बालाघाट ज़िला

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बालाघाट ज़िला
Balaghat district
मानचित्र जिसमें बालाघाट ज़िला Balaghat district हाइलाइटेड है
सूचना
राजधानी : बालाघाट
क्षेत्रफल : 9,245 किमी²
जनसंख्या(2011):
 • घनत्व :
17,01,156
 180/किमी²
उपविभागों के नाम: ब्लॉक
उपविभागों की संख्या: ?
मुख्य भाषा(एँ): हिन्दी


बालाघाट ज़िला भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक ज़िला है। ज़िले का मुख्यालय बालाघाट है।[1][2]

भूगोल[संपादित करें]

गन्गा नदी शहर के करीब से बह्ती है, कान्हा नेशनल पार्क जिले में ही है। यह नक्सल प्रभावित जिला है। बैगा जनजाति यह की प्रमुख जनजाति है। बालाघाट दक्षिण मध्यप्रदेश का एक शान्त, सुन्दर छोटा सा शहर। सतपुडा पर्वतमाला के छोर पर मध्यप्रदेश्, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ की सीमा पर बसा यह शहर शुद्ध हिन्दी भाषी है। यह एक नगरपालिका व बालाघाट जिले का प्रशासकीय मुख्यालय है। माना जाता है की इसे पहले "बूरा" या "बुरहा" के नाम से जाना जाता था और बाद मे इसका नाम बालाघाट पडा परन्तु इस बात का कोई प्रामाणिक स्रोत नही है। #अतुल राहंगडाले...

कृषि और खनिज[संपादित करें]

धान, मोटा अनाज और दलहन वैनगंगा नदी घाटी के उपजाऊ क्षेत्र में उगने वाली प्रमुख फ़सलें हैं। बालाघाट कृषि व्यापार और मैंगनीज खदान केन्द्र हैं। अन्य खदानों के अलावा भरवेली और उक्वा यहाँ की मुख्य खदानें हैं। भरवेली एशिया की सबसे बड़ी मैंगनीज खदान हैं।

यातायात[संपादित करें]

प्रमुख सड़क पर स्थित है व रेल जंक्शन भी है। यह मध्य प्रदेश के लगभग सभी बडे शहरो भोपाल, जबलपुर और इन्दौर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। जबलपुर से ब्राडगेज के रेलमार्ग द्वारा यहाँ पहुँचा जा सकता है। यह महाराष्ट्र के नगर नागपुर से औ‍र छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। रायपुर नागपुर से बडी रेल लाईन से मुम्बई हावडा रेल मार्ग पर गोन्दिया शहर पर उतरकर बालाघाट सड़क या रेल मार्ग द्वारा एक घन्टे में पहुँचा जा सकता है।

यह मध्य प्रदेश के बडे शहरो जैसे राजधानी भोपाल, सन्स्कारधानी जबलपुर और उपमहानगरी इन्दौर से सीधे सडकमार्ग से जुडा है। जबलपुर से ब्राडगेज के लौहमार्ग (रेलमार्ग्) से आप जगप्रसिद्ध सतपुडा एक्सप्रेस पकडकर यहा पहुच सकते है। यह महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर् से औ‍र छतीसगढ की राजधानी रायपुर से भी सीधे सडक मार्ग से जुडा है। नागपुर से आप बडी रेललाईन से मुम्बई हावडा मार्ग पर दो घन्टे मे गोन्दिया शहर आ जाये जहा से बालाघाट सडक/रेल मार्ग से सिर्फ् एक घन्टे मे पहुच सकते है।

प्रसिद्ध स्थल[संपादित करें]

  • सिहार पाठ मंदिर (बैहर)
  • कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
  • हट्टा की बावड़ी या बाहोली
  • लांजी का प्राचीन किला
  • गंगुल्पारा बाँध एवं जल प्रपात
  • ढुटी बाँध
  • किरनाई मन्दिर{किरनापुर}
  • रामपायली में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां स्वयं श्री राम के चरण पड़े थे

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

यहाँ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालय और अन्य कई प्रशिक्षण और पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। शासकीय उत्कष्ट विद्यालय कटंगी के विद्यार्थीयो ने जिले का नाम रोशन किया है। यह एक मात्र विद्यायल जो २०,००० विद्यार्थियों की पसंद है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]