मिज़ोरम के मुख्यमंत्रियों की सूची

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{{{body}}} के मिज़ोरम के मुख्यमंत्री
Seal of Mizoram.svg
मिज़ोरम की मुहर
नियुक्तिकर्ता मिज़ोरम के राज्यपाल
उद्घाटक धारक छ छुङा
गठन ३ मई १९७२

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री उत्तर-पुर्व भारत के मिज़ोरम राज्य के सरकार के प्रमुख हैं। भारत के संविधान के मुताबिक, मिज़ोरम के राज्यपाल राज्य के न्यायपालिक है, लेकिन वास्तविक कार्यकारी प्राधिकारी मुख्यमंत्री है। मिज़ोरम विधान सभा के चुनावों के बाद, राज्यपाल आम तौर पर सरकार बनाने के लिए बहुसंख्य पक्ष (या गठबंधन) को आमंत्रित करता है। राज्यपाल मुख्यमंत्री को नियुक्त करता है, जिनके मंत्रिमंडल में सामूहिक रूप से विधानसभा के लिए जिम्मेदार है। यह देखते हुए कि उन्हें विधानसभा का विश्वास है, मुख्यमंत्री का कार्यकाल पांच साल के लिए है और यह कोई अवधि सीमा नहीं है।

मुख्यमंत्रियों की सूची[संपादित करें]

क्र॰[a] नाम कार्यकाल [1] दल [b] कार्याकाल का अवधी
छ छुङा
कोलासीब के विधायक
३ मई १९७२ १० मई १९७७ मिजो यूनियन ३७४ दिन
रिक्त [c]
(राष्ट्रपति शासन)
११ मई १९७७ १ जुन १९७८ - ३८७ दिन
टी सैलोओ
आइजोल उत्तर के विधायक
२ जुन १९७८ १० नवंबर १९७८ मिजो पीपल्स कॉन्फ्रेंस १६२ दिन
रिक्त [c]
(राष्ट्रपति शासन)
१० नवंबर १९७८ ८ मई १९७९ - १८० दिन
(२) टी सैलोओ
आइजोल उत्तर के विधायक
८ मई १९७९ ४ मई १९८४ मिजो पीपल्स कॉन्फ्रेंस १८२४ दिन
पु ललथनहवला
सेरचीप के विधायक
५ मई १९८४ २० अगस्त १९८६ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ८३८ दिन
लालडेंगा
आइजोल उत्तर II के विधायक
२१ अगस्त १९८६ ७ सितंबर १९८८ मिजो नेशनल फ्रंट ७४९ दिन
रिक्त [c]
(राष्ट्रपति शासन)
७ सितंबर १९८८ २४ जनवरी १९८९ - १४० दिन
(३) पु ललथनहवला
सेरचीप के विधायक
२४ जनवरी १९८९ ३ दिसंबर १९९८ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ३६०० दिन
ज़ोरामथंगा
चंपहाई के विधायक
३ दिसंबर १९९८ ११ दिसंबर २००८ मिजो नेशनल फ्रंट ३६६० दिन
(३) पु ललथनहवला
सेरचीप के विधायक
११ दिसंबर २००८ ११ दिसंबर २०१३ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस &0000000300348000.0000009 वर्ष, 189 दिन
१२ दिसंबर २०१३ -- वर्तमान --


टिप्पणियाँ और सन्दर्भ[संपादित करें]

टिप्पणियाँ
  1. वर्तमान संख्या। कोष्ठक के अंदर एक नंबर दर्शाता है कि पदाधिकारियों ने पहले कार्यालय का आयोजन किया था।
  2. यहा केवल मुख्यमंत्री के दल का नाम दिया है। वह राज्य सरकार कई दलों और निर्दलीयों का एक जटिल गठबंधन हो सकता है; जो यहां सूचीबद्ध नहीं हैं।
  3. राष्ट्रपति शासन तब लगाया जा सकता है। जब राज्य संविधान के अनुसार कार्य नहीं कर पाता है। ये अक्सर होता है क्योंकि विधानसभा में कोई भी दल या गठबंधन बहुमत नहीं रखते। जब राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होता है, तो मंत्रियों की परिषद भंग हो जाती है। इस प्रकार मुख्यमंत्री का पद खाली होता है, और प्रशासन राज्यपाल द्वारा किया जाता है, जो केंद्र सरकार की ओर से कार्य करता है। कभी-कभी विधानसभा भी भंग हो जाती है। [2]
सन्दर्भ
  1. "About Government-Chief Minister". Mizoram state official website. http://mizoram.nic.in/gov/cm.htm. 
  2. अंबरीश के दिवानजी. "A dummy's guide to President's rule"। रेडीफ़, १५ मार्च २००५.