सुरेश रैना

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सुरेश रैना
Suresh Raina grace the 'Salaam Sachin' conclave.jpg
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म 27 नवम्बर 1986 (1986-11-27) (आयु 33)
मुरादनगर, उत्तर प्रदेश, भारत
उपनाम सोनू/मिस्टर पर्फेक्ट
कद 5 फीट 9 इंच (1.75 मी॰)
बल्लेबाजी की शैली बायाँ हात
गेंदबाजी की शैली दायाँ हात अफ ब्रेक
भूमिका बल्लेबाज
जालस्थल www.sureshraina.co.in
अंतर्राष्ट्रीय जानकारी
राष्ट्रीय पक्ष
टेस्ट में पदार्पण (कैप २६५)३० जुलाई २०१० बनाम श्रीलंका
अंतिम टेस्ट३ सितम्बर २०१२ बनाम न्यूजीलैंड
वनडे पदार्पण (कैप १५९)३० जुलाई २००५ बनाम श्रीलंका
अंतिम एक दिवसीय२ नवम्बर २०१४ बनाम श्रीलंका
टी20ई पदार्पण (कैप )१ दिसंबर २००६ बनाम दक्षिण अफ़्रीका
अंतिम टी20ई७ सितम्बर २०१४ बनाम इंग्लैंड
घरेलू टीम की जानकारी
वर्षटीम
२००२-हाल सम्म उत्तर प्रदेश
२००८-हाल सम्म चेन्नई सुपरकिंग्स
कैरियर के आँकड़े
प्रतियोगिता टेस्ट एकदिवसीय टि२०आइ प्रथम श्रेणी
मैच १७ २०० ४३ ८६
रन बनाये ७६८ ५,००८ ९२२ ५,७९६
औसत बल्लेबाजी २८.४४ ३५.८९ ३२.९२ ४३.९०
शतक/अर्धशतक १/७ ४/३२ १/३ १३/३७
उच्च स्कोर १२० ११६* १०१ २०४*
गेंद किया ९२१ १,६६४ १७४ २,७८५
विकेट १३ २९ ३६
औसत गेंदबाजी ४०.९२ ४८.२७ ३९.१६ ३८.२२
एक पारी में ५ विकेट
मैच में १० विकेट उ/छै
श्रेष्ठ गेंदबाजी २/१ ३/३४ २/४९ ३/३१
कैच/स्टम्प २२/– ८५/– २०/– ९५/–
स्रोत : क्रिकइन्फो, ५ जुन २०१४

सुरेश रैना (कश्मीरी : سریش رائنا (; जन्म २७ नवम्बर १९८६) भारत के पूर्व क्रिकेटर हैं। रैना के पिता त्रिलोकी चन्द एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी है।

वह बाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज और एक बाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज है। वे घरेलू क्रिकेट के सभी रूपों में उत्तर प्रदेश के लिए खेलता है और इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के उप कप्तान है। उन्होंने आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाए हैं और सबसे ज्यादा कैच पकङे है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के सभी मैच खेले है। रैना १८ वर्ष की आयु में श्रीलंका के खिलाफ २००५ में अपने एक दिवसीय कैरियर की शुरुआत की और २०१० में अपने टेस्ट कैरियर की शुरुआत श्रीलंका के खिलाफ ही की। रैना भारत की विश्व कप २०११ की विजेता टीम का हिस्सा था। लेकिन विशेषज्ञों ने उनकी तकनीक अक्सर विशेष रूप से तेजी और छोटी गेंदों के खिलाफ सवाल उठाया गया है। उनका औसत विदेशी धरती पर इसे समर्थन करता है।[1]

क्रिकेट कैरियर[संपादित करें]

रैना २००० में क्रिकेट खेलने का फैसला किया। वह उत्तर प्रदेश अंडर -१६ के कप्तान बने। वह १६ वर्ष की आयु में फरवरी २००३ में असम के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी शुरुआत की, लेकिन अगले सत्र तक एक और मैच नहीं खेल पाए थे। २००३ में, वह अंडर -१९ एशियाई एक दिवसीय चैम्पियनशिप के लिए पाकिस्तान का दौरा किया। २००५ के शुरू में, वह अपने प्रथम श्रेणी के सीमित ओवरों के शुरुआत की और ५३.७५ की औसत से ६४५ रन बनाए। २००५ के शुरू में चैलेंजर सीरीज में भाग लेने के लिए चुना गया था और सचिन तेंडुलकर को चोट और कप्तान सौरव गांगुली को निलंबन के बाद, रैना श्रीलंका में इंडियन ऑयल कप २००५ के लिए चुना गया था।


२०१० में भारत को दक्षिण अफ्रीका के दौरे में, रैना दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बुलाया गया था, लेकिन अंतिम एकादश में नहीं चुना गया था। उन्हे भारतीय टीम की कप्तानी जिम्बाब्वे में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला में की जब अन्य सभी पहली पसंद खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से विश्राम किया था। अपनी कप्तानी में पहला मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ छह विकेट से हार गए, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ अगले मैच जीत लिया। फिर शेष दो मैच गंवाए और फाइनल में जगह नहीं बनाई। वह अब तक क्रिकेट के सभी प्रारूपों में शतक बनाने वाले भारत से एकमात्र बल्लेबाज है।

2011 में लॉर्डस में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एकदिवसीय श्रृंखला के चौथे मैच में सुरेश रैना ने 75 गेंदों पर 84 रन बनाए। इस इस दौरान रैना ने सात चौके तथा दो छक्के लगाए। इसके साथ ही कप्तान धोनी ने भी 71 गेंदों पर 78 रनों की शानदार पारी खेली। इनके दम पर भारतीय टीम ने 280/5 रन का स्कोर बनाया।

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम की ओर से रवि बोपारा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को लक्ष्य की तरफ अग्रसर किया। इंग्लैंड की टीम ने 48.5 ओवर में 8 विकेट खोकर 270 रन बना लिए थे। वही अचानक बारिश आ जाने के कारण मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका और डकवर्थ लुईस नियम के तहत यह मैच टाई रहा। बोपारा तथा रैना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। इस पारी के बाद रैना मध्यक्रम में अपनी जगह पक्की कर चुके थे। इंग्लैंड में खेलना बाकी बल्लेबाज चुनौती मानते हैं लेकिन रैना ने इंग्लैंड में काफी अच्छा प्रदर्शन किया।

2014 में कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मैच में रैना ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 75 गेंदों पर 100 रन बनाए। अपनी इस शानदार पारी में रैना ने 12 चौके तथा 3 छक्के लगाए। रैना की शानदार पारी के बदौलत भारतीय टीम 50 ओवरों ने 6 विकेट के नुकसान पर 304 रन बनाए। यह मैच भारत ने जीता था। इसके अलावा 2015 विश्वकप में रैना ने एक और शतक लगाया जिसके दम पर भारत जिम्बाब्वे के हाथों हारने से बच गया।


इंडियन प्रीमियर लीग[संपादित करें]

रैना टूर्नामेंट के पहले तीन वर्षों के लिए ५ मिलियन अमरीकी डॉलर के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने हस्ताक्षर किया। रैना ने टूर्नामेंट के पहले संस्करण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, मैथ्यू हेडन, माइकल हसी और जैकब ओरम जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के नुकसान की भरपाई की। आईपीएल में २५०० रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी है। आईपीएल में सबसे अधिक कैच (४७) का रिकॉर्ड बनाया है। दूसरे खिलाड़ी (क्रिस गेल के बाद) और पहले भारतीय आईपीएल में १०० छक्के मारे है। आईपीएल के सभी सत्रों में 400 से अधिक रन बनाए। दोनों अंतरराष्ट्रीय २०-२० में और आईपीएल में शतक बनाने वाले पहले भारतीय [ दोनों - २ मई (२०१० और २०१३)] इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की चेन्नई सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी टीम ने लीग के सातवें संस्करण के लिए अपने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन, सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और ड्वेन ब्रावो को रिटेन (अपने साथ बनाए रखने) करने का फैसला किया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Suresh Raina". Cricinfo. मूल से 27 जनवरी 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 Jan 2013.