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काठियावाड़

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काठियावाड़
  • કાઠીયાવાડ
  • Kathiawar
सौराष्ट्र
प्रायद्वीप
NASA पृथ्वी वेधशाला से काठियावाड़ का दृश्य
NASA पृथ्वी वेधशाला से काठियावाड़ का दृश्य
भारत के मानचित्र पर काठियावाड़
भारत के मानचित्र पर काठियावाड़
निर्देशांक: 22°N 71°E / 22°N 71°E / 22; 71
देश भारत
राज्यगुजरात
क्षेत्रफल
  कुल60,000 किमी2 (20,000 वर्गमील)
भाषा
  आधिकारिकगुजराती
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)

काठियावाड़ (गुजराती: કાઠીયાવાડ, अंग्रेज़ी: Kathiawar) या सौराष्ट्र पश्चिम भारत में एक प्रायद्वीप है। ये गुजरात का भाग है, जिसके उत्तरी ओर कच्छ के रण की नम भूमि, दक्षिण और पश्चिम की ओर अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम की ओर कैम्बे की खाड़ी है। इस क्षेत्र की दो प्रमुख नदियाँ भादर और शतरंजी हैं जो क्रमश: पश्चिम और पूर्व की ओर बहती हैं। इस प्रदेश का मध्यवर्ती भाग पहाड़ी है।[1] इस स्थान का नाम राजपुत शासक वर्ग की काठी जाति से पड़ा है। प्रतिहार शासक सम्राट मिहिर भोज के काल में क्षत्रिय प्रतिहार की पश्चिमी सीमा काठियावाड़ और पूर्वी सीमा बंगाल की खाड़ी थी।[2] हड्डोला शिलालेखों से यह सुनिश्चित होता है कि क्षत्रिये प्रतिहार शासकों का शासन सम्राट महिपाल २ के काल तक भी उत्कर्ष पर रहा।[3]

काठिय़ावाड़ के वर्तमान जिले

काठियावाड़ क्षेत्र के प्रमुख शहरों में प्रायद्वीप के मध्य में मोरबी राजकोट, कच्छ की खाड़ी में जामनगर, खंबात की खाड़ी में भावनगर मध्य-गुजरात में सुरेंद्रनगर और वधावन, पश्चिमी तट पर पोरबंदर और दक्षिण में जूनागढ़ हैं। पुर्तगाली उपनिवेश का भाग रहे और वर्तमान में भारतीय संघ में जुड़े दमन और दीव संघ शासित क्षेत्र काठियावाड़ के दक्षिणी छोर पर हैं। सोमनाथ का शहर और मंदिर भी दक्षिणी छोर पर स्थित हैं। इस मंदिर में हिन्दू धर्म के बारह ज्योतिर्लिंगोंमें से एक ज्योतिर्लिंग स्थापित है। इसके अलावा दूसरा प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ द्वारका भी यहीं स्थित है, जहां भगवान कृष्ण ने अपनी नगरी बसायी थी। पालिताना प्रसिद्ध जैन तीर्थ है, जहां पर्वत शिखर पर सैंकड़ो मंदिर बने हैं। विश्व का सबसे बड़ा शिपब्रेकिंग यार्ड अलंग और विश्व की सबसे बड़ी जामनगर तेल शोधनी (ऑयल रिफ़ाइनरी) भी इस क्षेत्र में ही स्थित हैं। गिर वन स्थित सासन भी यहीं है, जहां एशिया के एशियाटिक जाति के प्रसिद्ध गिर लॉयन का प्राकृतिक आवास है और सिंह सफ़ारी का भी आयोजन होता है। यहाँ चूने का पत्थर पर्याप्त रूप में मिलता है जो आर्थिक दृष्टि से महत्वूपर्ण है। इस प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर पर दीव स्थित है।

सन्दर्भ

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  1. उद्धरण त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; वॉटर नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  2. बैजनाथ पुरी (१९८६). द हिस्ट्री ऑफ प्रतिहार्स. मुंशी राममनोहरलाल प्रकाशन. p. xvii.
  3. नरेन्द्र सिंह (२००१). एन्साय्क्लोपीडीया ऑफ जैनिज़्म. अनमोल पब्लिशर्स प्रा. लि. 4 नवंबर 2012 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 27 दिसंबर 2010.

बाहरी कड़ियाँ

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