लक्ष्मण झूला

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
लक्ष्मण झूला

लक्ष्मण झूला ऋषिकेश में गंगा नदी पर बना एक पुल है।

इतिहास[संपादित करें]

पुरातन कथनानुसार भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियों के सहारे नदी को पार किया था। स्वामी विशुदानंद की प्रेरणा से कलकत्ता के सेठ सूरजमल झुहानूबला ने यह पुल सन् 1889 में लोहे के मजबूत तारों से बनवाया, इससे पूर्व जूट की रस्सियों का ही पुल था एवं रस्सों के इस पुल पर लोगों को छींके में बिठाकर खींचा जाता था। लेकिन लोहे के तारों से बना यह पुल भी 1924 की बाढ़ में बह गया। इसके बाद मजबूत एवं आकर्षक पुल बनाया गया।[1]

निकटस्थ[संपादित करें]

लक्ष्मण झूला का गंगा नदी से लिया गया एक विहंगम चित्र।

इस पुल के पश्चिमी किनारे पर भगवान लक्ष्मण का मंदिर है जबकि इसके दूसरी ओर श्रीराम का मंदिर है। कहा जाता है कि श्रीराम स्वयं इस सुंदर स्थल पर पधारे थे। पुल को पार कर बाईं ओर पैदल रास्ता बदरीनाथ को तथा दायीं ओर स्वर्गाश्रम को जाता है। केदारखंड में इस पुल के नीचे इंद्रकुंड का विवरण है, जो अब प्रत्यक्ष नहीं है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Lakshman Jhula". India9.com. अभिगमन तिथि 2009-07-20.


बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]