पार्थिव पटेल

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ParthivPatel.jpg
Parthiv Patel
व्यक्तिगत जानकारी
पूरा नाम Parthiv Ajay Patel
कद 1.60 मी॰ (5 फीट 3 इंच)
बल्लेबाजी की शैली Left-handed
भूमिका Wicket-keeper
अंतर्राष्ट्रीय जानकारी
राष्ट्रीय पक्ष
टेस्ट में पदार्पण (कैप 244)8 अगस्त 2002 बनाम England
अंतिम टेस्ट8 अगस्त 2008 बनाम Sri Lanka
वनडे पदार्पण (कैप 148)4 जनवरी 2003 बनाम New Zealand
अंतिम एक दिवसीय27 जुलाई 2004 बनाम Sri Lanka
घरेलू टीम की जानकारी
वर्षटीम
2004/05–present Gujarat
2008–present Chennai Super Kings
कैरियर के आँकड़े
प्रतियोगिता Test ODIs FC List A
मैच 20 14 102 87
रन बनाये 683 132 4,993 1,848
औसत बल्लेबाजी 29.69 14.66 38.70 25.66
शतक/अर्धशतक 0/4 0/0 10/28 0/12
उच्च स्कोर 69 28 206 71
गेंद किया 18
विकेट 0
औसत गेंदबाजी
एक पारी में ५ विकेट 0
मैच में १० विकेट 0
श्रेष्ठ गेंदबाजी 0/9
कैच/स्टम्प 41/8 12/3 249/42 94/37
स्रोत : CricketArchive, 28 मार्च 2009

पार्थिव अजय पटेल (जन्म 9 मार्च 1985 अहमदाबाद, गुजरात) एक भारतीय क्रिकेटर, विकेटकीपर-बल्लेबाज और भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य हैं। वह एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और 160 सेमी के साथ काफी छोटे कद के हैं। जनवरी २०१८ में इन्हें २०१८ इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी में इन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने खरीदा है।

प्रारंभिक वर्ष[संपादित करें]

पटेल ने 1996 में अपने स्कूल के लिए क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, वह अपनी शैली को इयान हैले और एडम गिलक्रिस्ट के सांचे में ढाल रहे थे, 1998 में उनका चयन गुजरात U- 14 के लिए हो गया।[1] पहली बार क्रिकेट पत्रकारों[2] की नज़र पार्थिव पर दिसंबर 2000 में पड़ी जब वह महाराष्ट्र के विपरीत गुजरात के लिए पश्चिमी ज़ोन लीग से U- 16 में खेल रहे थे और एक प्रारंभिक बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में उन्होंने मैच को बचाने के फलस्वरूप फौलो ऑन के लिए विवश होने पर मैच की दोनों पारियों में एक-एक शतक बनाया था, 101 रन (196 गेंदों पर) और 210 रन (297 गेंदों पर).[3] बाद में 15 वर्ष की उम्र में उन्हें पश्चिमी ज़ोन अंडर-19 (U- 19) का कप्तान घोषित कर दिया गया और पार्थिव ने इंग्लैंड अंडर-19 (U- 19) के विपरीत एक मैच में उनका नेतृत्व किया।[4] इसके बाद भारतीय U- 19 के लिए भी उनका चयन हो गया, विद्या नगर हाई स्कूल में पढ़ने के दौरान वे प्रशिक्षक रॉजर बिन्नी से प्रशिक्षण ले रहे थे।[1] उन्होंने 2001 एशिया कप में राष्ट्रीय अंडर-17 (U- 17) टीम को जीत हासिल करवायी जिसके लिए उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी, एडिलेड[5] में छः सप्ताह प्रशिक्षण लेने की छात्रवृत्ती दी गयी और इसके बाद उन्हें न्यूज़ीलैंड में होने वाले 2002 विश्व कप में अंडर-19 (U- 19) टीम का कप्तान घोषित किया गया। कभी भी वरिष्ठ स्तर पर रणजी ट्रॉफी में गुजरात का नेतृत्व न करने के बावजूद भी उनके सत्रहवें जन्मदिन[6] के कुछ दिन बाद ही उनका चयन साउथ अफ्रीका दौरे के लिए 2002 की इण्डिया A टीम में हुआ जिसके प्रशिक्षक यशपाल शर्मा थे इसके बाद उनका चयन इंग्लैंड दौरे पर जाने वाले वरिष्ठ भारतीय दल में अजय रात्रा के पीछे एक अतिरिक्त विकेट-कीपर के रूप में किया गया।[7]

टेस्ट कैरियर[संपादित करें]

उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला मैच 2002 में रात्रा के घायल हो जाने पर इंग्लैंड के विपरीत दूसरे टेस्ट मैच में नौट्टीन्घम में खेला, इस मैच के द्वारा वह 17 वर्ष 152 दिनों की आयु में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक युवा विकेटकीपर बन गए, उन्होंने पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद के पिछले कीर्तिमान को पीछे छोड़ दिया (जो 1952 से 17 वर्ष और 300 दिन की आयु पर उनके नाम पर था), हालांकि अब तक वे किसी प्रथम श्रेणी घरेलू क्रिकेट में नहीं खेले थे। पहली पारी में वह शून्य पर आउट हो गए थे लेकिन अंतिम दिन उन्होंने एक घंटे से भी अधिक समय तक बल्लेबाजी की जिससे कि अंग्रेजों को जीत न मिल पाए.[8]

बल्लेबाजी में 47 रन के शीर्ष स्कोर द्वारा उन्हें कुछ सफलता मिली थी, जबकि अन्य अवसरों पर उनसे बल्लेबाजी कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी और पूरे समय उन्हें बल्लेबाजी से रोके रखा गया, यह 2003-04 में ऑस्ट्रेलिया दौरे की बात है। इस दौरे में उन्होंने 32 की औसत दर के साथ 160 रन बनाये थे जिसमे उनका पहला अर्धशतक और एससीजी (SCG) में नए वर्ष के टेस्ट मैच में बनाये गए 62 रन भी शामिल थे। अपनी सुधरती हुई बल्लेबाजी लय के साथ उन्होंने पाकिस्तान के विपरीत अवे (away) श्रंखला के दूसरे टेस्ट मैच में नाबाद 62 रन बनाये थे, जिसके बाद उन्हें अन्तिम मैच में आकाश चोपड़ा[9] के स्थान पर बल्लेबाजी प्रारंभ करने के लिए पदोन्नत किया गया। आकाश चोपड़ा को इसलिए हटा दिया गया था जिससे कि कप्तान सौरव गांगुली की चोट ठीक हो जाने के बाद उनके लौटने पर युवराज सिंह को टीम में बनाये रखा जा सके। उन्होंने शोएब अख्तर द्वारा ली गयी नयी गेंद का सामना करते हुए अपना शीर्ष स्कोर, 69 रन बनाया। [10] दूसरे टेस्ट मैच में अत्यधिक अपील करने के लिए उनकी शिकायत हुई थी और इसके लिए उन पर जुर्माना भी लगा था।[11] उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रन बनाना जारी रखा, इस बार यह 2004 की घरेलू श्रंखला में ऑस्ट्रेलिया के विपरीत था जिसमे उन्होंने 46 और 54 रन बनाये। [12]

हालांकि, इस दौरान विकेटकीपर के तौर पर उनका प्रदर्शन गिरता जा रहा था और उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम से हटा दिया गया था जिससे कि महेंद्र सिंह धोनी और दिनेश कार्तिक को क्रमशः भारतीय एक दिवसीय और टेस्ट टीम में स्थान दिया जा सके। इसके फलस्वरूप उन्हें इस आलोचना का सामना करना पड़ा कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी सुधारने पर कुछ ज्यादा ही ध्यान केन्द्रित किया जबकि दूसरी ओर छूटे हुए कैचों और स्टंप के चूकते हुए निशानों के माध्यम से विरोधी टीम को अतिरिक्त रन देते रहे। [11] एक पूर्व चयनकर्ता ने यह दावा किया कि उन्हें पहले ही टीम से हटा दिया जाना चाहिए था, इसके पीछे उसने यह कारण बताया कि, पार्थिव सिर्फ राजनीति के चलते ही टीम में हैं।[13] अपने कैरियर की उस अवस्था में, उन्हें अभी भी गुजरात का नेतृत्व करने का अवसर नहीं मिला था।[12] 2005 के अंत में वार्षिक समीक्षा के रूप में उनका C-स्तरीय बीसीसीआई (BCCI) इकरारनामा निरस्त कर दिया गया।

2006 की शुरुआत में, पटेल को महेंद्र सिंह धोनी हेतु एक आरक्षित विकेटकीपर के रूप में पकिस्तान दौरे के लिए पुनः बुलाया गया, लेकिन वह खेल नहीं सके। [14]

एकदिवसीय कैरियर[संपादित करें]

पटेल ने जनवरी 2003 में न्यूज़ीलैंड के विपरीत अपना पहला ओडीआई (ODI) खेला।[15] उन्हें 2003 क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में लिए चुन लिया गया था लेकिन वे कोई भी मैच खेल नहीं सके, क्योंकि राहुल द्रविड़ पहले ही एक अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज के प्रयोग की सरलता हेतु कामचलाऊ विकेटकीपर के रूप में खेल रहे थे। इस नियम के कारण, पटेल एक दिवसीय मैचों में रह-रह कर दिखायी पड़ते थे, आम तौर पर तब जब द्रविड़ घायल हों या आराम (पूर्ण रूप से या विकेटकीपर की जिम्मेदारी से) कर रहे हों. दो वर्ष के अंतराल में उन्होंने कुल 13 एकदिवसीय मैच खेले और बाधित कैरियर के बावजूद भी 14.66 का औसत तथा 28 का शीर्ष स्कोर प्राप्त किया।[16]

आईपीएल (IPL)[संपादित करें]

औपचारिक आईपीएल (IPL) में पटेल की नीलामी चेन्नई सुपर किंग्स को मिली थी। वह इस टीम के एक नियमित सदस्य हैं और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मैथ्यू हेडेन के साथ पारी की शुरुआत करते हैं। वह भारतीय विकेटकीपर के रूप में नहीं खेलते और कप्तान एमएस धोनी भी इस टीम में हैं।

घरेलू कैरियर[संपादित करें]

2007 में पटेल ने रेलवे की टीम के विपरीत रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग उपाधि की जीत में गुजरात की टीम का नेतृत्व किया।[17]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. क्रिकइन्फो - पार्थिव पटेल: यंगस्टर डेस्टिन्ड फॉर ग्रेटर हाइट्स
  2. क्रिकइन्फो - अ न्यू फ्लॉवर ब्लूम्स इन गुजरात पी पटेल
  3. कोल्हापुर में महाराष्ट्र अंडर-16 वर्सेस गुजरात अंडर-16, 05-07 दिसम्बर 2000
  4. क्रिकइन्फो - पार्थिव पटेल: ओनली फिफ्टीन बट ड्रीमिंग बिग ऑलरेडी
  5. क्रिकइन्फो - द मेकिंग ऑफ़ स्टार्स व्हो होल्ड द की टू द फ्यूचर
  6. क्रिकइन्फो - यशपाल शर्मा: सबसे महत्वपूर्ण बात यह विशेष दृष्टिकोण है
  7. क्रिकइन्फो - पार्थिव अजय पटेल - द किड विद अ सेफ पेयर ऑफ़ हैंड्स
  8. क्रिकइन्फो - किड ग्लव्स
  9. क्रिकइन्फो - मेसिंग अराउंड एट द टॉप
  10. क्रिकइन्फो - वॉकिंग द टॉक
  11. क्रिकइन्फो - अ कॉस्टली इन्फैचूएशन
  12. क्रिकइन्फो - एक स्वस्थ डर
  13. क्रिकइन्फो - 'वोट पॉलीटिक्स केप्ट इन द साइड' - आज़ाद
  14. क्रिकइन्फो - इंडियन कैम्प रिमेन्स टाइटलिप्ड ओवर टीम कॉमपोज़ीशन
  15. 4थ ओडीआई (ODI): क्वीन्सटाउन में न्यूजीलैंड वर्सेस भारत, 4 जनवरी 2003
  16. क्रिकइन्फो - स्टैट्सगुरु - पीए पटेल - ओडीआई (ODI) - पारी से पारी की सूची
  17. रोमांचक जीत के साथ गुजरात ने प्लेट लीग शीर्षक को प्राप्त किया

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]