गुंडप्पा विश्वनाथ

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गुंडप्पा विश्वनाथ (Gundappa Viswanath/, जन्म 12 फरवरी 1949) पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं। उन्होंने 1967 में अपने पहले प्रथम श्रेणी मैच में 230 रन बनाए थे। गुंडप्पा विश्वनाथ 1970 के दशक में भारतीय बैटिंग की रीढ़ थे। वे इस दशक में सुनील गावस्कर के बाद निर्विवाद रूप से सबसे बेहतरीन बल्लेबाज रहे। वे बैकफुट पर बहुत अच्छा खेलते थे। लेट कट शॉट में उन्हें महारत हासिल थी। गुंडप्पा को उनकी खेल भावना के लिए भी याद किया जाता है। उन्होंने गोल्डन जुबली मैच में इंग्लैंड के बॉब टेलर को तब दोबारा बैटिंग के लिए बुला लिया था, जब अंपायर उन्हें आउट दे चुके थे। भारत यह मैच हार गया था, लेकिन कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ ने कहा कि उनके लिए परिणाम से ज्यादा अहमियत इस बात की है कि मैच खेलभावना के साथ खेला जाए।

यादगार खेल[संपादित करें]

  • 1969 में पहले टेस्ट में विश्वनाथ ने शतक लगाया। 1974-75 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ मद्रास में उन्होंने 97 रनों की पारी खेली। उनकी 97 रनों की पारी इसलिए भी ख़ास थी क्योंकि उन्होंने ये रन एंडी रॉबर्ट्स जैसे घातक गेंदबाज़ों के सामने स्कोर किए थे।
  • इंग्लैंड के विरुद्ध1972-73 में उन्होंने मुंबई में शतक हो था। फिर लॉर्ड्स में 1979 में उन्होंने 113 रनों की पारी खेली। मगर इससे भी बढ़कर 1982 में मद्रास में 222 रनों की पारी खेली थी।
  • विश्वनाथ ने कुल 91 टेस्ट मैच खेले और 41.93 की औसत से 6,080 रन बनाए। उन्होंने एक विकेट भी लिया था।

गावस्कर से रिश्तेदारी[संपादित करें]

विश्वनाथ की शादी सुनील गावस्कर की बहन से हुई थी।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]