शाहनवाज खां का मकबरा

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शाह नवाज खां का मकबरा मुगल काल में बनी इमारतों में अपना खास स्थान रखता है। अब्दुर्रहीम खान-ए-खाना के ज्येष्ठ पुत्र इरज को इस मकबरे में दफनाया गया था।[1][2][3]

इतिहास[संपादित करें]

अब्दुर्रहीम खान-ए-खाना के ज्येष्ठ पुत्र इरज ने अपनी बहादुरी के बल पर मुगल बादशाह जहांगीर को दक्कन के युद्ध में विजय दिलाई। इस विजय से प्रसन्न होकर जहांगीर ने इरज को 'शाह नवाज' की उपाधि प्रदान की। लेकिन 44 वर्ष की आयु में ही शाह नवाज खां की मृत्यु हो गई। मुगल बादशाह जहांगीर ने शाह नवाज की याद में एक मकबरे का निर्माण करवाया। इस मकबरे को लोग काला ताजमहल भी कहते हैं। इस मकबरे में चार छोटी मीनारों की तरह ही ताजमहल की मीनारें भी बनाई गई हैं।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियां[संपादित करें]

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