तरावीह की नमाज़ में महीना भर कुरान का पठन किया जाता है। जिस से क़ुरान पढना न आने वालों को क़ुरान सुनने का अवकाश ज़रूर मिलता है।

रमज़ान और उपवास (रोज़ा)[संपादित करें]

रमजान का महीना कभी २९ दिन का तो कभी ३० दिन का होता है। इस महीने में उपवास रखते हैं। उपवास को अरबी में "सौम", इसी लिये इस मास को अरबी में माह-ए-सियाम भी कहते हैं। फ़ारसी में उपवास को रोज़ा कहते हैं। भारत के मुसलिम समुदाय पर फ़ारसी प्रभाव ज़्यादा होने के कारण उपवास को फ़ारसी शब्द ही उपयोग किया जाता है।

उपवास के दिन सूर्योदय से पहले कुछ खालेते हैं जिसे सहरी कहते हैं। दिन भर न कुछ खाते हैं न पीते हैं। शाम को सूर्यास्तमय के बाद रोज़ा खोल कर खाते हैं जिसे इफ़्तारी कहते हैं।

रमज़ान और इत्यादी बातें[संपादित करें]

मुस्लिम समुदाय में रमजान को लेकर निम्न बातें अक्सर देखी जाती हैं।

  • रमजान को नेकियों या पुन्यकार्यों का मौसम-ए-बहार (बसंत) कहा गया है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुस्लमान अल्लाह की इबादत (उपासना) ज्यादा करता है। अपने परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए उपासना के साथ, कुरआन परायण, दान धर्म करता है।
  • यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है। इस महीने में रोजादार को इफ्तार कराने वाले के गुनाह माफ हो जाते हैं। पैगम्बर मोहम्मद सल्ल. से आपके किसीसहाबी (साथी) ने पूछा- अगर हममें से किसी के पास इतनी गुंजाइश न हो क्या करें। तो हज़रात मुहम्मद ने जवाब दिया कि एक खजूर या पानी से ही इफ्तार करा दिया जाए।
  • यह महीना मुस्तहिक लोगों की मदद करने का महीना है। रमजान के तअल्लुक से हमें बेशुमार हदीसें मिलती हैं और हम पढ़ते और सुनते रहते हैं लेकिन क्या हम इस पर अमल भी करते हैं। ईमानदारी के साथ हम अपना जायजा लें कि क्या वाकई हम लोग मोहताजों और नादार लोगों की वैसी ही मदद करते हैं जैसी करनी चाहिए? सिर्फ सदकए फित्र देकर हम यह समझते हैं कि हमने अपना हक अदा कर दिया है।
  • जब अल्लाह की राह में देने की बात आती है तो हमें कंजूसी नहीं करना चाहिए। अल्लाह की राह में खर्च करना अफज़ल है। ग़रीब चाहे वह अन्य धर्म के क्यों न हो, उनकी मदद करने की शिक्षा दीगयी है। दूसरों के काम आना भी एक इबादत समझी जाती है।
  • ज़कात, सदक़ा, फित्रा, खैर खैरात, ग़रीबों की मदद, दोस्त अहबाब में जो ज़रुरतमंद हैं उनकी मदद करना ज़रूरी समझा और माना जाता है।
  • अपनी ज़रूरीयात को कम करना और दूसरों की ज़रूरीयात को पूरा करना अपने गुनाहों को कम और नेकियों को ज़्यादा करदेता है।
  • मोहम्मद सल्ल ने फरमाया है जो शख्स नमाज के रोजे ईमान और एहतेसाब (अपने जायजे के साथ) रखे उसके सब पिछले गुनाह माफ कर दिए जाएँगे। रोजा हमें जब्ते नफ्स (खुद पर काबू रखने) की तरबियत देता है। हममें परहेजगारी पैदा करता है। लेकिन अब जैसे ही माहे रमजान आने वाला होता है, लोगों के जहन में तरह-तरह के चटपटे और मजेदार खाने का तसव्वुर आ जाता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

Ramadan Time Table

  1. "The Umm al-Qura Calendar of Saudi Arabia". http://www.staff.science.uu.nl/~gent0113/islam/ummalqura.htm. 
  2. "Ramadan to start May 27 or May 28". http://www.aljazeera.com/news/2017/04/ramadan-fasting-start-date-170427062743037.html. अभिगमन तिथि: 27 April 2017.