सामग्री पर जाएँ

रानी लक्ष्मीबाई स्मारक, ग्वालियर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई समाधी स्थल ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के फुलबाग क्षैत्र में है। झांसी की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई साहेब नेवाळकर भारत देश क्रांतिकारी थी। 31 मई 1858 से 17 जून 1858 तक वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाईसाहेब ग्वालियर में थी। उन्होंने ग्वालियर किले पर अधिकार जमाया था।

ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी, 17 जून 1858 को कोटा की सराय के युद्ध में वे यहां वीरगति को प्राप्त हुईं। कोटा की सराय के फुलबाग में स्थित बाबा गंगादास जी के मठ में घायल महारानी लक्ष्मीबाईसाहेब को लाया गया था। और यही उन्होंने आखरी सांस ली। इसी मठ की एक कुटीया में शाम के समय में महारानी लक्ष्मीबाईसाहेब का अंतिम संस्कार किया गया था। तब महारानी लक्ष्मीबाईसाहेब के पवित्र पार्थिव की रक्षा करते हुए 745 साधूओं ने अंग्रेजों से युद्ध करते हुए बलिदान दिया था।

ग्वालियर के सिंधिया महाराज की मध्यस्थी से यहां महारानी लक्ष्मीबाईसाहेब का अश्वारूढ स्मारक बनाया गया था।