सुमन्त्र

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सुमन्त्र वाल्मीकि रामायण में अयोध्या के महाराज दशरथ के आठ कूटनीतिक मंत्रियों में से एक थे और रामायण में सबसे मुख्य मंत्री थे जो राजा को सर्वदा उचित सलाह देते हैं। वह राजा के दरबार में सात मंत्रियों के बाद में आठवें मंत्री थे फिर भी राजा दशरथ उन्हीं से सलाह लेते थे। उनसे पहले जो मुख्य सात मंत्री थे वह इस प्रकार थे – धृष्टि, जयन्त, विजय, सुराष्ट्र, राष्ट्रवर्धन, अकोप तथा धर्मपाल[1]
वह सुमन्त्र ही थे जो राम, सीता तथा लक्ष्मण को वनगमन के दौरान अपने रथ में अयोध्या से गंगा के तट तक छोड़ने आये।

सन्दर्भ[संपादित करें]