सदस्य वार्ता:आशीष भटनागर/पुरालेख08

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अनुक्रम

साँचा:भाषा[संपादित करें]

«आलोक» (, ) ⌛ १२:५८, १८ सितंबर २००९ (UTC)

एसवीजी संपादन[संपादित करें]

कभी किया नहीं पर चीज़ दिलचस्प है। एसवीजी संपादिन के लिए क्या इस्तेमाल किया जा सकता है? «आलोक» (, ) ⌛ १४:००, १९ सितंबर २००९ (UTC)

साँचा:भाषा[संपादित करें]

«आलोक» (, ) ⌛ ०५:००, २० सितंबर २००९ (UTC)

ध्यान दें[संपादित करें]

पुंकाक जय, साना आदि कई लेखों मे प्रयुक्त मानचित्रों पर स्थान विशेष को दिखाने वाले बिन्दु के स्थान पर त्रुटि आ रही है, कृपया इसे देखें और हो सके तो ठीक करें। --दिनेश ०२:२१, १९ सितंबर २००९ (UTC)

सौरभ भारती ने इस पर काम किया है, पर अभी भी बात बनी नहीं, जहां पुंकाक जय मे स्थिति दर्शाने वाला बिन्दु फ्रेम से बाहर है वहीं साना मे यह नदारद है। सौरभ की सलाह पर मै यह आपको लिख रहा हूं, कृपया समाधान करें। --दिनेश १३:०६, २० सितंबर २००९ (UTC)

आज का अलेख[संपादित करें]

कृपय़ा इन दोनो लेखो को आज के आलेख के लिये विचार करे। धन्यवाद

भारतीय नौसेना पोत विराट में तो पहले से चित्र दीर्घा है फिर एक और लगाने का क्या अर्थ है?--Munita Prasadवार्ता १५:२६, २१ सितंबर २००९ (UTC)

नमस्कार एवं ईद मुबारक। ठीक है आप अपना काम कर लीजिए। पर बुरा न मानिए तो एक बात कहती हूँ कि परांठा का स्तर लेकिन आज के आलेख के अनुरूप नहीं हुआ है।--Munita Prasadवार्ता १५:३९, २१ सितंबर २००९ (UTC)
आपको पहले भी सुझाव दिया था मैंने कि नए लेख अच्छे नहीं मिले तो पूराने तो लगा ही सकते हैं इसमें बुराई नहीं है।--Munita Prasadवार्ता १५:४७, २१ सितंबर २००९ (UTC)
OK--Munita Prasadवार्ता १५:५७, २१ सितंबर २००९ (UTC)
ना जी ऐसी बात नहीं है।--Munita Prasadवार्ता १५:५९, २१ सितंबर २००९ (UTC)

भारतीय नौसेना पोत विराट[संपादित करें]

आशीष जी भारतीय नौसेना पोत विराट से तो विराट आपका साँचा हो गया है। उसका कुछ कीजिए , लेख पर साँचा हावी हो गया है। मेरी समझ में तो नहीं आ रहा है कि क्या करूँ, वैसे भी साँचों के विशेषज्ञ को आप हैं इंजिनीयर साहब।--Munita Prasadवार्ता १६:३४, २१ सितंबर २००९ (UTC)

आसफ़ुद्दौला[संपादित करें]

कोई दिक्कत नहीं, आप बेझिझक फ़ेरबदल करें। मैं बीच बीच में नज़र मार के बदलाव करता रहता हूँ, इस बार मैं कुछ कड़ियों के लिए फ़ेरबदल कर रहा था इसलिए शायद अंतर्विरोध आया हो लेकिन हर बार 'मेरा लेख' समझ के मुझे कहने की आवश्यकता नहीं :) सुझावों के लिए तो धन्यवाद है ही।

«आलोक» (, ) ⌛ ०८:४७, २३ सितंबर २००९ (UTC)

सदस्य नाम कैसे बदलें[संपादित करें]

आशीष जी! नमस्ते। मैं अपना सदस्य नाम aniruddhajnu से बदलकर अनिरुद्ध करना चाहता हूँ। कृप्या मेरी सहायता करें। --अनिरुद्ध १६:१६, २३ सितंबर २००९ (UTC)

रोग[संपादित करें]

नमस्कार एवं सुप्रभात, क्या जी पूजा के मौसम में ये दुनिया भर के रोगों की चिन्ता क्यों किए हुए है?--Munita Prasadवार्ता ०३:३१, २४ सितंबर २००९ (UTC)

आपको भी पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ, आप सब पूजा में खूब मजा करें। देवी की आपके ऊपर कृपा हो। मैं कल बाहर जा रही हूँ छुट्टी मनाने इसलिए आपके अनुरोध को स्वीकारना मुस्किल है। हाँ आपसे छुट्टी वाली बात भी बतानी थी, शायद ५ तारीख तक लौटना होगा। तब तक विकि को सिर्फ आपको ही संभालना है पूर्णिमा जी पहले ही व्यस्त हैं उनके वहाँ भी शायद पूजा इत्यादि है।--Munita Prasadवार्ता ०४:३८, २४ सितंबर २००९ (UTC)

अग्न्याशय[संपादित करें]

लेख की चर्चा लेख के वार्ता पन्ने पर :) «आलोक» (, ) ⌛ ०४:१५, २४ सितंबर २००९ (UTC)

आसफ़ुद्दौला[संपादित करें]

«आलोक» (, ) ⌛ ०४:२१, २४ सितंबर २००९ (UTC)

भारतीय नौसेना पोत विराट[संपादित करें]

भारतीय नौसेना पोत विराट में जो साँचा लगाया है उसके सामान्य विशेषताओँ वाला अंश दिखाओ छुपाओ जैसा कर दीजिए जिससे उसको आज का आलेख बनाया जा सके।--Munita Prasadवार्ता ०३:४५, २५ सितंबर २००९ (UTC)


विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँSMirC-beam.svg--Munita Prasadवार्ता ०७:३३, २८ सितंबर २००९ (UTC)

धन्यवाद आशीष[संपादित करें]

'सूरत शब्द योग' श्रेणी बनाने के लिए धन्यवाद. कृपया उसमें 'सूरत' को 'सुरत' कर दें. कुछ योगदान यहां हिंदी विकिपीडिया पर करने का इरादा है. असमान सॉफ्टवेयर, फांट और कई की-बोर्ड (मंगल और Tahoma फ़ॉंण्ट और इंस्क्रिप्ट और एंग्लो-नागरी जैसे की-बोर्ड सहित) का मानकीकरण आज भी समस्या है. सभी मानेंगे कि हिंदी विकि पर इतना कम योगदान होने का यह एकमात्र कारण है. आशावान मैं अब भी हूँ. पूर्ण विराम के दोनों रूपों (|) और (.) में मेरी पसंद (.) है. इसके बारे में चौपाल पर चर्चा होगी. मैंने अंग्रेज़ी विकि पर योगदान किया है. बहुत अच्छा लगा. वर्तनी संबंधी मदद दे सकता हूँ.--Bhagat.bbवार्ता B3 ०५:२२, २९ सितंबर २००९ (UTC)

एक विनम्र शुरूआत[संपादित करें]

मैंने अभी हाल ही में एक लेख शिव ब्रत लाल दिया है जो अंग्रेज़ विकिपीडिया पर Shiv Brat Lal के नाम से है. यह लेख उसी के अनुवाद पर आधारित है. आप इसे अब किसी प्रबंधक को सौंप सकते हैं. --Bhagat.bbवार्ता--B3 १४:०६, २९ सितंबर २००९ (UTC)

पूर्ण विराम[संपादित करें]

अभी मैंने अपने वार्ता पृष्ठ पर आपके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को पढ़ा है. धन्यवाद. ऊपर जिस लेख का उल्लेख मैंने किया है, उसमें मैं इस त्रुटि को सुधार लूँगा. यहाँ मुझे अंग्रेज़ी के फुल स्टाप की अनुमति फिलहाल दे दें.--Bhagat.bbवार्ता--B3 १४:१६, २९ सितंबर २००९ (UTC)

डायलिसिस[संपादित करें]

Updated DYK query आपके द्वारा लिखें गए या काफी सुधारे गए लेख डायलिसिस के तथ्य को क्या आप जानते हैं? में 16 अक्टूबर, 2019 को प्रदर्शित किया गया। अगर आपको हाल में बदले गए किसी लेख से कोई रोचक तथ्य पता है तो कृपया उसे "क्या आप जानते हैं?" संवाद पृष्ठ पर सुझाए।

ग्रीन हाउस गैस[संपादित करें]

Updated DYK query आपके द्वारा लिखें गए या काफी सुधारे गए लेख ग्रीन हाउस गैस के तथ्य को क्या आप जानते हैं? में 16 अक्टूबर, 2019 को प्रदर्शित किया गया। अगर आपको हाल में बदले गए किसी लेख से कोई रोचक तथ्य पता है तो कृपया उसे "क्या आप जानते हैं?" संवाद पृष्ठ पर सुझाए।

आज का आलेख[संपादित करें]

Note.svg आपके द्वारा लिखे गए या काफी सुधारे गए लेख पत्तदकल स्मारक परिसर को आज का आलेख मे 16 अक्टूबर, 2019 को प्रदर्शित किया गया। आप अपने अन्य अच्छे लेख कृपया "आज का आलेख उम्मीदवार" पृष्ठ पर सुझाए।

नया लेख - सुरत शब्द योग[संपादित करें]

प्रिय आशीष जी, नमस्कार. आज मैंने आधार श्रेणी का उपर्युक्त लेख सुरत शब्द योग दिया है. कृपया देख लें.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०१:१३, २ अक्टूबर २००९ (UTC)

एक और लेख[संपादित करें]

आज ही एक अन्य लेख बाबा फकीर चंद आपके द्वारा सुशोभित हिंदी विकि पर दे रहा हूँ. इसे पहले अंग्रेजी विकि पर मैंने लिखा था. इसकी भाषा को विकिफाई करने की आवश्यकता हो सकती है जिस पर मैं अभी कार्य करूँगा. आपके प्रेमपूर्ण शब्द मुझे उत्साह देते हैं.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०९:३०, २ अक्टूबर २००९ (UTC)

भई वाह[संपादित करें]

आशीष भाई आपने चार नहीं कई चांद लगा दिए हैं. मैं आपसे सीख रहा हूँ. इस बीच मैंने भाषा को यथाशक्ति विकिफाई किया है और इसमें से एक पुराना शीर्षक हटा कर एक नया शीर्षक जोड़ा है. अब मैं इस लेख को औपचारिक रूप से आपके हवाले कर रहा हूँ.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०५:५६, ४ अक्टूबर २००९ (UTC)

एक फोटो की कठिनाई[संपादित करें]

मैंने बाबा फकीर चंद पर कार्य करते हुए उनकी एक सीडी देखी जिसमें फकीर ने वह कैप पहनी हुई थी जैसी आपके द्वारा लगाई फोटो में है. वहीं फकीर को मैंने कहते हुए सुना कि किसी बच्चे ने उन्हें वह कैप प्रेम से दी, उन्होंने पहन ली. साथ ही फकीर ने कहा कि वे प्रेमवश जोकर बने हुए हैं. उस फोटो में मैं कोई खराबी नहीं देखता परंतु एक अन्य फोटो पर भी विचार कर सकते हैं. एक फोटो मैंने एक वेब साइट से ली है, जो अन्य जगहों पर भी मैंने देखी है, जिसे मैं लेख में ला पाने में असमर्थ हूँ. कृपया मदद करें कि उसे कहां भेजूँ जिससे वह आप तक पहुँच जाए.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०५:१३, ६ अक्टूबर २००९ (UTC)

गुरु जी को नमस्कार[संपादित करें]

आपसे सीख कर मैंने मानवता मंदिर की एक फोटो लेख में लगा दी है. यह www.manavtamandir.com से ही ली गई है. प्रसंगवश आपका लगाया फोटो मैंने बदला जरूर है परंतु आप चाहेंगे तो उसे फिर से लगा दूँगा.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ११:३५, ६ अक्टूबर २००९ (UTC)

मैंने आज ही एक लेख संत मत दिया है जो अंग्रेज़ी विकि के लेख "Sant Mat" का अनुवाद तो है परंतु पूरी तरह अनुवाद नहीं बल्कि adaptation अधिक है. आपको समर्पित है.--Bhagat.bbवार्ता--B3 १५:२४, ९ अक्टूबर २००९ (UTC)
पुनश्चआपसे एक अनुरोध है कि श्रेणी 'सूरत शब्द योग' में शब्द 'सूरत' को कृपया 'सुरत' करदें. मैं इसे नहीं कर पा रहा हूँ.--Bhagat.bbवार्ता--B3 १६:१२, ९ अक्टूबर २००९ (UTC)
डेविड सी. लेन यह लेख डेविड सी. लेन अंग्रेज़ी विकिपीडिया के लेख David C Lane का adaptation और अनुवाद है. आज ही दिया है. अंग्रेजी में यह रीज़्यूम की भांति लिखा गया है. हिंदी में इसके इस दोष को काफी हद तक दूर किया गया है. आत्मजीवनी या जीवित व्यक्ति की क्या कोई श्रेणी हिंदी विकिपीडिया पर है?--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०५:१३, १० अक्टूबर २००९ (UTC)
मैंने कल ही एक लेख सत्गुरु दिया है जो अंग्रेज़ी विकि के लेख 'Satguru' का अनुवाद है और adaptation है. कृपया इसे देख लें.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०६:१२, ११ अक्टूबर २००९ (UTC)

मेघनाद साहा[संपादित करें]

नहीं आशीष जी चित्र तो अच्छा है पर उसके लिए पाठ कम पड़ रहा था। पूरा लेआउट थोड़ा सा गड़बड़ हो जा रहा था। वैसे अभी ठीक है आपने जो चित्र लगाया वो भी काफी अच्छा है। ज्ञानसंदूक से चार चाँद लग गएँ हैं।--Munita Prasadवार्ता १८:००, ११ अक्टूबर २००९ (UTC)

नहीं आशीष जी किसी खाश सदस्य ने तो ऐसा नहीं किया है, यही तो परेशानी है। जिसको इच्छा हो रही है नाम बदल दे रहा है तीन चार ऐसी घटनाएँ हो गईँ हैं। इसलिए ऐसा लिखना पड़ा वैसे भारत की शहर परियोजना तो है ही पर बीच बीच में थोड़ा स्वाद बदलना चाहिए न। इसलिए अभी तो नोबल पुरस्कारों पर ही काम करना अच्छा लग रहा है।--Munita Prasadवार्ता ०१:५७, १२ अक्टूबर २००९ (UTC)

सांचा[संपादित करें]

प्रिय भाई आशीष जी, हिंदी में पुस्तकों को उद्धृत करने के लिए कौन सा सांचा प्रयोग किया जाए जिससे उनका आईएसबीएन नंबर भी ग्लो करता दिखे।.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ०८:३२, १२ अक्टूबर २००९ (UTC)

जी जरूर--Munita Prasadवार्ता ०३:३९, १३ अक्टूबर २००९ (UTC)

अधिकांश काम हो गया है बस थोड़ा बाकी है। मैंने कुछ अंगाणु जोड़े जैसे कोशिका झिल्ली इत्यादि। एक बात और कहनी थी कि जीव विज्ञान से सम्बंधित साँचे जो भी आप बनाएँ उसमें श्रेणी जीव विज्ञान ही लगाएँ भले ही वो साँचा जीव विज्ञान के किसी उपविभाग का हो, इससे जीव विज्ञान से सम्बंधित लेख बनाते समय उपयुक्त साँचों को ढूड़ने में बहुत आसानी होगी। साँचा कोशिका बनाने के लिए धन्यवाद, इस प्रकार के साँचे वाकई बहुत उपयोगी हैं।--Munita Prasadवार्ता ०४:३१, १३ अक्टूबर २००९ (UTC)

नहीं आशीष जी किश्मत हमारी उतनी खराब नहीं। जीव विज्ञान में मैं हूँ न। आप जीव विज्ञान श्रेणी कभी फूरसत में देखिएगा, इसमें काफी मेहनत है मेरी। मैं इसको उच्च स्तर का बनाने के लिए संकल्पबद्ध हूँ।--Munita Prasadवार्ता ०४:४०, १३ अक्टूबर २००९ (UTC)

धन्यवाद[संपादित करें]

साँचे में सुधार के लिए धन्यवाद। रोहित रावत १४:५०, १३ अक्टूबर २००९ (UTC)

आहारीय खनिज[संपादित करें]

आहारीय खनिज यह तो एक बहुत अच्छा लेख बन रहा है :) keep the good work going --सुमित सिन्हावार्ता ०६:२०, १४ अक्टूबर २००९ (UTC)

पीरियोडिक टेबल ट्रान्स्लेट कर के लगा दी है , अब मै जाता हूँ । आगे आप देख लीजिए --सुमित सिन्हावार्ता ०६:३७, १४ अक्टूबर २००९ (UTC)

वृक्कीय खराबी[संपादित करें]

वृक्कीय खराबी में खराबी शब्द खराब लग रहा है कृपया इसके स्थान पर सिरोसिस या मानक हिन्दी का कोई शब्द प्रयोग करें. User:Dinesh smita

निर्वाचित लेख[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी,
निर्वाचित लेख का समय हो आया न? हाँ सही है आपने याद दिलाया, हिन्दी दिवस लेखों की गुणवत्ता इत्यादि बहुत सारे घटनाक्रम बीते। ठीक है मैं पूर्णिमा जी से बात करती हूँ। वे अभी भारत में ही हैं। आप तो शायद मिल भी सकते हैं। कोशिश कीजिए, वे दिल्ली के समीप ही हैं।--Munita Prasadवार्ता १४:३६, १४ अक्टूबर २००९ (UTC)

आशीष जी आपने मेरा संदेश पढ़ा?--Munita Prasadवार्ता १६:४८, १५ अक्टूबर २००९ (UTC)

मेल वेल छोड़िए जाइए मिल कर आ जाइए। गुरूजी हैं आखिर। नाराजगी सब दूर हो जाएगी। सहारनपुर के किसी प्राकृतिक चिकित्सालय के रिजोर्ट में चिकित्सा करा रही हैं। [1] ये पृष्ठ देखिए सब कुछ समझ जाइएगा।--Munita Prasadवार्ता १७:०७, १५ अक्टूबर २००९ (UTC)

पॉपअप विज्ञापन[संपादित करें]

आशीष जी, पॉपअप विज्ञापन पर लिखा गया है, "इंटरनेट पर इन विज्ञापनों की प्रोग्रामिंग जावा प्रोग्रामिंग भाषा के द्वारा की जाती है।", जो मेरे ख्याल से तथ्यपरक गलती है, यदि आपने इसे लिखा है तो मेरे ख्याल से जावा की जगर इसे जावास्क्रिप्ट लिखा जाए तो ठीक रहेगा। --Charu १२:१२, २५ अक्टूबर २००९ (UTC)

पद्म विभूषण[संपादित करें]

आपका धन्यवाद। आपके बदलाव अच्छे हैं तथा कोशिकीय श्वसन लेख को बेहतर बना रहे हैं। वैसे मुझे याद है कुछ समय पहले आपने पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं पर बहुत काम किया था। पद्म भूषण में बहुत से साँचे भी बनाएँ थें। वैसे ही साँचे यदि पद्म विभूषण वालों के बन पाते तो बहुत अच्छा काम होता। वैसे पद्म भूषण से पद्म विभूषण प्राप्तकर्ताओं की संख्या काफी कम है। यह सम्मान भी उससे उच्च स्तर का है। कुछ ऐसे पुरस्कार प्राप्त लोगों के लेख में कुछ सुधार भी की हूँ आज देखिएगा समय मिले तो।--Munita Prasadवार्ता १२:१७, २५ अक्टूबर २००९ (UTC)

बढ़िया तो ये होगा कि हम दशकों के हिसाब से साँचे बनाकर उनपर काम करें। जैसे 1971- 1980 के ऐसे ही। आप साँचा बना दीजिएगा एवं मैं एक बड़ा साँचा है उसके नामों को अनूदित करने का प्रयास करती हूँ।--Munita Prasadवार्ता १३:१३, २५ अक्टूबर २००९ (UTC)

निर्वाचित चित्र[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी,
आपके द्वारा बनाएँ गये सूंदर जटिल साँचों के बावजूद एवं चित्र प्रस्तावित करने में आई तमाम बाधाओं से निपटते हुए ४५ वें सप्ताह के लिए एक चित्र प्रस्तावित की हूँ। कृपया एक नजर देख लीजिएगा।--Munita Prasadवार्ता ०२:३२, २८ अक्टूबर २००९ (UTC)

जी बहुत-बहुत धन्यवाद। आज-कल आप व्यस्त रहते हैं क्या?--Munita Prasadवार्ता १७:२६, २९ अक्टूबर २००९ (UTC)

Bot based welcome[संपादित करें]

Ashish, a user (Hindi) is running a welcome bot without bot flag. This is tripping a few wires in the monitoring. We have left a note in their talk page as well. Thanks. --Jyothis ०४:०५, ३० अक्टूबर २००९ (UTC)

"प्रचालन तंत्र" पर लेख[संपादित करें]

आशीष जी, सबसे पहले आपको इस तरह के विषयों पर लिखना आरम्भ करने के लिये साधुवाद। आपने मुझे जो काम सौंपा है उसे मैं यथा-शक्ति और यथा-समय करने की कोशिश करूँगा। अनुनाद सिंह १२:११, २ नवंबर २००९ (UTC)

हस्ताक्षर में वार्ता लिंक लगाने की विधि[संपादित करें]

आज तक इसकी अनदेखी कर रहा था। आपने इसकी तरफ इशारा किया है तो विधि भी संक्षेप में बता ही दीजिये (या किसी लिंक की तरफ ही इशारा कर दीजिये) अनुनाद सिंह १२:२६, २ नवंबर २००९ (UTC)

धन्यवाद ; अपना नया हस्ताक्षर जांच करने आया हूँ। -- अनुनाद सिंहवार्ता १२:५१, २ नवंबर २००९ (UTC)


सीख का पहला प्रदर्शन सिखावनहार के सामने कर लेना बेहतर होता है और सुरक्षित भी। ताकी कोइ दोष न रह जाय।

अनिरुद्ध  वार्ता  १२:५८, २ नवंबर २००९ (UTC) १६:३७, ३ नवंबर २००९ (UTC)

देखा आपने मैं गलतियाँ किए बिना कुछ सीख लूँ यह तो हो ही नहीं सकता। अब सफर शुरु किया है तो मंजिल तक पहुँचने में भी आप मदद तो करेंगें ही। यह २ नवंबर की तिथि मेरे पीछे क्युँ पड़ गई? अनिरुद्ध  वार्ता  १२:५८, २ नवंबर २००९ (UTC) १६:४६, ३ नवंबर २००९ (UTC)

अब सब ठीक हो गया। दरअसल मैने आपके पूरे हस्ताक्षर की कॉपी कर दी थी। बाद में मैने तिथि मिटा दी तो सब ठीक हो गया। यह दिलचस्प है कि मैने वार्ता लिंक की कमी तभी महसूस की थी जब मुझे अनुनाद जी से कुछ आग्रह करना था। आपने तो सारी मुश्किलें एक साथ ही सुलझा दी। बहुत बहुत धन्यवाद।

एक आग्रह है कि आपके जबाब के उस अंश को जिसमें समाधान है अगर चौपाल पर डाल दें तो और भी कितने ही सदस्य वार्ता लिंक लगा सकेंगें। इससे किसी के भी वार्ता पृष्ठ पर पहुँचना अत्यंत सरल हो जाएगा। अनिरुद्ध  वार्ता  १७:३१, ३ नवंबर २००९ (UTC)

फिर से धन्यवाद। फिर कोइ गुनाह हो गया हो तो कृप्या ठीक कर दिजिएगा। अनिरुद्ध  वार्ता  १७:०४, ४ नवंबर २००९ (UTC)

मुखपृष्ठ[संपादित करें]

नमस्कार,
आप तो फ्लोक का प्रयोग करते हैं जरा एकबार मुखपृष्ठ को i.e. या फायरफोक्स या गूगल क्रोम में खोलकर देखिए तो।--Munita Prasadवार्ता १३:२७, २ नवंबर २००९ (UTC)

मुखपृष्ठ का संतुलन आपके चित्र के साँचे पैनोरमा के अन्य ब्राउजरों में न चलने के कारण बिगड़ा था। मेरे द्वारा लगाए गए आज का आलेख के कारण नहीं। एवं आप की जानकारी के लिए बताती हूँ कि मैं सर्वदा इसका ध्यान रखती हूँ कि आज का आलेख के शब्दों की संख्या जो मुखपृष्ठ पर दिखती है उसका संतुलन रहे एवं मुखपृष्ठ का संतुलन न बिगड़े।--Munita Prasadवार्ता ०४:५०, ३ नवंबर २००९ (UTC)
लखनऊ एक बार पढ़ कर देखना होगा जी फिर कुछ कह सकूंगी। वैसे मैंने कुछ दिनों पहले इसकी प्रस्तावना पढ़ी थी जो कि निर्वाचित लेख के स्तर से देखी जाए तो किसी भी मामले में कम नहीं है। सच कहूँ तो मैं पूरा लेख पढ़ नहीं पाई थी। पढ़ने के बाद ही कुछ राय दूं तो ज्यादा अच्छा होगा न?--Munita Prasadवार्ता ०५:०३, ३ नवंबर २००९ (UTC)
लखनऊ आलेख को देख रहा हूँ--डा० जगदीश व्योम ०२:४७, ५ नवंबर २००९ (UTC)

श्वान लेखो पर आपकि राय सराहनीय है[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी,

क्यों की मुझे हिंदी के अंक समज में नहीं आते इसलिए मैंने यह बात रखी थी व जब मालुम चला की यहाँ पहले ही हिंदी के अंको के उपयोग पर मत हो चूका है तो उसका सम्मान करते हुए मैंने उन्हें अपनाने व समझने का फैसला किया. श्वान लेखो पर आप द्बारा दी गयी राय सराहनीय है पर मुझे साचा बनाने का फिलहाल ज्ञान नहीं है. क्या आप मदद करेंगे?

धन्यवाद --सिद्धार्थ गौड़ १६:१६, ७ नवंबर २००९ (UTC)

मैंने आपके द्वारा नोकिया लेखो में लगाये जाने वाले साचे के लिए जो उदहारण दिया, वो देखा. वाकई में बहुत ही अच्छा विचार है व यह उपयोगी होने के साथ लेख की गुणवंता भी बढाएगा. में कल इस पर कार्य करूंगा. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता १७:१०, ११ नवंबर २००९ (UTC)

हाल की घटनाएं पुष्ट को सही करने का कार्य[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी,

मैंने खुले कामो की सूची में हाल की घटनाएं पुष्ट को सही करने का कार्य देखा साँचा:Opentask. पर वो पुष्ट तो सुरक्षित है इसलिए सिर्फ उसका कोड देखा जा सकता है कोई बदलाव नहीं कर सकते, में समझ सकता हूँ क्यों.

मेरा मानना है की रोज कम से कम एक तो आज की घटना वहा जोड़ी ही जानी चाहिए, व उसमे अगर कोई नए लेख की जरूरत है तो वों उस समय संक्षेप में बनाया जा सकता है.

अगर आप आज्ञा दे तो में रोज एक महतवपूर्ण खबर इस खंड में उसके रंग रूप अनुसार लिख सकता हूँ.

धन्यवाद. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता २३:१३, १० नवंबर २००९ (UTC)

शुप्रभात आशीष जी,

साचे के बारे में आपने सही लेख बताया, वहा से उसे कॉपी किया जा सकता है व शेष सही करने का कार्य में कर सकता हूँ.

आज के समाचार के बारे में, में आप से सहमत हूँ की सुरक्षा कारणो की वजह से उस पन्ने को असुरक्षित नहीं किया जा सकता. अभी थोडी देर पहले मैंने खुद ने वहा लिखे भद्दे शब्दों को हटाया है. आप इस बारे में बिलकुल सही है. में प्रवेशद्वार:हाल की घटनाएँ/घटनाएँ/नवंबर २००९ लेख में रोज एक मुख्य समाचार जोड़ दिया करूंगा. वो भी मेरा उद्देश्य सिद्ध कर देगा की विकिपीडिया पर रोज नए समाचार हो. उम्मीद है आप का सहयोग मिलता रहेगा.

आपने जो एक शब्द के कई मतलब वाला उदहारण दिया उसका कोई विशेष मतलब? जैसे की क्या मैंने कही इसी प्रकार की गलती की? कुर्प्या बता देवे ताकि उसे सही कर दू.--सिद्धार्थ गौड़ वार्ता ०२:५७, ११ नवंबर २००९ (UTC)

सरल जी वाले साँचे को आपने बहुत सुन्दर बना दिया है..... आभार !! --आलोचक १६:५५, ११ नवंबर २००९ (UTC)

OK[संपादित करें]

जी थीक है मे ध्यान रखुन्गा। actually मेरि हिन्दी बहुत थीक नही है इस्लिए मेइन साचा लगाने का काम कर रहा हूं। And one more thing is from where can i take help on bot related topics and also suggest me some really helpful sites to learn at least some basic Hindi grammer and vocabulary. हिन्दी २०:३६, १२ नवंबर २००९ (UTC)

Wikipedia:Administrators का हिंदी लेख[संपादित करें]

आशीष जी,

आप के कहे अनुसार Wikipedia:Administrators का हिंदी लेख बना रहा हूँ. पर यह सीधे वैसे ही जैसे की इंग्लिश में है नहीं बन सकता क्यों की दोनों ही लेख लिंक खाली नहीं है. इसका नया नाम रखना पड़ा. दोनों विकिपीडिया:प्रबंधक और विकिपीडिया:प्रबन्धक लेख बने हुए है. मेरी राय में इन दोनों को मिला देना चाहिए. व मेरा बनाया नया लेख कहा ढीक लगेगा, उसपे redirect करेंगे या लेख बदलेंगे, यह आप फैसला करे.

लेख बड़ा है, बनाने में समय लगेगा. लेख देखे: विकिपीडिया:प्रबंधक नियम व दायित्व

उम्मीद करता हूँ आपकी आशा पर खरा उतरेगा. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता २३:५९, १२ नवंबर २००९ (UTC)

आज थोड़ा सा समय का अभाव है कृपया कल के लिए आज का आलेख का साँचा बना दीजिए तो लेख चयनित है बस साँचा बना दीजिए नहीं तो मुखपृष्ठ पर कड़ी लाल रह जाएगी।--Munita Prasadवार्ता १६:०८, १४ नवंबर २००९ (UTC)
आशीष जी नमस्कार,
आप को जानकार ख़ुशी होगी की मैंने विकिपीडिया प्रबंधक सम्बन्धी पुष्ट पूरा कर दिया है. काफी बड़ा लेख था इस लिए समय लगा. आप के द्वारा मिले समर्थन और मदद के लिए आभारी हूँ. पूर्ण हुआ पुष्ट यहाँ देखे विकिपीडिया:प्रबंधक नियम व दायित्व. आप कृपया इस जाच लेवे, मेरे हुए अनुसार मैंने इसे गलती आदि के लिए देखा है फिर भी अंतिम जाच आप करे. साथ ही और कोई लिंक आदि जोड़ने हो तोह वोह भी देखे.
उम्मीद करता हूँ की आप को मेरे द्वारा किया गया कार्य पसंद आएगा और यह समाज के लिए लाभकारी होगा. और भी कोई मेरे लायक सेवा हो तो बताये. धन्यवाद. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता १६:५९, १५ नवंबर २००९ (UTC)
आशीष जी,
आप जैसे अच्छे व उपयोगी सुझाव देना जानते है वैसे ही किसी के करे गए कार्य की उचित सराहना करना भी. आपके द्वारा दिए गए बार्न स्टार के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूँ. आगे, आपने नोकिया सम्बन्धी लेखो के लिए साँचा तैयार कर बहुत ही बढ़िया किया, इसके होने से मेरे द्वारा बनाये जा रहे लेखो में और जानकारी व वजन आयेगा. में उसे और सही कर दूंगा जैसा की आपने ने बताया. आपने मेरे द्वारा बनाये गए साँचा:नोकिया के मोबाइल फ़ोन को भी देखा होगा, में इस पर लगातार कम कर रहा हूँ. यह आपकी राय पर ही आधारित है.
धन्यवाद. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता १५:४६, १६ नवंबर २००९ (UTC)
जी आगे से यह गलती करने से बचूंगा, त्रुटी सुधार के लिए आप का धन्यवाद.--सिद्धार्थ गौड़ वार्ता २३:११, १७ नवंबर २००९ (UTC)

संततिनिरोध[संपादित करें]

आशीष जी, संस्कृत व्याकरण की दृष्टि से देखने पर प्राय: दोनो पद समस्त होकर 'सटे' रहते हैं (यही सही है)। किन्तु हिन्दी में लोग दोनो पदों को अलग करके ही अधिक प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिये 'जीवविज्ञान' सही है किन्तु लोग 'जीव विज्ञान' अधिक लिखते पाये जाते हैं। इसलिये मेरे खयाल से यही उपयुक्त होगा कि "संतति निरोध" की एक प्रविष्टि भी बनायी जाय जिसको "संततिनिरोध" पर भेजा (री-डायरेक्ट किया) जाय। -- अनुनाद सिंहवार्ता १०:१९, १८ नवंबर २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

नमस्कार जी,
नवंबर महीने के लिए सभी दिनों के आलेख चयनित होने के बाद उन प्रत्यासियों को मैंने आज का आलेख प्रत्यासी के संवाद पृष्ठ पर डाल दिया है। ऐसा मैंने पहली बार नहीं किया है हर महीने ही बचे हुए प्रत्यासियों को उस महीने के नाम से संवाद पृष्ठ पर डाल देती हूँ। जब कभी बीच में अच्छे लेख नहीं मिलते हैं तो संवाद पृष्ठ ही सहारा होता है पुराने प्रत्यासियों में से लेख चुन कर थोड़े सुधार से चयनित करने होते हैं। अब प्रत्यासियों की जरूरत है अगले दिसम्बर महीने के लिए नवंबर के लिए नहीं। जहाँ तक पारदर्शिता एवं उंगली उठाने का प्रश्व है तो आप हैं ही। आप समझते ही हैं कि लेखों का चयन गुणवत्ता के आधार पर होता है किसी और आधार पर नहीं। आप थोड़ा व्यस्त रहे हैं इस महीने इसलिए शायद आपने ख्याल न किया हो आज का आलेख में विभिन्न लेखकों की कृतियां प्रकाशित हुई है। अच्छे-अच्छे लेख आएँ हैं। आपके भी कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इस महीने तो पूर्णिमा जी ने भी अपनी सारी व्यस्तता के बावजूद कई लेखों को सुधार कर आज का आलेख के अनूरूप बनाया उनके भी कई लेख प्रकाशित हुए। उन्होंने कई लेखों का चयन भी किया।--Munita Prasadवार्ता ०३:२५, २५ नवंबर २००९ (UTC)

धन्यवाद आशीष जी--Munita Prasadवार्ता १५:५६, २ दिसम्बर २००९ (UTC)

नाभिकीय संलयन रियेक्टर[संपादित करें]

कहाँ जी एक बार ही तो हटाया है। वो भी इसलिए क्योंकि हटाना जरूरी था। नाभिकीय संलयन रियेक्टर नामक कोई चीज होती ही नहीं है। ऐसा कोई रियेक्टर दुनिया में तो है ही नहीं। अंग्रेजी विकि पर भी en:fusion reactor को en:fusion power पर प्रेसित किया गया है en:Nuclear fusion पर नहीं।--Munita Prasadवार्ता १७:५३, ६ दिसम्बर २००९ (UTC)

माफ कीजिए लेकिन मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं हूँ। जब नाभिकीय संलयन रियेक्टर नामक चीज होती ही नहीं एवं भविष्य में कल्पना भी यदि करें कि ऐसा रियेक्टर बनेगा तो वह परमाणु विद्युत या नाभिकीय विद्युत या नाभिकीय शक्ति पर प्रेसित होगा, नाभिकीय संलयन पर नहीं प्रेसित होगा।--Munita Prasadवार्ता ०२:३२, ७ दिसम्बर २००९ (UTC)

विकिपीडिया:इंटरनेट पर हिन्दी के साधन[संपादित करें]

आशीष जी, मेरे ख्याल से विकिपीडिया:इंटरनेट पर हिन्दी के साधन को पुनः असुरक्षित कर देना चहिए , मै मानता हूं कि अपञ्जीकृत सदस्य इसपर स्पैम कर रहे थे , परन्तु यह भी है कि इस पृष्ठ मे ज्यादातर टूल के नाम डालने का काम भी अपञ्जीकृत सदस्यों ने ही किया है । सुरक्षित करने से इस पृष्ठ पर गतिविधियाँ काफी कम हो गई हैं । स्पैम आदि को हम लोग थोड़े-थोड़े दिनो पर हटाते रहेंगे :) --सुमित सिन्हावार्ता ०८:२६, ९ दिसम्बर २००९ (UTC)

निर्वाचित चित्र[संपादित करें]

प्रमुख चित्र नीचे क्षैतीज रूप से हो तो बहुत अच्छा ही होगा। चौपाल पर तो चर्चा भी किया था सब लोगों ने। नए वर्ष से वैसा ही कर दीजिए। जैसा कि चर्चा के बाद निर्णय लिया गया था। प्रमुख चित्र की जगह आज का आलेख चला जाएगा एवं आज का आलेख तथा आवश्यक लेख सूची की पूरी जगह पर प्रमुख चित्र क्षेतीज रूप में आ जाएगा। ठीक ही है।--Munita Prasadवार्ता ११:१६, ९ दिसम्बर २००९ (UTC)

मुखपृष्ठ/२ सही है, बढ़िया बना है वैसे भी कुछ अच्छे सुझाव आएँगें तो आवश्यक बदलाव कर लिए जाएँगें। अभी के लिए यह सही है।--Munita Prasadवार्ता १५:०९, १० दिसम्बर २००९ (UTC)
एक गड़बड़ है। आज का आलेख एवं प्रमुख चित्र के संकेत बदले हुए हैं एक दूसरे से, मुखपृष्ठ/२ देखिए समझ में आ जाएगा उसको ठीक करना होगा--Munita Prasadवार्ता १५:१३, १० दिसम्बर २००९ (UTC)
आपने जो लिंक दिया है उसका नीचे का हिस्सा मुझे पसंद नहीं आया। रंगो के साथ आपने जो प्रयोग किया है वो भी नहीं भा रहा है। बंधु प्रकल्प तथा अन्य भाषआओं में दो कालम में रहें तो ही ज्यादा अच्छा होगा फिर कभी बात करते हैं।--Munita Prasadवार्ता १५:५०, १० दिसम्बर २००९ (UTC)
आशीष जी यह तो अच्छा ही है कि हम अन्य प्रबंधकों के समर्थन ले लें, इससे कुछ अच्छे नएँ विचार या सुझाव आएँगें। उनको अपनाने के लिए मन खुला रखिएगा, अड़िएगा नहीं। वैसे मुझे ऐसा लगता है कि कितने भी प्रबंधक अपने विचार व्यक्त कर लें यदि पूर्णिमा जी का समर्थन नहीं हो तो कुछ भी लागू नहीं कीजिएगा। उनके विचार अतिमूल्यवान है। उनका सौंदर्य बोध का तो कहना ही क्या। हम काम चालू रखते हैं। मैं उनसे सम्पर्क करने की कोशिस करती हूँ। वैसे वे कुछ दिनों से आफलाइन हैं उनकी पत्रिका के वर्तमान अंक में भी उनका स्तम्भ नहीं प्रकाशित हुआ है पता नहीं क्यों। शायद अस्वस्थ हैं या कहीं प्रवास पर हैं पता नहीं।--Munita Prasadवार्ता १६:०३, १० दिसम्बर २००९ (UTC)

अनूदित लेख[संपादित करें]

प्रिय भाई आशीष जी, नमस्ते. आज मैंने अंग्रेज़ी विकिपीडिया के लेख बाबा फकीर चंद का लगभग रूपांतरण कर दिया है और अंग्रेज़ी लेख का पूर्णत: अनुवाद कर दिया है. कृपया इसे देखने की कृपा करें.--Bhagat.bbवार्ता--B3 १२:५९, १२ दिसम्बर २००९ (UTC)

भारत[संपादित करें]

नमस्कार, मैं भारत लेख को विकसित करना चाहती हूँ यदि समय मिले तो कृपया उस लेख के नीचे लग सकें ऐसे कुछ साँचे बना दीजिए जिनमें अधिक लाल कड़िया न हो।--Munita Prasadवार्ता ०४:५२, १४ दिसम्बर २००९ (UTC)

सत्संग[संपादित करें]

आज मैंने एक अनूदित लेख सत्संग दिया है। कृपया देख लें। इस पर दिया साँचा अंग्रेज़ी पाठ में है। लगता है इसकी हिंदी पाठ में आवश्यकता नहीं है।.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ११:१५, १५ दिसम्बर २००९ (UTC)

==अवांछित चित्रों को हटाना==

14 दिसम्बर 2009 को एक सज्जन ने बाबा फकीर चंद और कई अन्य लेखों पर अपने चित्र लगा दिए थे जो अभी भी पुराने अवतरणों पर हैं. क्या इन्हें विकिमीडिया से हटाया जा सकता है ताकि ये यतीम (orphans) हो जाएँ.--Bhagat.bbवार्ता--B3 ००:२३, १६ दिसम्बर २००९ (UTC)