आयत (क़ुरआन)

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क़ुरान के सूरा अन-नज्म की अंतिम आयत

आयत (آية, आयह) अरबी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ 'निशान' होता है। इस्लाम के धार्मिक ग्रन्थ क़ुरान की सबसे छोटी ईकाई को आयत कहते हैं। क़ुरान के हर अध्याय का नाम 'सूरा' होता है और हर सूरे में बहुत सी आयत होती हैं। अलग सूरे अलग लम्बाई के हैं और इनमें ३ से लेकर २८६ आयत हैं। पुरे क़ुरान में कुल मिलकर ६,२४० आयत हैं।[1]

क़ुरान में प्रयोग का उदाहरण[संपादित करें]

सूरा अल-जासिया ४५:६ में लिखा है कि:

'यह वो आयत (चिह्न, प्रमाण, पंक्तियाँ, शिक्षाएँ) हैं, या मुहम्मद (स॰अ॰व॰), जो हम तुम्हे सच्चाई से बयान कर रहे हैं। अब अल्लाह और उसकी आयतों के बाद यह किन बातों पर विश्वास करेंगे?'

दो प्रकार की आयतें[संपादित करें]

  • मुहकम (محكم) - यह वे आयतें हैं जिनका अर्थ सीधा-साधा है और इनपर कोई बहस नहीं।[2]
  • मुतशाबेह (متشابه) - यह वे आयतें हैं जिनके एक से अधिक भिन्न तात्पर्य निकाले जा सकते हैं।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Koran For Dummies, Sohaib Sultan, John Wiley & Sons, 2011, ISBN 978-1-118-05398-0, ... Surah 2, Al-Baqara, contains the most Ayat — 286. You find the shortest number of Ayat in Surahs 98, 103, and 110, which all have 3 Ayat. In total, the Book contains 6240 Ayat ...
  2. Principles of Islamic jurisprudence, Mohammad Hashim Kamali, Pelanduk Publications, 1989, ISBN 978-967-978-284-4, ... Muhkam is that part of the Qur'an which is not open to conjecture and doubt, whereas the Mutashabih is ...