अल-फ़ातिहा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
अल-फातिहा
الفاتحة
FirstSurahKoran.jpg
अल-फातिहा
वर्गीकरण मक्की
नाम का अर्थ आरम्भ
अन्य नाम उम्म अल-किताब
उम्म अल-कुरान
कुन्जी
सूरा अल-हम्द
सूरा संख्या 1
प्रकट होने का समय मुहम्मद की आरम्भिक जीवन में
Statistics
रुकु की संख्या 1
Harf-e-Mukatta'at No
Number of Ayats on particular subjects ईश्वर की स्तुति: 3
पालक (सृजनकर्ता) एवं पालित (सृजित) के बीच सम्बन्ध: 1
मानव जाति की प्रार्थना: 3

सूरा अल-फातिहा (अरबी: الفاتحة‎), "आरम्भ्," इस्लाम की पवित्र ग्रन्थ कुरआन का पहला सूरा, या अध्याय है। इसमें 7 आयतें हैं। इसमें ईश्वर के निर्देश एवं दया हेतु प्रार्थना की गई है। इस अध्याय का खास महत्व है, दैनिक प्रार्थना के आरम्भ में बोला जाने वाला सूरा है।

टिप्पणी[संपादित करें]

इस सूरा की प्रथम आयत

बिस्मि- ल्लाहि- र्-रह़्मानि र्-रह़ीम

जिसका उच्चारण है "Bismillāhir rahmānir rahīm", (बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम), अरबी या अरबी जानने वाले लोगों के अलावा भी बहुत लोगों द्वारा सुना गया होगा। क्योंकि यह कुरान के प्रत्येक सूरा के पहले आता है। और दैनिक प्रार्थना एवं किसी शुभ कार्य को आरम्भ करने से पहले भी प्रायः बोला जाता है।

प्रकटीकरण[संपादित करें]

इसे दोनों मक्की एवं मदीनी सूरा गिना जाता है।

वैकल्पित नाम[संपादित करें]

  • नाम अल-फातिहा ("सलामी देनेवाला / खोलने वाला") सूरत की विषय-वस्तु के कारण है।
  • फातिहा यह है कि जो विषय या पुस्तक या किसी अन्य चीज को खोलता है दूसरे शब्दों में, एक प्रकार की प्रस्तावना।
  • इसे उम्म अल-क़िताब ("पुस्तक की मां") और उम्म अल-कुरान ("कुरान की माता") कहा जाता है; [1][2] सबा अल मथानी ("सात बार दोहराया [छंद ] ", कुरान के 15:87 सूरा से लिया गया पदनाम;)[2]
  • अल-हम्द (" प्रशंसा "), क्योंकि एक हदीस ने मुहम्मद ने यह कहा है:" प्रार्थना [अल-फतह] दो हिस्सों में विभाजित है मेरे और मेरे कर्मचारियों के बीच, जब सेवक कहता है, 'सभी प्रशंसा अल्लाह के लिए है', अल्लाह जिसका अस्तित्व है, अल्लाह कहते हैं, 'मेरे बंदे ने मेरी प्रशंसा की है'।[3]
  • अल-शिफा '(" इलाज " ), क्योंकि एक हदीस में मुहम्मद ने कहा था "इस का खोलना हर ज़हर का इलाज है"। [4][5]
  • अल-रुक़ाह ("उपाय" या "आध्यात्मिक इलाज "),[2] और अल-आसस," द फाउंडेशन ", पूरे कुरान के लिए एक नींव के रूप में अपनी सेवा का जिक्र करते हैं [6]
पिछला सूरा:
कुरान अगला सूरा:
अल-बकरा
सूरा 1

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114


इस संदूक को: देखें  संवाद  संपादन

अनुवाद[संपादित करें]

सूरए फातेहा मक्का में नाज़िल हुआ और इस की 7 आयते हैं
अल-फ़ातिहा (अरबी: الفَاتِحَة‎)
आयत Text लिप्यान्तारीकरण अनुवाद [7]
1.1. بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ बिस्मिल्लाहि र-रहमानि र-रहीम शुरू करता हूँ ख़ु़दा के नाम से जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है.
1.2. ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ अल हम्दु लिल्लाहि रब्बि ल-आलमीन सब तारीफ ख़ु़दा ही के लिए हैं ज़ो सबक़ा ऱव अौर मालिक़ है.
1.3. ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ अर रहमानि र-रहीम और सारे जहाँन का पालने वाला बड़ा मेहरबान रहम वाला है
1.4. مَالِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ मालिकि यौमि द-दीन रोज़े जज़ा का मालिक है.
1.5. إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ इय्याक न'आबुदु व इय्याक नस्त'ईन ख़ु़दाया हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद चाहते हैं.
1.6. ٱهْدِنَا الصِّرَاطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ इह्दिन स-सिरात अल-मुस्तक़ीम तो हमको सीधी राह पर साबित क़दम रखवा
1.7. صِرَاطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّين सिरात अल-लादीना अन'अमता अलैहिम ग़ैरिल मग़दूबि अलैहिम वलद दाल्लीन उनकी राह जिन्हें तूने (अपनी) नेअमत अता की है न उनकी राह जिन पर तेरा ग़ज़ब ढ़ाया गया और न गुमराहों की।

यह भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Mulla Sadra. Tafsir al-Quran al-Karim. पृ॰ 1:163–164. 
  2. Ibn Kathir. Tafsir Ibn Kathir. http://www.quran4u.com/Tafsir%20Ibn%20Kathir/001%20Fatihah.htm. 
  3. Abu al-Qasim al-Khoei. Al-Bayan Fi Tafsir al-Quran. पृ॰ 446. 
  4. Muhammad Baqir Majlisi. Bihar al-Anwar. पृ॰ 89:238. 
  5. Al-Hurr al-Aamili. Wasā'il al-Shīʿa. पृ॰ 6:232. 
  6. Joseph E. B. Lumbard, "Introduction to Sūrat al-Fātiḥah," The Study Quran. ed. Seyyed Hossein Nasr, Caner Dagli, Maria Dakake, Joseph Lumbard, Muhammad Rustom (San Francisco: Harper One, 2015), p. 3.
  7. "Al-Fatiha (Wikisource)". https://ar.m.wikisource.org/wiki/القرآن_الكريم/سورة_الفاتحة. 

बाहरी कडि़यां[संपादित करें]

Wikisource-logo.svg
विकिसोर्स में इस लेख से सम्बंधित, मूल पाठ्य उपलब्ध है: