मोहम्मद अजहरुद्दीन

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मोहम्मद अजहरुद्दीन
Mohammad Azharuddin.jpg
व्यक्तिगत जानकारी
पूरा नाम मोहम्मद अजहरुद्दीन
उपनाम अज़्ज़ा[1]
बल्लेबाजी की शैली दायें हाथ के बल्लेबाज
गेंदबाजी की शैली दायीं भुजा मध्यम
भूमिका बल्लेबाज
अंतरराष्ट्रीय जानकारी
राष्ट्रीय
टेस्ट में पदार्पण (कैप १६९) ३१ दिसंबर १९८४ बनाम इंगलैंड
अंतिम टेस्ट २ मार्च २००० बनाम दक्षिण अफ़्रीका
वनडे पदार्पण (कैप ५१) २० जनवरी १९८५ बनाम इंगलैंड
अंतिम एक दिवसीय ३ जून २००० v पाकिस्तान
घरेलू टीम की जानकारी
वर्ष टीम
१९८१-२००० हैदराबाद
१९८३-२००० दक्षिणी ज़ोन
१९९१-१९९४ डर्बीशायर
कैरियर के आँकड़े
प्रतियोगिता टेस्ट ODI FC LA
मैच ९९ 334 229 433
रन बनाये 6,215 9,378 15,855 12,941
औसत बल्लेबाजी 45.03 36.92 51.98 39.33
शतक/अर्धशतक 22/21 7/58 54/74 11/85
उच्च स्कोर 199 153* 226 161*
गेंद किया 13 552 1,432 827
विकेट 0 12 17 15
औसत गेंदबाजी 39.91 46.23 47.26
एक पारी में ५ विकेट 0 0 0
मैच में १० विकेट n/a 0 n/a
श्रेष्ठ गेंदबाजी 0/4 3/19 3/36 3/19
कैच/स्टम्प 105/– 156/– 220/– 200/–
स्रोत : CricketArchive, 13 February 2009

मोहम्मद अजहरुद्दीन (८ फरवरी, १९६३, हैदराबाद) भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे थे। इनका जन्म ८ फरवरी, १९६३ को हैदराबाद में हुआ था। अजहरुद्दीन ने अपने अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट कॅरियर की शुरुआत १९८४-८५ में इंग्लैंड के विरुद्ध की थी। उन्होंने ९९ टेस्ट मैचों में ४५.०३ की औसत से कुल ६२१५ रन बनाए हैं। इसमें १९९ रन उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा है। अजहरुद्दीन ने टेस्ट मैचों में २२ शतक एवं २१ अर्धशतक लगाए हैं। अजहरुद्दीन ने अपने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॅरियर की शुरुआत १९८५ में इंग्लैंड के विरुद्ध बेंगलुरु में की थी। उन्होंने ३३४ एकदिवसीय मैचों की ३०८ पारियों में ५४ बार नाबाद रहते हुए ३६.९२ की औसत से कुल ९३७८ रन बनाए हैं। इसमें नाबाद १५३ रन उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा है। अजहरुद्दीन ने एकदिवसीय मैचों में ७ शतक एवं ५८ अर्धशतक लगाए हैं। उन्होंने २२९ प्रथम श्रेणी मैचों में ५१.९८ की औसत से कुल १५,८५५ रन बनाए हैं।

बचपन- मोहम्मेद अऴरुद्दिन हैद्राबाद के आल सैन्त्स है स्कूल में अप्नी पुर्व सिक्शा हासिल की। वह निज़ाम कोलेज, ओस्मानिया उनिवेर्सैटी, अन्ध्र प्रदेश में बी कम पास किये।

अपनी परिवार और निजी- जब अऴरुद्दिन ५० साल के हुवे तब ह्य्द्रबाद के नाउरिन नामक एक युवाती से विवाह किया जिन्हे ९ साल के बाद प्रथाक कर दिया। और (१९९६ मे) सग्गिता बिज्लानि नमाक एक प्र्बल-कलकार से विवाह किया। बिज्लानि के साथ सिर्फ १४ साल बिताये। और फिर उन्से २०१० में प्रथाक कर दी। उन्की पहली पत्नी नौरीन के दो दो पुत्र हैन जिन्का नाम असद और अयाज़ जिन्मे अयाज़ अप्ने १९ साल के उम्र में एक अप्घात में अप्नी प्राण दिये।

अज़र एक प्रमुख खिलाडी है। वह अप्ने खेल जी-जान से खेल्ते हैं। वह टेस्ट में २२ शतक लगाये और और ओ-डी-आई में ७ शतक लगाये हैं। और वह एक उत्तम फिल्डर है। उनहोने १५६ केचेस पक्डे है। यह एक ममुली साधन नहि है मगर इस को स्री लन्का के महेला जयवर्धने ने इसे तोड दिया। उन्होने यह साधन भी किया है कि कम समय में उन्होने ज़्यदा शतक बनाये हैं जिसे आज के वीरो ने तोड दिया। १९९० में जब इन्ग्ग्लानड में साथ टेस्ट खेले थे तब उन्होने सिर्फ ८७ ग्गेन्दो में शताक बनया और यह एक उत्तम इन्निङ्स थी पर वह खेल वह हार गये। एडेन गर्डन जो की कोल्कत्ता में है अज़र के लिये एक पसन्दिदा मैदान है, जह उन्होने सात टेस्ट में ५ शतक बनये थे। १९९१ में इन्हे विस्डम क्रिकेटर ओफ द यर का पुरस्कार मिला था। वे भरत के जवान वीरो के लिये एक आदर्श थे। जब अज़र ९९ टेस्ट खेल चुके थे तब उन्कि ज़िन्दगी में बद्लाव आगया और उन्हे मेच फिकसिग्ग के आरोप में झुट्लाया और फसा दिया और उन्की खेल कि ज़िन्दगी यह पर खत्म् हो गयी। मगर आन्ध्र प्रदेश की सर्कार ने इसे सरासर झूट साबित कर दिया और अजहरुद्दीन औतर मसूम साबित कर दिया। ८ नोवेम्बेर २०१२ को अन्ध्र प्रदेश कि सर्कार ने पर्दा फाश किया और उन्हके ऊपर लगये गये आरोप को बेकार और बेव्कूफी करार किया। भारत टीम म बहुत कप्तान थे मगर जो काम अजहर ने कप्तान बन के किय है वो आज तक भी एक रेकार्ड रह है। उन्होने १०३ ओ-डी - आई मेच कप्तान बन कर जिताये हैं। और १४ टेस्ट मेच जिताये हैं जिसको सौरव गग्गुली ने फिर तोड दिया। मोहम्मेद अऴरुद्दिन ने हर एक क्रिकेट टीम के खिलाफ बहुत अच्छा खेला है।

राजनीती- जिस तरह अजहर एक अच्छे खिलाडी रहे उसि तरह वह एक अच्छे नेता भी रहे। १९ फ़रवरी २००९ में वह भारतीया काग्ग्रेस पार्टी में भाग लिये। वे २००९ में मोरादाबाद नामक शहर उत्तर प्रदेश के नेता चुनाव में भाग लिया। और वह भारातिय जनता पार्टी के कुन्वर सर्वेश कुमार् सिन्ग्घ को हराया और वह जीत गये थे। उन्हे वह चुनाव से ५०००० से ज़्यदा मत मिले थे। उन्होने मुरदबाद के लोगो को यह वचन दिया है कि वह मुरादाबाद में एक युनिवेर्सिटी और एक मैदान खोलेग्गे और मुरादाबाद में जो बिज्ली कि तक्लीफ है उसे वह दूर करेग्गे। जब उन्के मेच फिक्सिन्ग्ग के बारे में पुछा गया तो उन्होने बताया कि उन्हे लोग निशाना बना रहे थे क्यु क वह निच्लि वर्ग के थे। अभी हाल में सुना गया है कि वह २०१४ में लोक सभा चुनाव वेस्ट बन्ग्गल से भाग लेग्गे।

मुहम्मद अज़र उद्दिन के कहि साहस -क्रिक्केट इतिहास में मुहम्मद अज़र उद्दिन ही पेह्ला वीर जो ३ शतक लगातार ३ तेस्त खेल में बनाये थे। -अज़हर एक ऐसे खिलाडी है जो ओ-डी-आइ खेल में १५६ केच पक्डे है। -वे एक ऐसे कप्तान जिस्ने अपनी कातप्तानी में १४ टेस्ट और १०३ ओ-डी-आइ जीताये हैं। -अज़हरुद्दिन एक ऐसे खिलाडी है जिस्ने ६२ गेन्दो में शतक लगाया है नियु ज़ेलान्ड के खिलाफ। -अज़हरुद्दिन एक ऐसे खिलाडी है जिस्ने अप्नी क्रिकेट खेलो में ३०० से ज़्यदा मेच खेले है। -सन १९९१ में मुहम्मद अज़र उद्दिन को उस साल कि कि विस्देन च्रिच्केतेर नामक सम्पथि मिली। -मुहम्मद अज़र उद्दिन ही उन वीरो के नायक थे जिन्हे इङ्लैन्द् को उन्के मात्र भूमी पर परास्थ किये।[१९९२-९३] -मुहम्मद अज़र उद्दिन ९९ तेस्त खेल में २२ शतक बनये थे। -मुहम्मद अज़र उद्दिन ने ३३४ odi में ७ शतक और समान्य में ३४ रन बनाये थे। -मुहम्मद अज़र उद्दिन ही पेहला खिल्लाडी थे जो अप्नी पेह्ला और आख्री तेस्त खेल में शतक बनाये थे। -मोहम्मद अज़र् उद्दिन ने भारतीय कग्ग्रेस में जा कर मोरदबाद में चुनाव जीता।

उनका एक बेत जिसका नाम अब्बास है। अब्बास का असली नाम मोहम्मद अशाउद्दिन है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Sport / Cricket : Of comparisons and imitations. The Hindu (2011-03-01). Retrieved on 2012-07-14.