सदस्य वार्ता:आशीष भटनागर/पुरालेख07

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नमस्कार[संपादित करें]

नमस्कार जी, शुभ-स्वागत। --Munita Prasadवार्ता ०९:०२, २० जुलाई २००९ (UTC)

सही है।--Munita Prasadवार्ता १३:३९, २० जुलाई २००९ (UTC)

अफ़्रीका के अनुभाग धर्म का थोड़ा विस्तार कर सकते हैं क्या? वो अनुभाग अन्य अनुभागों की तुलना में काफी छोटा है।--Munita Prasadवार्ता १४:५०, २० जुलाई २००९ (UTC)

धन्यवाद जी, एक काम और किया जा सकता है इतिहास को दो पैरा में बाँट सकते हैं। पहला प्राचीन इतिहास दूसरा आधुनिक। देखिए यदि समय मिले तो।--Munita Prasadवार्ता ०५:३१, २१ जुलाई २००९ (UTC)

अनुभाग के भीतर दूसरा उप अनुभआग न ्डालिएगा--Munita Prasadवार्ता ०५:३२, २१ जुलाई २००९ (UTC)

डीग[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी ! डीग पर आपके सुझाव अच्छे हैं। मैंने सन्दर्भ दे दिए हैं। धन्यवाद !!! लक्ष्मण १६:१८, २१ जुलाई २००९ (UTC)

Wikitrans[संपादित करें]

आप से निवेदन है की सदस्य:Wikitrans के कार्य का निरिक्षण करे. यह सदस्य अंगरेजी विकी से लेखो को अनुवादित कर हिंदी विकी पर जोड़ रहा है. पर इस कार्य में यह इस बात का ध्यान नहीं रख रहा है की पहले से वह लेख हिंदी विकी पर मौजूद है की नहीं. आज का ही उदहारण ले लीजिये लेख बाघ हिंदी विकी का एक आज के आलेख के लिए चयनित लेख था जिसे इन महाशय ने बिगाड़ कर रख दिया. अब यह लेख पुर्वरत भी नहीं हो रहा है. कृपया इस सदस्य को सूचित किया जाए जिससे इसका योगदान हिंदी विकी के लिए लाभदायक हो. अगर हम लोग इस सदस्य की हरकतों को ऐसे ही नजरंदाज करेंगे तो कुछ ही समय में काफी सारे लेख गंदे अनुवादित लेख बन कर रह जायेंगे. मैंने इस सन्दर्भ में चौपाल पर भी चर्चा शुरू की थी पर उस पर किसी भी प्रभंदक की राय या विचार नहीं आई. --गुंजन वर्मासंदेश ११:५९, २२ जुलाई २००९ (UTC)

बीरबल साहनी[संपादित करें]

पुरावनस्पतिविज्ञान संस्थान
नमस्कार आशीष जी, माफ कीजिएगा पर मुझे नहीं लगता है कि यह लेख अभी आज का आलेख के लिए चयनित होने योग्य है। लेख में कई गलतियाँ हैं। विराम एवं पूर्ण विराम सटीक स्थानों पर नहीं हैं, वाक्य रचना में कई जगह अर्थ ठीक से स्पष्ट नहीं होता है। वाक्य को अव्वययों से जोड़ा गया है वहाँ अनावश्यक कॉमा है। मुझे समय मिलता है तो मैं जहाँ तक हो सके ठीक करने का प्रयास करती हूँ फिर कहती हूँ आपको। धन्यवाद।--Munita Prasadवार्ता ०४:४२, २३ जुलाई २००९ (UTC)

अफ़्रीका[संपादित करें]

आशीष जी, अफ़्रीका के चित्रों को मैंने 200px आकार के कर दिए हैं। आपके सुझाव अच्छे हैं। इसको मेरे ख्याल से तो निर्वाचित लेख उम्मीदवार पर डाल सकते हैं। मैंने चौपाल पर भी एक संदेश दिया है आपने तो देखा ही होगा। कल परसों तक इंतजार कर लेते हैं। फिर उम्मीदवार पर डाल देगें। तब तक शायद कुछ और सुझाव आ जाएँ, अभी आलोचक जी बाकी हैं। --Munita Prasadवार्ता १७:२०, २३ जुलाई २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

नमस्कार आशीष जी, हां ये लेख दुबारा आ रहे हैं। अच्छे छोटे लेखों के अभाव में ऐसा किया जा रहा है। पूर्णिमा जी की अनुपस्थिति भी एक कारण है डाक्टर साहब का सक्रिय सहयोग नहीं मिल पा रहा है जिसकी अपेक्षा थी। धन्यवाद, हां एक बात और अफ़्रीका उम्मीदवार के रुप में प्रस्तावित है देख लीजिएगा पर पहले कुछ कमेंट्स आने दीजिए हम तो हैं ही दो --Munita Prasadवार्ता ०६:३७, २६ जुलाई २००९ (UTC)प्रबंधक। बाकी लोगों की क्या राय है जान लेते हैं, शायद कुछ कमियाँ उभर कर सामने आएँ जिनको ठीक करना पड़े।--Munita Prasadवार्ता ०५:५०, २६ जुलाई २००९ (UTC)

निर्वाचित लेख उम्मीदवार पर आपका कोई कमेंट नहीं है।--Munita Prasadवार्ता ०६:०९, २६ जुलाई २००९ (UTC)

लखनऊ आज का आलेख के लिए काफी बड़ा नहीं लगता आपको?--Munita Prasadवार्ता ०६:११, २६ जुलाई २००९ (UTC)

इस बारे में हम दोनों के ही विचार मिलते हैं कि हर महीने मुखपृष्ठ पर एक नया निर्वाचित लेख हो, पहले भी इस बारे में हम बात चीत कर चुके हैं। अगस्त के लिए ही अफ़्रीका हो एवं सितंबर में कोई भारतीय विषय निर्वाचत हो ऐसा मेरा सोचना है।--Munita Prasadवार्ता ०६:१५, २६ जुलाई २००९ (UTC)

सच कहूँ तो लखनऊ बस एक नजर ही देख सकी हूँ पूरा पढ़ना बाकी है। आज शाम तक देखती हूँ पर पहली प्राथमिकता अफ़्रीका को निर्वाचित करके अगस्त में मुखपृष्ठ पर लाना है। हां लड़ाई झगड़ा जीवन का अंग है चलते रहना चाहिए। लखनऊ देखने में बहुत सुंदर एवं चित्रमय है बस एक नजर में एक कमी खलती है कि अनुच्छेद कहीं कहीं पर बहुत छोटे हो गए हैं दो या तीन लाइनों के। वे ऊपर या नीचे के अनुच्छेद से मर्ज करना पड़ेगा।--Munita Prasadवार्ता ०६:२५, २६ जुलाई २००९ (UTC)

ये कमेंट मैं उम्मीदवार पर नहीं दे रही हूँ बल्कि आपसी बातचीत है कि क्या करना शेष है। आप कीजिएगा ऐसी ही बात नहीं है मुझे भी तो करना पड़ेगा ही। मात्र एक आदमी काम करके निर्वाचित लेख लिख ले ऐसा तो मुश्किल है क्योंकि कुछ न कुछ कमियाँ तो हम सब में है ही।--Munita Prasadवार्ता ०६:३४, २६ जुलाई २००९ (UTC)

अफ़्रीका के बारे में यही सोच मेरी है।

ब्रिस्बेन[संपादित करें]

धन्यवाद की आवश्यकता नहीं। यथाचेष्ट मदद करने का प्रयास कर रहा हूं, जो आपके प्रयास के आगे बहुत मामूली है। --Charu ०८:०३, २६ जुलाई २००९ (UTC)

निर्वाचित लेख[संपादित करें]

आशीष जी आज तो 26 तारीख है जी। क्या लगता है 31 तक पर्याप्त समर्थन मिलेगें। डाक्टर साहब ने एक कमेंट दिया था पर न तो समर्थन था न ही विरोध इसलिए उसको लेख के वार्ता पृष्ठ पर डाल दी हूँ।--Munita Prasadवार्ता १३:४१, २६ जुलाई २००९ (UTC) चौपाल पर आपकी अपील का जवाब है देख लीजिएगा।--Munita Prasadवार्ता १७:४२, २६ जुलाई २००९ (UTC)

ध्वन्यात्मक रोमन[संपादित करें]

कृपया इस विषय को देखें व सहयोग दें--सुमित सिन्हावार्ता १९:२४, २६ जुलाई २००९ (UTC)

लीला नायडू[संपादित करें]

आपने लीला नायडू से संबंधित लेख में इनका विवाह बलराज साहनी से होना लिखा है, जो मेरे ख्याल से सहीं नहीं है। कृपया एक बार तथ्यों को फिर से टटोल लें। --Charu ०७:२८, २९ जुलाई २००९ (UTC)

अफ़्रीका निर्वाचित हो गया बधाई एवं धन्यवाद। परन्तु बिना पूर्णिमा जी के समर्थन के इसका निर्वाचत होना अच्छा नहीं लग रहा है। मैं समझती हूँ कि निर्वाचत लेख कैसा होना चाहिए इसकी जितनी समझ पूर्णिमा जी को है उतनी अभी कार्यरत किसी भी सदस्य में नहीं। मैं उनसे यदि इस गुण का दस प्रतिशत भी सीख लूं तो भाग्यवान समझूंगी। वे अफ़्रीका को देखती तो जरूर कोई न कोई कमी निकालती जिसका परिमार्जन इस लेख को निर्वाचन स्तर तक पहुँचाता।--Munita Prasadवार्ता १२:३१, २९ जुलाई २००९ (UTC)

हां सही है ठीक जी।--Munita Prasadवार्ता १२:४५, २९ जुलाई २००९ (UTC)

पूर्णिमा जी जल्द ही आ जाएँगी आलेख में नए लेख कृपया मत लगाइए। मुखपृष्ठ पर जो भी जाए वो बेहतरीन हो सुझाव देने के लिए तो हम हैं ही। हम दोनों ही पूर्णिमा जी को लेख सुझा सकते हैं पर अंतिम निर्णय उन्हीं का हो तो बेहतर होगा। करेंट चली गई थी इसलिए उत्तर देने में देर हुई। हमारे शहर में करेंट जाने पर एक या डेढ़ घंटे बाद ही आती है।--Munita Prasadवार्ता १४:३६, २९ जुलाई २००९ (UTC)

नए लेख[संपादित करें]

आशीष जी,
सुप्रभात एवं नमस्कार,
बीच-बीच में हमें नएँ लेख बनाने की ओर ध्यान देना चाहिए। मैंने कल सोचा तो यही निष्कर्स निकला, आप का क्या विचार है। सब काम जब हम कुछ लोगों को ही करना है तो सब कुछ थोड़ा थोड़ा करना होगा, नहीं तो हम पीछे रह जाएँगें। आपका क्या ख्याल है।--Munita Prasadवार्ता ०२:५०, ३० जुलाई २००९ (UTC)

मैंने कल पचास से अधिक कुछ नए लेख बनाएँ थें, गुंजन ने भी कुछ नएँ लेख बनाएँ।--Munita Prasadवार्ता ०२:५२, ३० जुलाई २००९ (UTC)

चलिए तब हमारे नए परियोजना पर ही काम करते हैं आप भी लखनऊ करते करते कुछ बोर हुए होंगे। कोलकाता उठाइए इससे सम्बन्धित सारे लेख बनाते हैं मैं भी यही करती हूँ आप भी। ठीक है? इसके बाद का शहर आपकी पसंद का होगा, लेडिज फर्स्ट। पहले कोलकाता ठीक है। परियोजना शहर।--Munita Prasadवार्ता ०३:०५, ३० जुलाई २००९ (UTC) आज ३४,५०० लेख हैं हिन्दी विकि पर।--Munita Prasadवार्ता ०३:०८, ३० जुलाई २००९ (UTC)

सिर्फ कोलकाता ही नहीं उसकी लाल कड़ियाँ एवं कोलकाता से सम्बन्धित सारे विषय बनाते हैं जिससे कि लेखों की संख्या बढ़े। ठीक?--Munita Prasadवार्ता ०३:३२, ३० जुलाई २००९ (UTC)

जी ठीक है।--Munita Prasadवार्ता ०४:४७, ३० जुलाई २००९ (UTC) साँचा कोलकाता सही है कुछ छोटे मोटे संसोधन वक्त लेख बनाने के समय पर किए जाएँगें। जैसे ब्लैकहोल या ऐसाकुछ लिखा है वो कालकोठरी की घटना होगी, ऐसे ही। बाकी सब बेहतरीन है चित्र लाजवाब। मुख्य लेख के साँचें में सुधार पसंद आया।--Munita Prasadवार्ता ०९:०४, ३० जुलाई २००९ (UTC)

Re:[संपादित करें]

आशीष जी सुप्रभात

Sorry, my Lord.jpg

! अवगत करने के लिए शुक्रिया. वाकई भूल से भूल हो गई. वैसे मै हमेशा ध्यान रखता हूँ लेकिन इस बार जल्द बाजी के चक्कर में थोडी गड़बड़ हो गयी. अंगरेजी विकी के पृष्ठ पर हिंद का लिंक नहीं था इसलिए duplication हो गया --गुंजन वर्मासंदेश ०४:१६, ३० जुलाई २००९ (UTC)

दिल्ली[संपादित करें]

आशीष जी,
नमस्कार,
दिल्ली पर काम कर रही थी। उस सम्बन्ध में बात करना चाह रही थी।--Munita Prasadवार्ता १६:१०, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

नहीं आशीष जी, बात ये है कि दिल्ली तो कोलकाता से काफी अधिक विकसित है उसपर निर्वाचन की दृष्टि से ही काम किया जा सकता है।--Munita Prasadवार्ता १६:१३, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

मैंने देखा कि दिल्ली को एक वक्त आपने काफी सुधारा था। साँचे नए लगाएँ थें कई साँचे बनाएँ जो लेख को बेहतर बनाते थे।--Munita Prasadवार्ता १६:१४, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

लोग कमियाँ निकालते गएँ आप अपनी समझ के अनुसार सुधार करते गएँ। पर लेख को प्रस्तावित करते समय जो मैंने सोचा था वैसा कुछ हुआ नहीं।--Munita Prasadवार्ता १६:१६, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

लोगों नें कमियाँ तो निकाली पर उन कमियों की तरफ किसी की ध्यान नहीं गया जिनको दूर करके लेख को निर्वाचन स्तर का बनाया जा सकता था।--Munita Prasadवार्ता १६:१८, ३१ जुलाई २००९ (UTC) लगता है मैं ही ज्यादा सोंच रही हूँ मैंने भी इसपर काफी काम किया था एक समय न।--Munita Prasadवार्ता १६:२०, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

अरे आप शायद मुझे गलत समझ गईं हैं। मैं ये कह रहा था, कि आपकी बात के आगे क्या करना है, मुझे समझ नहीं आया। नाराज़ ना हों। आप बताइये ना, कि क्या करना है। शयद आपका अर्थ ये है, कि हम पहले दिल्ली को ही निबटा लें? तो भी ठीक है।--आशीष भटनागर  वार्ता  १६:२३, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

नहीं जी मैं गलत नहीं समझ रही हूँ न ही नाराज हूँ आप ऐसा न सोचिए। कोलकाता तो करना ही है उसपर काफी काम बाकी है। पर यह सोच रही थी कि इतना काम करने के बाद भी दिल्ली क्यों निर्वाचित नहीं हुई।--Munita Prasadवार्ता १६:२५, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

अरे आप शायद मुझे गलत समझ गईं हैं। मैं ये कह रहा था, कि आपकी बात के आगे क्या करना है, मुझे समझ नहीं आया। नाराज़ ना हों। आप बताइये ना, कि क्या करना है। शयद आपका अर्थ ये है, कि हम पहले दिल्ली को ही निबटा लें? तो भी ठीक है।--आशीष भटनागर  वार्ता  १६:२३, ३१ जुलाई २००९ (UTC)
आप बतायें कि कैसे और क्या करना है। मेरे विचार से अनुभाग तो पूरे ही हैं। और तकनीकी काम मैं करता हूं, आप भाषा देखें। पाठ की लंबाई बढ़ने से कुछ चित्र अपने संबंधित पाठ से खिसक भि गए हैं। इन्हें भि देखता हूं।--आशीष भटनागर  वार्ता  १६:२६, ३१ जुलाई २००९ (UTC)
अच्छा मतलब कि हम कमियां ढूंढ कर उन्हें पूरा करें, यही ना। ओ के, देखते हैं। चर्छा करते हैं, और सुधारते हैं। वैसे कुछ तो हमारा स्तर भी शायद तब आज से कम रहा होगा। अब अफ़्रीका को बनाने के बाद ऊंचा हो गया होगा ना।--आशीष भटनागर  वार्ता  १६:२८, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

नहीं नहीं चित्रों को छोड़ दीजिए आप कोलकाता एवं सम्बन्धित लेखों पर काम करें मैं दिल्ली की भाषा एवं अनुच्छेदों के संतुलन पर काम कर रही हूँ आप से चर्चा करती रहूँगी कि कहाँ क्या करना है। कुछ अनुभागों को छोटा करना है कुछ को बड़ा करना है। हाँ आपने सही कहा कि धीरे धीरे हम दोनों की ही समझ बढ़ रही है पहले जो लगता था कि एक दम परफेक्ट है अब उसमें कमियाँ ही कमियाँ दिखती हैं। ठीक है जी आप काम करते रहिए मैं दिल्ली एवं कोलकाता दोनों ही देख रही हूँ।--Munita Prasadवार्ता १६:३७, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

दिल्ली एवं कोलकाता दोनों का भूगोल बनाइए एवं कोलकाता में मुझे ये चार्ट चाहिए जलवायु के लिए en:Climate of Kolkata इसको बनाना होगा क्योंकि कुछ काम हैं जिनको हिन्दी विकि पर सिर्फ आप ही कर सकते हैं इंजीनियर साहब।--Munita Prasadवार्ता १६:४४, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

Speedy deletion[संपादित करें]

Hi. I'm a member of the Small Wiki Monitoring Team – you can read more about that project on the linked page. I'm contacting you concerning this Wikipedia's speedy deletion policy. You are an active administrator here who speaks English, so you seemed like a good person to come to. I have tagged the page दिति with {{delete}} because I'm concerned that it is patent nonsense, and the Google translation into English appears to indicate that. I would appreciate it if you took a look at the page, and if possible, deleted it when you have free time. I also notice that श्रेणी:शीघ्र हटाने योग्य पृष्ठ is backlogged, with some entries going back months; could you take a look at that as well? If you need help, I can contact a steward on Meta for assistance here, because I can see that you clearly have your work cut out for you, and it might be difficult to review all of those pages. If you want, you may reply below, email me, or leave a note here. Thanks, The Earwig २१:३०, ३१ जुलाई २००९ (UTC)

Hi Earwig! Nice time seeing you here on my talk page. Correctly said, here at Hindi wiki we are definitely short of active admins & offcourse active members. Although we are couping up with the crisis, doing well with the daily update articles like विकिपीडिया:आज का आलेख. I would appreciate if you could help us via a steward or Meta. Reg the above said page दिति , I had deleted it & will see for all other pages in the said category. Thanks & be in touch.--आशीष भटनागर  वार्ता  ०१:३०, १ अगस्त २००९ (UTC)
Done, I've requested it here. It should be dealt with in less than a day. Thanks again! The Earwig ०१:५६, १ अगस्त २००९ (UTC)

प्रमुख चित्र प्रत्याशी[संपादित करें]

विकिपीडिया:प्रमुख चित्र प्रत्याशी को कृपया थोड़ा सा साफ सुथरा करें जो चित्र प्रदर्शित हो गए हैं उनकों हटा दीजिए इत्यादि इत्यादि--Munita Prasadवार्ता ०२:२९, ३ अगस्त २००९ (UTC)

अफ़्रीका[संपादित करें]

अफ़्रीका के निर्वाचन के पूर्व संस्कृति नामक अनुभाग को विकसित करना आवश्यक है। अंग्रेजी लेख मे भी यह अनुभाग उपस्थित है [1]। - --गुंजन वर्मासंदेश ०७:२२, २ अगस्त २००९ (UTC)

संदेश के लिए धन्यवाद। हाँ वापस लौट आई हूँ पर अभी आते ही विकि पर इतना ध्यान न भी दे सकूँ शायद। अफ्रीका के विषय में मुनिता से विस्तार से बात हुई है। मैंने उन्हें प्रत्येक अनुच्छेद से संबंधित अलग अलग सुझाव दे दिए हैं। वे समुचित परिवर्तन कर रही हैं। कुछ अंश जोड़ने भी हैं जैसे साहित्य, संस्कृति। कुछ शायद और भी। उनके पास काफ़ी सामग्री है। पुस्तकालय की सुविधा भी है। उन्होंने अध्ययन किया है लिखने में मेहनत की है, अन्य सदस्यों ने समुचित सहयोग दिया है और निःसंदेह लेख अच्छा विकसित हो रहा है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। आपके संदेश के बाकी हिस्सों के विषय में अभी कुछ टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हूँ क्यों कि कुछ भी देखने का समय नहीं है। शायद दो तीन दिन में समय मिले तब देख लूँगी।--पूर्णिमा वर्मन ०७:३६, २ अगस्त २००९ (UTC)

पूर्णिमा जी के सुझावों पर काम कर रही हूँ आप देखिए यदि कुछ और संदर्भ हिन्दी के जोड़े जा सकें तो अच्छा होगा। वैसे उनके सुझावों से काम करने पर एक चीज देखिए लेख निखरता चला जा रहा है। अब शायद आपने भी महसूस किया होगा क्यों मैं उनका इंतजार कर रही थी।--Munita Prasadवार्ता ०८:५१, २ अगस्त २००९ (UTC)

आप अफ़्रीका को देखिए एकबार।--Munita Prasadवार्ता ०८:५२, २ अगस्त २००९ (UTC)

अफ्रीका की संस्कृति का अनुवाद करने की आवश्यकता नहीं है पूर्णिमा जी कुछ काम कर रही हैं देख लेते हैं कि क्या क्या हो जाता है फिर बाकी उनसे बातचीत के बाद तय कर लेंगे।--Munita Prasadवार्ता ०५:०७, ४ अगस्त २००९ (UTC)

भारत के बन्दरगाह बना रहे हैं क्या?--Munita Prasadवार्ता ०५:४०, ४ अगस्त २००९ (UTC)

कोलकाता पर मैं भी हूँ कई लिंक बनाएँ हैं हां तो आपने बताया नहीं बन्दरगाह भी बना रहे हैं क्या?--Munita Prasadवार्ता ०८:१७, ४ अगस्त २००९ (UTC)

नहीं वैसे ही, कल मैंने दश लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के साँचे को अपडेट किया। अब उस साँचें को सभी उन शहरों के लेखों में लगाना है। बस--Munita Prasadवार्ता ११:१९, ४ अगस्त २००९ (UTC)
आशीष जी नमस्कार ! समय अभाव के कारण आज कल विकि पर आना नही हो पा रहॉ है। जल्द ही पूनः सक्रिय होने की आशा करता हूँ। धन्यवाद --गुंजन वर्मासंदेश १५:३३, ५ अगस्त २००९ (UTC)

कोलकाता[संपादित करें]

आशीष जी नमस्कार, रविन्द्र सही नहीं है सही नाम रवीन्द्र है।--Munita Prasadवार्ता ०६:५०, ६ अगस्त २००९ (UTC)

मिस्र के पिरामिड में आपके विषय से सम्बन्धित एक लाल कड़ी है समय मिले तो कृपया देख लीजिएगा।--Munita Prasadवार्ता १७:२०, ६ अगस्त २००९ (UTC)

नमस्कार! सात आश्चर्यों वाला सांचा बढ़िया लगा। मैं अपने ब्राउजर को लेकर थोड़ा एक्सपेरिमेन्ट कर रही हूँ इसलिए जवाब देने में देर हुई। मैं भी आपकी तरह फ्लोक यूज कर रही हूँ। आज ओपेरा डाउनलोड की हूँ, उसमें ही आपको ये संदेश लिख रही हूँ बढ़िया है सभी आपस्न आ रहे हैं बस एक बड़ी समस्या है हन्दी के अक्षर आधे ही दृश्य हो रहे हैं नीचले आधे नहीं। लग रहा है जैसे लाइन को नीचे से आधा ढक दिया गया है किसी स्केल से।--Munita Prasadवार्ता ०७:३४, ७ अगस्त २००९ (UTC)

फिलहाल तो ओपेरा बढ़िया लग रहा है आप ये आधे वाली समस्या कैसे हटेगी कृपया बताइए।--Munita Prasadवार्ता ०७:४४, ७ अगस्त २००९ (UTC)

शिवकुमार शर्मा बढ़िया है बस संदर्भ चेक करने बाकी हैं उसके बाद बताती हूँ। और ये बाहरी कड़ी में नीचे फिर से परिचय लिखा है?--Munita Prasadवार्ता ०७:४६, ७ अगस्त २००९ (UTC)

पूर्णिमा जी ने अफ़्रीका का साहित्य लिखा है। बेहतरीन है। एक बार पढ़ कर देखिए।--Munita Prasadवार्ता ०७:४९, ७ अगस्त २००९ (UTC)

फ्लोक की सबसे बड़ी समस्या है कि लोड हो रहा है तो हो रहा है लोड हो रहा है तो हो रहा है । बस डबल क्लिक कर के बैठ जाइए कब खुलेगा पता नहीं। हां खुल जाने के बाद ठीक है। मेरा 1.27 वर्जन है समस्या कोई खाश नहीं है।--Munita Prasadवार्ता ०७:५२, ७ अगस्त २००९ (UTC)

चेन्नई[संपादित करें]

आशीष जी आपके कहे अनुसार मैं चेन्नई की प्रस्तावना पढ़ रही थी। माफ कीजिएगा पर मैं आपको अपना समझ कर सुझाव दे रही हूँ कि आप कृपया अपनी हिन्दी पर थोडा सा ध्यान दीजिए। आप कुछ लिखें एवं उसका मतलब खुद ही समझ लें यह काफी नहीं है दूसरे भी तो उसका अर्थ समझें। कई वाक्यों के अर्थ ही स्पष्ट नहीं होते हैं। ऐसा सिर्फ चेन्नई में ही नहीं आपके कई लेखों में भी देखा मैंने। वैसे यह शिकायत नहीं सुझाव समझिएगा। वैसे जहाँ तक हो सके उसको ठीक करने का प्रयास कर रही हूँ।--Munita Prasadवार्ता १२:०४, ७ अगस्त २००९ (UTC)

आपका संदेश मिला। एक एक करके ही आगे बढ़े तो अच्छा होगा। चेन्नई जब शूरू किया है हमने तो इसेको कुछ काम लायक बना लिया जाए फिर मेरठ या कुछ और करेंगे। आप चेन्नई पर काम जारी रखिए, मैं भी हूँ साथ में। प्रस्तावना मैं देख रही हूँ आप बाकी देखते रहिए मैं पीछे-पीछे ही हूँ।--Munita Prasadवार्ता १२:३०, ७ अगस्त २००९ (UTC)
चेन्नई की जनसंख्या (लेख की दूसरी पंक्ति) का जो संदर्भ लगाया गया है उसमें वर्ष २००१ में नगर की जनसंख्या ४२ लाख के आसपास है जबकि लेख की दूसरी ही पंक्ति में इसे सवा ४ करोड़ के आसपास बताया गया है । ध्यान दीजिए की तमिळनाडु की जनसंख्या कोई ६.४ करोड़ ही है । और टोक्यो की जनसंख्या भी ३ करोड़ से अधिक अनुमानित नहीं है । इसको ठीक कर लिखें तो अधिक प्रामाणिक होगा । --अमित प्रभाकर ०३:०६, ८ अगस्त २००९ (UTC)

२००१ में भारत की जनगणना के अनुसार चेन्नई शहर की जनसंख्या ४३.४ लाख थी जबकि कुल महानगरीय जनसंख्या ७०.४ लाख थी। [९] २००६ की अनुमानित महानगरीय जनसंख्या ४५ लाख आयी है। इन वाक्यों में देखिए पहले वाक्य में लिखा गया है कि 2001 में महानगरीय जनसंख्या 70 लाख ती तथा दूसरे वाक्य में लिखआ है कि 2006 में महानगरीय जनसंख्या 45 लाख था तो महाशय इन पाँच वर्षों में ऐसा क्या हुआ कि महानगर की जनसंख्या 25 लाख कम हो गई।--Munita Prasadवार्ता १०:०८, ८ अगस्त २००९ (UTC) नहीं आशीष जी यहाँ पूरे भारत की बात नहीं हो रही है। चर्चा सिर्फ चेन्नई के संदर्भ में है। एवं आप ने जो अंग्रेजी वाला भाग दिया है वो भी गलत लगता है। मुझे नहीं लगता भारत के इस विकसित शहर की जनसंख्या कम हुई होगी ये तो अधिक ही हुई होगी। ये शहर की जनसंख्य के ही संदर्भ में दूसरी पंक्ति भी है। पूरे महानगर के संदर्भ में नहीं है। शहर की जनसंख्या ४३ से ४५ लाख हुई होगी।--Munita Prasadवार्ता १४:५३, ८ अगस्त २००९ (UTC)

ठीक है। वैसे चेन्नई प्रगति पर है। गुंजन जी ने भूगोल लिख दिया है मैंने यातायात के बारे में कुछ लिखा है। एक जरूरी बात ये शहरों वाला काम तो विकिपीडिया:विकिपरियोजना भारत के शहर का ही एक भाग है तो क्यों न उस परियोजना पृष्ठ पर हम फिरहाल जिसे शहर पर काम कर रहे हैं उसका नाम लिखते हैं। क्रियाकलाप या ऐसा कोई अनुभाग बना कर। जो कि सदस्यों के नाम के ऊपर या नीचे रख सकते हैं। मतलब ऊपर ही रहे कि खुलते ही दिखे एवं वहां चर्चा करें। फिर जब अगले शहर को ऊठाएँ तो सारी चर्चा पिछले शहर की वार्ता पर डाल दें। इस प्रकार वार्ता भी सही जगह पहुँच जाएगी एवं सभी चर्चा एक जगह होने से सभी सदस्य एक साथ देख भी सकते हैं उत्साहित भी हो सकते हैं।--Munita Prasadवार्ता १५:०३, ८ अगस्त २००९ (UTC)
वहाँ उस शहर विशेष से ही सम्बन्धित वार्ता रहेगी एवं सभी सदस्यों के विचार एक साथ रहने से उस शहर विशेष पर काम करने में अधिक सुविधा होगी। अन्य वार्ताओं के लिए तो तो हमारा सदस्य वार्ता पृष्ठ है ही। हाल में हुए परिवर्तनों पर तो हमारी नजर हमेशा रहती ही है।--Munita Prasadवार्ता १५:१५, ८ अगस्त २००९ (UTC)

ठीक है, आप परियोजना पृष्ठ को सुधार लीजिए। उसके बाद निर्माणाधीन लेख के लिए स्थान होगा। अपनी चर्चा को एवं संबंधित चर्चा को वहां कापी कर देंगे। एवं अब चेन्नई के बारे में जो भी बात करें वो वहीं करें तो बेहतर होगा शायद।--Munita Prasadवार्ता १५:२९, ८ अगस्त २००९ (UTC)

बढ़िया किया आपने। पर मैं कई परियोजनाओं पर एक साथ काम करने की ईच्छुक नहीं हूँ। हाँ यदि अन्य सक्रिया सदस्य मिलते हैं तो जरूर कीजिए। हां शहरों के बारे में ये कहना चाहती हूँ कि जितना मह्त्त्वपूर्ण शहर हो उतना ही अच्छा लेख बने। छोटे शहरों पर लेख हो तो भी उसके बारे में संक्षिप्त एवं महत्त्वपूर्ण जानकारी तो हो ही। हां समय की बात जो आपने कही कि इस तरह तो एक एक शहर में सात-आठ दिन लग जाएँगें तो इस बारे में कहना चाहती हूँ कि हां समय तो लगेगा आशीष जी। अच्छा काम कीजिएगा तो समय तो लगेगा ही। हां परियोजना पृष्ठ में इतनी सारी जटिलता है कि मुझे कुछ समझ में नहीं आया। इतनी सारी श्रेणियां वहां हैं कि कुछ मुझे तो पता ही नहीं चलता कि कहाँ क्या लिखूं या क्या करूं। बड़े लेख, छोटे लेख, आलेख क्या क्या पता नहीं। शायद इस जटिलता की आदत पड़ जाए। पता नहीं। शहरों के लेख जो हम बना रहे हैं उसका क्रम आपने ठीक ही सोचा है। पहले चार महानगर उसको बाद राज्यों की राजधानियाँ फिर दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर फिर जैसी चर्चा हो वैसे किया जाएगा।--Munita Prasadवार्ता १५:४६, ८ अगस्त २००९ (UTC)

गुंजन जी ने चेन्नई की शिक्षा पूरी करने के बाद संदेश दिया है। हमलोग काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हम सबको बधाई।--Munita Prasadवार्ता १७:०२, ८ अगस्त २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

आशीष जी नमस्कार,
कृपया आज का आलेख की चिन्ता छोड़ा दीजिए, यह स्तम्भ पूर्णिमा जी के कुशल हाथों में अच्छी तरह संचालित हो रहा है। सिर्फ छोटे लेख हो तो आज का आलेख तो नहीं न बन जाएँगें। उनको उस स्तर तक पहुँचना होगा। आप कृपया उनको अपना काम करने दीजिए। नए अच्छे लेखों का कमी है यदि अच्छे मिलते हैं तो बीच-बीच में अवश्य प्रकाशित होएगें।--Munita Prasadवार्ता ०२:३८, ९ अगस्त २००९ (UTC) पूरालेख वाले साँचे को आपने अत्यधित जटिल बना दिया है। ऐसा जटिलता का क्या फायदा जब एक साधारण सदस्य उसका इस्तेमाल ही न कर पाएँ एवं सबको आपके ऊपर ही निर्भर रहना पड़े। कृपया सभी सदस्यों के हित को ध्यान में रखकर कृपया साँचे को पूर्ववत कर दें। धन्यवाद।--Munita Prasadवार्ता ०७:५९, ९ अगस्त २००९ (UTC)

Thanks a lot --गुंजन वर्मासंदेश ०९:२४, १० अगस्त २००९ (UTC)

साँचा पूरालेख[संपादित करें]

नमस्कार
हां सही कहा आपने साँचा पूरालेख में कहीं आपका नाम नहीं है। ऐसा कहने के पीछे मेरी मंशा आपको यही जताने की थी कि साँचा का मतलब हिन्दी विकी पर आशीष भटनागर है। हां आज के आलेख साँचे को आपने जटिल अवश्य़ बना दिया था पर मुझ जैसे अल्पज्ञ सदस्य के लिए, आपके लिए तो वो जल की तरह ही सरल होगा। वैसे ही पूरालेख साँचे में कहाँ परिवर्तन करके पहला पूरालेख का पृष्ठ बनता है बताइएगा। साँचों के बारे में कोई समस्या होगी तो आपको ही सम्बन्धित किया जाएगा बुरा न मानिएगा। हां मैं कोलकाता गई थी एक शादी में थी। कल रात को लौटी हूँ। आज देखा कि चेन्नई तो काफी विकसित हो गई है।--Munita Prasadवार्ता ०४:५७, १२ अगस्त २००९ (UTC)

चेन्नई के यातायात में मैंने जो भी लिखा था आपने सब हटाया है क्या? पूरा क्यों हटा दिए क्या सब गड़बड़ ही था। या कि मैच नहीं हो रहा था। हटा ही दिए तो कमसे कम चेन्नई का यातायात जो मुख्य लेख बनाएँ हैं उसमें ही डाल देते कमसे कम।--Munita Prasadवार्ता १५:०८, १२ अगस्त २००९ (UTC)

आप की तो नाइट ड्यूटी है। न तो कहाँ गायब हैं?--Munita Prasadवार्ता १६:३२, १२ अगस्त २००९ (UTC)

sorry आज तो बहुत नीदं आ रही है सोना होगा। कल मिलते हैं सुबह। आपकी ड्यूटी तो सुबह सा़ढ़े सात बजे तक है। यदि कुछ काम होगा तो संदेश दे दीजिएगा कल जरूर कर दूंगी। एक चित्र प्रस्तावित करके सोती हूँ। हां चेन्नई के बाद मुम्बई चलना है न?--Munita Prasadवार्ता १७:४१, १२ अगस्त २००९ (UTC)

क्या और कैसे प्रस्तावित किया जाए यहाँ तो साँचे ही साँचे हैं। आप ही कीजिए प्रस्तावित हमलोग समर्थन देते रहेंगे। वैसे मैं यह चित्र प्रस्तावित करने वाली थी। --Munita Prasadवार्ता १७:४५, १२ अगस्त २००९ (UTC)

विकि पर लेख शीर्षकों को जोड़ना[संपादित करें]

नमस्ते आशीष जी,

एक छोटी सी मदद चाहिए थी विकि syntax के बारे में। मेरे पास एक समस्या है। एक तरफ कई जगह "Commonwealth Games" लोगों ने refer किया है तो कई जगह "राष्ट्रमण्डल खेल"। "Commonwealth Games" हिन्दी विकि पर नहीं है, पर "राष्ट्रमण्डल खेल"शीर्षक है। मैं चाहता हूँ कि जहाँ-जहाँ पर "Commonwealth Games" को refer किया गया है, उन्हें "राष्ट्रमण्डल खेल" में बदल दूँ। manually करना संभव नहीं, तो इसके क्या तरीके हो सकते हैं? क्या विकि में ऐसा कोई टूल है जो यह कार्य कर सके? please help. सौरभ भारती १९:०८, १२ अगस्त २००९ (UTC)

नमस्ते सौरभ!
हिन्दी विकि के किसी भी लेख में कोई कड़ी ढूंढनी हो, तो एक तरीका है, Commonwealth Games में जाकर बायीं ओर यहां क्या जुड़ता है, को क्लिक करें। तब आप यहां पहुंचेंगे। अब इन सभी पृष्ठों पर स्वयं जा कर Commonwealth Games को राष्ट्रमंडल खेल में बदलना होगा। --आशीष भटनागर  वार्ता  १९:१४, १२ अगस्त २००९ (UTC)
ये सारे लेख तो परख पर पहले से ही थे मैंने तो बस परख वाला साँचा लगा दिया सबमें।--Munita Prasadवार्ता ०१:२७, १३ अगस्त २००९ (UTC)

समस्या तो यही है कि सबकुछ आपको क्यो करना पड़ेगा या आपसे पूछना या बताना क्यों पड़ेगा। आपने प्रत्यासी को भी इतने साँचों से सजा दिया है कि आपको बोलकर ही कुछ प्रत्यासी में डालवाना पड़ेगा। यही तो गड़बड़ है।--Munita Prasadवार्ता ०१:५६, १३ अगस्त २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

आशीष जी,
नमस्कार,
आज का आलेख पूर्णिमा जी के देखरेख में बहुत अच्छा संचालित हो रहा है। हमारे पास पूराने लेख प्रयाप्त मात्रा में हैं इसलिए स्तर गिराकर नए लेख प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है। कुछ छोटे अच्छे लेख बन रहे हैं एवं हैं भी उनको बीच-बीच में प्रकाशित किए जाएँगें। आप क्यों अपनी इच्छा से नए लेख बीच बीच में डाल रहे हैं? मैंने पहले भी आपको इसबारे में कई संदेश दिएँ फिर भी आप की दखलअंदाजी जारी है इस प्रकार से तो इस सतम्भ को सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो जाएगा। एवं शायद अंततः सिर्फ आपकी वजह से इसे बंद करना पड़ सकता है। आप कृपया अनावश्यक हस्तक्षेप बंद कीजिए। धन्यवाद।--Munita Prasadवार्ता ०८:०६, १३ अगस्त २००९ (UTC) सुप्रभात
आशीष जी ऐसा नहीं कि पूर्णिमा जी इस स्तम्भ को देख नहीं रही हैं जैसा कि आपको लग रहा है। मैं लगातार उनके मार्गदर्शन में कार्य कर रही हूँ एवं उनसे चैट के जरिए सम्पर्क में हूँ। इसलिए मैं पुनः आपसे निवेदन कर रही हूँ कि कृपया स्तम्भ के लेख चयन में सुझाव जरूर दें पर जबरदस्ती किसी लेख को चयनित न करें। धन्यवाद।--Munita Prasadवार्ता ०३:१९, १४ अगस्त २००९ (UTC)

नए लेख[संपादित करें]

अभी आप ड्यूटी में हैं क्या? यदि हां तो शाम तक दोनों मिलकर पाँच सौ नए लेख बनाने का लक्ष्य रखते हैं। क्या कहते हैं?--Munita Prasadवार्ता ०४:५४, १४ अगस्त २००९ (UTC)

ठीक है जितना हो सके बनाइए मैं कोशिस करूंगी कि जितने हो सके बने। आप डेढ़ बजे तक कीजिए मैं उसके बाद। फिर ड्यूटी नेक्स्ट कब है?--Munita Prasadवार्ता ०५:५०, १४ अगस्त २००९ (UTC)
अगली ड्यूटी कल भि सुबह की ही है, ०७३०-१३३०। वैसे शायद आज घर पर काम न कर पाऊं, क्योंकि अभी जन्माष्टमी की झांकी भी सजानी है। फिर शाम को सब लोग घूमने जायेंगे। हालांकि आज तो १२-१ बजे तक उठेंगे, फिर आरती और भोग लगाकर व्रत पूरा होगा, तब सोयेंगे, लिकिन सभी के उठने पर कम्प्यूटर पर निश्चिंत होकर काम नहीं होता है ना। हां आप चाहें तो मुंबई उपनगरीय रेलवे का अनुवाद और स्टेशनों की सूची के सभि स्टेशन बना सकती हैं। वैसे मैंने एक सुझाव दिया, जिससे कि मुंबई के विषय की कड़ियां एड्वांस में ही नीली हो जायेंगीं। और साँचा:मुंबई में दर्शनीय स्थल भी नीला कर सकती हैं।--आशीष भटनागर  वार्ता  ०५:५५, १४ अगस्त २००९ (UTC)

स्वतंत्रता दिवस[संपादित करें]

आपको भी इस पावन दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।--Munita Prasadवार्ता ०३:५०, १५ अगस्त २००९ (UTC)

अंग्रेजी विकि से तस्वीर अपलोड करने पर कौन सा साँचा देना है? एक शायद आपने बनाया हैं न?--Munita Prasadवार्ता ०६:५६, १५ अगस्त २००९ (UTC)

नए लेख[संपादित करें]

आशीष जी,
दो दिन में लगभग १००० लेख? कमाल का चल रहा है न? ये भारती जी तो कमाल हैं जी। पता नहीं ये रफ्तार कब तक रहेगी पर रहे तो वाह क्या कहने। जल्दी ही लगता है हम पचास हजार का आकड़ा पार कर लेंगे। आप भी जुटिए अब, सब मिलकर करेंगें तो उत्प्रेरक का काम होगा एक दूसरे के लिए।--Munita Prasadवार्ता १७:३५, १५ अगस्त २००९ (UTC)

मुम्बई[संपादित करें]

सुप्रभात, चेन्नई के बाद अब मुम्बई चलना है क्या?--Munita Prasadवार्ता ०४:४९, १६ अगस्त २००९ (UTC)

मुम्बई के प्रस्तावना को मैंने ठीक-ठाक कर दिया है पर इसके साथ लगा हुआ साँचा बड़ा लाल-लाल दिखता है देखिए तो इसको नीला कर सकते हैं क्या?

माफ कीजिएगा पर मुम्बई की भाषा सुधारना काफी कठिन काम है। प्रस्तावना ही ठीक करने में मुझे काफी समय लगा। आप अभी नया कुछ न लिखकर यदि इसकी भाषा एवं अनुच्छेदों को थोड़ा सुधारने का प्रयास करें तो आगे लेख पर काम करने में आनंद आएगा। नहीं तो ऐसे बहुत मुश्किल है। चेन्नई एवं कोलकाता की प्रस्तावना पर भी आज कुछ काम किया है मैंने।--Munita Prasadवार्ता १६:२६, १६ अगस्त २००९ (UTC)

उस अनामक सदस्य को दिये गए आपके जवाब को पढ़ रही थी, आपको एक बात बतानी थी। साल भर पहले मैं हिन्दी टाइप करना नहीं जानती थी। मैंने हिन्दी को एक्टीवेट किया अपने कम्प्यूटर पर, प्रत्येक की को अपने कीबोर्ड पर दबाकर देखा कि किस अंग्रेजी अक्षर के पीछे क्या है। उसके बाद एक सफेद बड़े कागज पर की बोर्ड का चित्र बनाया कि किस अक्षर के नीचे कौन कौन से हिन्दी के अक्षर हैं। जब भी टाइप करती तो चाहे कितनी भी स्लो हो सटीक उंगली से सटीक अक्षर को दबाती थी चाहे कितना भी वक्त लगे। कुछ दिनों बाद हम दोनों ही एक साथ प्रबंधक बन गए। आपने चैट के दौरान कहा कि आपको ट्रेडिशलन टाइप नहीं आती एवं आप फोनेटिक से टाइप करते हैं तो मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि आप इतना योगदान कैसे करते हैं। खैर अब तो आप भी समझ गएँ होंगे कि थोड़ा से अभ्यास से सब सम्भव है, यह कोई कठिन काम नहीं है। आप धीरे-धीरे अभ्यास कीजिए क्योंकि फोनेटिक में जो समस्याएँ हैं वो ट्रेडिशनल टाइपिंग में कम हैं। सलाह को उपदेश न समझिएगा।--Munita Prasadवार्ता १८:२३, १६ अगस्त २००९ (UTC)
आशीष जी, पूर्व के संवादों की जानकारी न होने के बावजूद यह कहना चाहूंगा कि आपकी गति बहुत अच्छी है, इसलिए बेकार की बातों में मत पड़िए, एक अनुभवी की बात जान लिजिए कि फोनेटिक से तेज और कोई नहीं। खैर, मै यहां यह बताने आया था कि Wikitrans द्वारा जोड़े जा रहे लेख रही-सही इज्जत को भी तार-तार कर रहे हैं, कृपया आप प्रबंधकगण मिलकर इस पर लगाम लगाइए।

--Charu ०८:०३, १९ अगस्त २००९ (UTC)

धन्यवाद[संपादित करें]

आशीष जी पुरस्कार के लिए धन्यवाद। मै निरंतर यही प्रयास करता रहूँगा की हिंदी विकी का स्तर गिरने नहीं पाए। --गुंजन वर्मासंदेश ०४:१७, २० अगस्त २००९ (UTC)

My computer is out of order and It will not be possible for me to do any work on wikipedia for next one week. Please see that the Aaj ke aalekh column is published regularly on the main page of hindi wikipedia. thank you.--Munita Prasadवार्ता ११:०४, २० अगस्त २००९ (UTC)

साँचा:ज्ञानसन्दूक राष्ट्रपति[संपादित करें]

आशीष जी, साँचा:ज्ञानसन्दूक राष्ट्रपति के इस्तेमाल में एक बड़ी समस्या आ रही है, कि सारे वाक्य तो अंग्रेजी में इस्तेमाल किए गए हैं, केवल 'चित्र' शब्द को छोड़कर कृपया इसे अंग्रेजी में 'image' में तब्दील कर दीजिए, जिससे किसी को भी किसी भी देश के राष्ट्रपति के नाम से लेख लगाने के दौरान फोटो लगाने के लिए महज चित्र के लिए अंग्रेजी शब्द का इस्तेमाल न करना पड़े। आपको जहमत इसलिए दे रहा हूं, क्योंकि यह सांचा रजिस्टर्ड यूजर के लि भी लॉक कर दिया गया है। इसके अलावा फोटो के नीचे वाला कैप्शन भी लिखने के बावजूद नहीं आ रहा है। --Charu ०७:२३, २१ अगस्त २००९ (UTC)

आशीष जी, सांचा खोलने के लिए धन्यवाद, यथोचित सुधार कर दिया है।

--Charu ०८:२२, २१ अगस्त २००९ (UTC)

परांठा[संपादित करें]

यह लेख अच्छा बना है। आज के अलेख के लिये उपयुक्त रहेगा। --गुंजन वर्मासंदेश ११:२६, २१ अगस्त २००९ (UTC)

+1 ---- सौरभ भारती (वार्ता) १९:३३, २३ अगस्त २००९ (UTC)

भारतीय खानपान[संपादित करें]

का राज्यानुसार विभाजन
नमस्ते आशीष जी,
भारतीय खानपान का साँचा और लेख तो बहुत ही अच्छे बने हैं। बहुत ही विस्तृत और सुलिखित। एक छोटी-सी दुविधा है मेरी। खानपान को राज्यों से विभेद करने का क्या तात्पर्य है? जहाँ तक मेरी जानकारी है, ये प्रान्त से जुड़े हैं और इनका राज्यों की रेखाओं से संबंध कुछ खास नहीं। कई ऐसे पकवान (सरसों का साग, मकई की रोटी) है जो पूरे उत्तरी भारत में मिलते हैं पर उन्हें पंजाबी श्रेणी में डाल दिया गया है। इडली की उत्पत्ति कर्नाटक में हुई थी, और यह पूरे दक्षिण भारत में उतना ही प्रचलित है, जितना तमिलनाडु में। फिर भी, इसे तमिल पकवान की श्रेणी में डाला गया है।

मेरा मतलब है कि कई पकवान आम हैं जिन्हें एक प्रान्त में डालना सही नहीं होगा। क्या इसका कोई उपाय है? ---- सौरभ भारती (वार्ता) १९:३२, २३ अगस्त २००९ (UTC)

ठीक है। जैसा आप उचित समझे।-- सौरभ भारती (वार्ता) ०८:३७, २४ अगस्त २००९ (UTC)

चित्र[संपादित करें]

स्वागत साँचे के इस चित्र का कोई कापीराइट नहीं दिखाई दे रहा है। कृपया बताएँ।--Munita Prasadवार्ता ११:०१, २७ अगस्त २००९ (UTC)

धन्यवाद--Munita Prasadवार्ता ११:५४, २ सितंबर २००९ (UTC)

मेरा कम्प्यूटर ठीक हो गया है अब कहिए क्या करना है। नया कीबोर्ड एवं माऊस लिया है। यह बेहतर है।--Munita Prasadवार्ता ११:५८, २ सितंबर २००९ (UTC)

अच्छा साँचा है....लेख संख्या मे lag है।

अंग्रेज़ी विकि के साँचे[संपादित करें]

यह बताइए कि अंग्रेज़ी विकि के साँचे का यदि हिंदी विकि में इस्तेमाल करना हो तो क्या करना होगा? साथ ही, हिंदी विकि के लिए उपलब्ध साँचो की पूरी सूची कहाँ मिलेगी?

चौपाल[संपादित करें]

आशीष जी
नमस्कार,
चौपाल पर एक नई चर्चा चल रही है हिन्दी दिवस तक ५०,००० के आकड़े पर पहुँचने की। कई लोगों ने काफी सकरात्मक शूरूवात की है एवं आपको तो कुछ कहना नहीं है बस वहां आपके आकड़े वहाँ क्या लिखते हैं देखने की ईच्छा है।--Munita Prasadवार्ता १३:१२, २ सितंबर २००९ (UTC)

हां आशीष जी सब ठीक है पर आपके जवाब ने निराश किया। हमसब को आपसे १०० लेख रोज की उम्मीद नहीं थी। आप से कुछ ज्यादा की उम्मीद है। फिलहाल तो मेरा विचार है कि १४ तक हम सब अच्छे लेख भूलकर नए लेख ही बनाएँ फिर तो शहर परियोजना है ही। दोनों दौर लगाते हैं फिर पहले की तरह एवं १४ तारीख तक ५० हजार का आकड़ा पार कर लेते हैं।--Munita Prasadवार्ता ०५:१०, ३ सितंबर २००९ (UTC)
आशीष जी आप का होटल जोर शोर से चल रहा है....लगे रहिये। मैने तो मुख्यंत्रीयो का बीड़ा उठा रखा है। --गुंजन वर्मासंदेश ११:४४, ३ सितंबर २००९ (UTC)

अच्छा साँचा है....लेख संख्या मे lag है।

आशीष जी नमस्कार कितने हुए?--Munita Prasadवार्ता १२:१९, ३ सितंबर २००९ (UTC)

मेरे १०८ हुए आज। आपके १८७, कल देखते हैं मेरा लक्ष्य १५० का होगा।--Munita Prasadवार्ता १७:३१, ३ सितंबर २००९ (UTC)
धन्यवाद आशीष-- डॉ॰ जगदीश व्योम ०२:०८, ४ सितंबर २००९ (UTC)

आपके योगदान में जाकर एक-एक करके गिनना पड़ा और क्या। कोई सोर्ट कट दूसरा मुझे मालूम नहीं है।--Munita Prasadवार्ता ०२:३२, ४ सितंबर २००९ (UTC)

मुझे भी आज के लिए मैटर खोजना पड़ेगा। देखते हैं शाम को बनाना है मुझे तब तक कुछ न कुछ मिल जाना चाहिए।--Munita Prasadवार्ता ०२:५५, ४ सितंबर २००९ (UTC)
I have answered your query at chupal --गुंजन वर्मासंदेश ०७:३१, ४ सितंबर २००९ (UTC)

विकिपीडिया:चौपाल#यह कैसी त्रुटि है?[संपादित करें]

कृपया इस विषय को देखें--सुमित सिन्हावार्ता १३:०३, ४ सितंबर २००९ (UTC) इस त्रुटी को मैंने दूर कर दिया है।--Munita Prasadवार्ता १४:२३, ५ सितंबर २००९ (UTC)

क्या आशीष जी क्या करना है? हम तो लक्ष्य से काफी पीछे हैं।--Munita Prasadवार्ता १५:२५, ५ सितंबर २००९ (UTC)

आप अपना साँचा बनाकर कीजिए मैं वाइरस बैक्टिरीया के एक एक पंक्ति के लेख बना रही हूँ। आज सौ बनाऊंगी कर देखती हूँ पर इतना है कि हम अभी काफी पीछे चल रहे हैं एवं हिन्दी दिवस तक लक्ष्य तक पहुँचना बहुत मुस्किल हैं। लोगों ने चौपाल पर जो कमिट किया था उतने बनते तो भी पीछे रहते पर उतने भी नहीं बन रहे हैं।--Munita Prasadवार्ता १५:५०, ५ सितंबर २००९ (UTC)

en:List of viruses देख लीजिए यदि ईच्छा एवं समय हो तो--Munita Prasadवार्ता १६:२४, ५ सितंबर २००९ (UTC)

सदस्य:Aniruddhajnu जी काफी अच्छा काम कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में उन्होंने लगभग २०० संपादन किया है और अच्छे लेख बनाते हैं। उन्हें उत्साहित करना चाहिए। -- सौरभ भारती (वार्ता) ०८:४२, ८ सितंबर २००९ (UTC)

साधुवाद[संपादित करें]

आपके सराहनीय शब्दों के लिए धन्यवाद। आशा है मैं इसी तरह विकि पर योगदान करूँ। -- सौरभ भारती (वार्ता) ०९:२५, ८ सितंबर २००९ (UTC)

Re:साधुवाद[संपादित करें]

गुरूजी आप ही का आशीष है जो आप के शिष्य को अलग हट कर कुछ सोचने का साहस देता है. आशा करता हु की आप की छत्र छाया बनी रहेगी. आपके सु शब्दों एवं प्रेरणा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद --गुंजन वर्मासंदेश १०:१३, ८ सितंबर २००९ (UTC)

आशीष जी थोड़ी सी मेहनत आप और कर दें तो शायद 50, हजार का लक्ष्य हिन्दी दिवस तक पूरा हो जाएगा।--Munita Prasadवार्ता ०९:०७, ९ सितंबर २००९ (UTC)

मुझे लगा कि हमलोगों ने मान लिया है कि अब ये होने वाला नहीं है। इसलिए मैंने कहा क्योंकि मैं जानती हूँ कि यदि यह लक्ष्य पूरा करना है तो आपके बिना तो होने वाला नहीं है। मैं तो रोज सौ बना ही रही हूँ पर यह काफी न होगा शायद।--Munita Prasadवार्ता १४:०६, ९ सितंबर २००९ (UTC)

क्या जी? नए लेख शूरू कीजिए। आज नाइट ड्यूटी है क्या? रात को शायद सौरभ जी की बारी है। मेरा काम खत्म अब खाना सोना है। फिर कल सौ करूंगी, यदि संभव हो तो ज्यादा।--Munita Prasadवार्ता १६:३७, ९ सितंबर २००९ (UTC)

पंकज आडवाणी[संपादित करें]

आपके लेख - पंकज आडवाणी मे हल्का फेरबदल किया है। --मितुल ०४:५७, ११ सितंबर २००९ (UTC)

आशीश जी पर मैं कार्य कर रहा हूँ। यह साँचा बिखर सा गया है। -- डॉ॰ जगदीश व्योम ०५:१८, १२ सितंबर २००९ (UTC)

५०००० होने में मात्र २०० लेख और चाहिए[संपादित करें]

आशीष जी,

५०००० होने में मात्र २०० लेख और चाहिए। आपके जितना तेज हाथ किसी का नहीं चलता। आज इस लक्ष्य को पूरा कर दीजिए। -- सौरभ भारती (वार्ता) ०७:४४, १४ सितंबर २००९ (UTC)

TUSC token[संपादित करें]

TUSC token 6e34c027a1fcbc078fa8866ca8181d67 I am now proud owner of a TUSC account!

भारत के जिले[संपादित करें]

पूरे भारत में लगभग साढ़े छ: सौ जिले हैं। कई विद्वानों का मत है कि इन जिलों को जानने का व्यापक अभियान चले तो देश को बहुत लाभ होगा। हिन्दी विकि से बढ़िया यह काम कौन कर सकता है?

आपसे अनुरोध है कि इस दिशा में जरूर पहल करें और हिन्दी विकि पर भारत के सभी जिलों का पृष्ट अवश्य मौजूद हो। यह काम आप और सौरभ सबसे सर्वाधिक यथेष्ट रूप से कर सकते हैं।

जिलों के लेख से अन्य लाभ-

  • हिन्दी विकि पर लेखों की संख्या बढ़ेगी।
  • अपने जिले के बारे में लेख लिखने के लिये लोग उद्यत होंगे - परोक्ष रूप से हमे नये सदस्य मिलेंगे।
कृपया देखिये-

अनुनाद सिंह १३:३९, १६ सितंबर २००९ (UTC)

धिक मेरी जानकारी को ! यह काम तो पहले ही पूरा हो चुका है। अनुनाद सिंह १३:४५, १६ सितंबर २००९ (UTC)

प्रबंधक पद के लिए निवेदन्[संपादित करें]

नमस्कार! वो आशीष जी थोड़ी सी गड़बड़ हो गई। वैसे आपके संदेशों के बाद वो पृष्ठ पूरा जैसे बिखरा बिखरा लग रहा था। शायद जल्दी में आपने संदेश दिया था। संदेश अलग अलग भी नहीं थें पता नहीं चल रहा था कि कौन किसका समर्थन कर रहा है कि प्रस्ताव कर रहा है इत्यादि इत्यादि। इसलिए थोड़ा सजाने का प्रयास की। पर शूरूवात में आपका संदेश कन्ट्रोल एक्स कर के रखी थी। पर बाद में भूल से कोई दूसरी चीज भी कापी कर ली बस आपका संदेश मिट गया। वैसे जो आप कहना चाहते थे मतलब प्रस्ताव करना चाह रहे थें वो तो हो ही गया है। एवं बाद में मैंने सब करीने से सजा भी दिया है। आप एक बार नीचे तक अच्छी तरह से देखिए तो मेरी मेहनत नजर आएगी।--Munita Prasadवार्ता १५:२९, १७ सितंबर २००९ (UTC)

चौपाल पर आपने जो तालिका बनाई है वो काफी महत्त्वपूर्ण है इसमें से मेरे विचार से तो जिन महोदयों ने पीछले एक वर्ष में एक भी संपादन नहीं किया है उनको तो संदेश देने के बाद भार मुक्त करना ही उचित है। शायद वे कभी विकि पर अति सक्रिय थें परन्तु अब अपने-अपने क्षेत्र में व्यस्त हैं। इन सबको मिलाकर हम देखते हैं कि हिन्दी विकि पर प्रबंधको की संख्या औसत से अधिक है पर यह तो पूरा सच है नहीं। इस सभी को सम्मान के साथ संदेश देना चाहिए वार्ता पृष्ठ पर और ईमेल पर भी उसके बाद जिनका जवाब नहीं आता उन्हें मितुल जी से कहकर भार-मु्क्त किया जाएँ। हाँ उस तालिका में रोहित का नाम पहले से हैं समझ में नहीं आया कैसे?--Munita Prasadवार्ता २३:४५, १७ सितंबर २००९ (UTC)