शूर्पणखा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
वार्विक गोब्ले द्वारा चित्रित शूर्पणखा का अपमान
राम से प्रेमयाचना करती हुई शूर्पणखा

शूर्पणखा (=शूर्प नखा) रामायण की एक दुष्ट पात्र है। वह रावण की बहन थी। सूपे जैसी नाखूनों की स्वामिनी होने के कारण उसका नाम शूर्पणखा पड़ा। परंतु सूप नखा नाम नाक की बनावट से संबंधित भी हो सकता है क्योंकि उसका नाक सूपड़ा( सूपड़ा गेहूं फटकने का एक बर्तन होता ) के समान हो गया था। इसका तमिल में नाम 'सूर्पनगै' है, इण्डोनेशियाई भाषा में 'सर्पकनक' है, ख्मेर भाषा में 'शूर्पनखर' है, मलय भाषा में 'सुरपन्दकी' है और थाई भाषा में 'सम्मानखा' है।

वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब राम और लक्ष्मण ने उससे विवाह करने की उसकी याचना को अस्वीकार कर दिया तब वह क्रोधित होकर सीता पर आक्रमण करने के लिये झपटी। इस पर लक्ष्मण ने उसके नाक-कान काट दिये। अपमानित होकर विलाप करती हुई वह अपने भाई रावण के पास गयी और रावण ने इस अपमान का बदला लेने की प्रतिज्ञा की। रावण, सीता को चुरा ले गया। राम-रावण युद्ध हुआ। अन्ततः राम ने रावण का वध किया।