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छिंदवाड़ा

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छिंदवाड़ा
कॉर्न सिटी
नगर
छिंदवाड़ा is located in मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा
भारतीय राज्य मध्य प्रदेश का मानचित्र
निर्देशांक: 22°04′N 78°56′E / 22.07°N 78.93°E / 22.07; 78.93निर्देशांक: 22°04′N 78°56′E / 22.07°N 78.93°E / 22.07; 78.93
देश भारत
राज्यमध्य प्रदेश
जिलाछिंदवाड़ा
शासन
 • सभाछिंदवाड़ा नगर निगम
 • विधायककमलनाथ (कांग्रेस)
क्षेत्रफल
 • कुल110 किमी2 (40 वर्गमील)
ऊँचाई675 मी (2,215 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल2,60,575
भाषाएँ
 • आधिकारिकहिंदी और अंग्रेजी
 • क्षेत्रीयहिंदी , गोंडी और मराठी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिन480001,480002,480003
दूरभाष कोड07162
वाहन पंजीकरणMP-28
लिंगानुपात.966 /
वेबसाइटchhindwara.nic.in/en/

छिंदवाडा़ भारत के मध्य प्रदेश प्रांत में स्थित एक प्रमुख शहर है। छिंदवाड़ा नगर, दक्षिण-मध्य मध्य प्रदेश राज्य, मध्य भारत, कुलबेहरा की धारा बोदरी के तट पर स्थित है। यह 671 मीटर की ऊँचाई पर सतपुड़ा के खुले पठार पर स्थित है और उपजाऊ कृषि भूमि से घिरा है, जिसमें बीच-बीच में आम के बाग़ हैं और इसके पश्चिमोत्तर में कम ऊँचाई वाले ऊबड़ खाबड़ पहाड़ तथा दक्षिण में नागपुर के मैदानों की ओर ढलान है। पठार के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में चौराई गेहुँ के उपजाऊ मैदान हैं। नागपुर का मैदान कपास और ज्वार की खेती का समृद्ध इलाका है और इस समूचे क्षेत्र का सबसे संपन्न और सर्वाधिक आबादी वाला हिस्सा है। वैनगंगा, पेंच और कन्हान नदियाँ इस क्षेत्र को अपवाहित करती हैं। यहाँ की मिट्टी बजरीयुक्त और जल्दी सूखने वाली है। अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद यहाँ का मौसम विशेष रूप से स्वास्थ्यवर्द्धक और खुशनुमा है। इस नगर का नामकरण 'छिंद', यानी खजूर जैसे दिखने वाले वृक्ष के नाम पर हुआ है।

शहर के हृदय स्थल में सैकड़ों वर्ष पुराना भव्य मंदिर भी स्थित है, जहाँ कि रामलीला प्रसिद्ध है, स्थान छोटी माता मंदिर के नाम से जाना जाता है

गठन[संपादित करें]

छिंदवाड़ा में मिट्टी से निर्मित एक दुर्ग है, जहाँ 1857 के विद्रोह से पहले सेना का शिविर था। 1867 में इस नगर की नगरपालिका का गठन हुआ।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

यह रेल और सड़क के महत्त्वपूर्ण जंक्शन पर बसा हुआ है। इसके इर्द-गिर्द के पठारी क्षेत्र में कोयला, मैंगनीज़, जस्ता, बॉक्साइट और संगमरमर का खनन होता है। कपास का व्यापार और कोयले की ढुलाई इस नगर की मुख्य गतिविधियाँ हैं। कपास ओटाई तथा आरा मिलें यहाँ के मुख्य उद्योग हैं। पठार में व्यापक पैमाने पर पशुपालन होता है। स्थानीय स्तर पर यह नगर मिट्टी के बर्तन तथा जस्ता, पीतल व कांसे के आभूषण और चमड़े की मशक के निर्माण के लिए विख्यात है। यहाँ जलापूर्ति के लिए कोई जलापूर्ति के लिए माचागोरा डैम जोकि बहुत बड़ा है। यह नगर स्थानीय व्यापार का केंद्र है और पशु, अनाज तथा इमारती लकड़ी की बिक्री के लिए यहाँ साप्ताहिक हाट लगती है।

कलाकार[संपादित करें]

छिंदवाड़ा की मिट्टी में पैदा हुए कई उच्च कोटि के कलाकार हैं जिन्होंने राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छिंदवाडा का नाम रोशन किया है. जिनमें कुछ प्रमुख नाम हैं - कौशिक चक्रवर्ती (फिल्म संगीत), विजय आनंद दुबे (अभिनय), गीतांजलि गीत (अभिनय एवं प्रस्तुति), राजेन्द्र मिश्र "राही" (कवि), अरविंद कुंडू (ग़ज़ल), पद्मा नरेंद्र सिंह (फिल्म संगीत), शिवा रजोरिया (ग़ज़ल एवं वादन), अभिजित करहिवाले (फिल्म संगीत) वगैरह.

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

छिंदवाड़ा नगर में कुछ प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं–

  • राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय
  • शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय
  • एनी प्रौद्योगिकी संस्थान एवं शोध केंद्र
  • इंदिरा प्रियदर्शिनी महाविद्यालय

समाचार संसाधन[संपादित करें]

यूँ तो छिंदवाड़ा में दैनिक समाचार पत्रों में राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, जबलपुर एक्सप्रेस और नवभारत टाइम्स के अलावा कई क्षेत्रीय समाचार चैनल भी हैं|

जनसंख्या[संपादित करें]

2001 की जनगणना के अनुसार छिंदवाड़ा नगर की कुल जनसंख्या और जिले की कुल जनसंख्या 18,48,882 है।

जिले की विधानसभा क्रमांक और नाम[संपादित करें]

122 - जुन्नारदेव 123 - अमरवाड़ा 124 - चौरई 125 - सौसर 126 - छिंदवाड़ा 127 - परासिया 128 - पांढुरना

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]