बालाघाट ज़िला

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बालाघाट भारतीय राज्य मध्य प्रदेश का एक जिला है।

जिले का मुख्यालय है।

क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

जनसंख्या - (2001 जनगणना)

साक्षरता - 79%

एस. टी. डी (STD) कोड - 07632

जिलाधिकारी - (सितम्बर 2006 में)

समुद्र तल से उचाई -

अक्षांश - उत्तर

देशांतर - पूर्व

औसत वर्षा - मि.मी.

जिलाधीश - डी.बी.सिँह

वैनगन्गा नदी शहर के करीब से बह्ती है, कान्हा नेशनल पार्क जिले में ही है। यह नक्सल प्रभावित जिला है। बैगा जनजाति यह की प्रमुख जनजाति है। बालाघाट दक्षिण मध्यप्रदेश का एक शान्त, सुन्दर छोटा सा शहर। सतपुडा पर्वतमाला के छोर पर मध्यप्रदेश्, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ की सीमा पर बसा यह शहर शुद्ध हिन्दी भाषी है। यह एक नगरपालिका व बालाघाट जिले का प्रशासकीय मुख्यालय है। माना जाता है की इसे पहले "बूरा" या "बुरहा" के नाम से जाना जाता था और बाद मे इसका नाम बालाघाट पडा परन्तु इस बात का कोई प्रामाणिक स्रोत नही है। #अतुल राहंगडाले...

अनुक्रम

 1भौगोलिक स्थिति

2कृषि और खनिज

3जनसन्ख्या

4यातायात

5प्रसिद्ध स्थल

6शिक्षण संस्थान

7कैसे जाये बालाघाट

8इन्हें भी देखें

भौगोलिक स्थिति

बालाघाट 21.8° N 80.18° E[1] अक्षान्श पर स्थित है। इसकी समुद्र तल से औसत ऊचाई 288 मी (944 फीट) है।

कृषि और खनिज

धान, मोटा अनाज और दलहन वैनगंगा नदी घाटी के उपजाऊ क्षेत्र में उगने वाली प्रमुख फ़सलें हैं। बालाघाट कृषि व्यापार और मैंगनीज खदान केन्द्र हैं। अन्य खदानों के अलावा भरवेली और उक्वा यहाँ की मुख्य खदानें हैं। भरवेली एशिया की सबसे बड़ी मैंगनीज खदान हैं।

जनसन्ख्या

वर्ष २००१ की जणगणना के अनुसार इस शहर की जनसन्ख्या ७५०६१ है जिसमे ५१% पुरुष और ४९ % महिलाये है। जिले का साक्षरता प्रातिशत ७९% है।

यातायात

प्रमुख सड़क पर स्थित है व रेल जंक्शन भी है। यह मध्य प्रदेश के लगभग सभी बडे शहरो भोपाल, जबलपुर और इन्दौर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। जबलपुर से ब्राडगेज के रेलमार्ग द्वारा यहाँ पहुँचा जा सकता है। यह महाराष्ट्र के नगर नागपुर से औ‍र छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा है। रायपुर नागपुर से बडी रेल लाईन से मुम्बई हावडा रेल मार्ग पर गोन्दिया शहर पर उतरकर बालाघाट सड़क या रेल मार्ग द्वारा एक घन्टे में पहुँचा जा सकता है।

प्रसिद्ध स्थल

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

हट्टा की बावड़ी या बाहोली

लांजी का प्राचीन किला

गंगुल्पारा बाँध एवं जल प्रपात

धुती बाँध

किरनाई मन्दिर{किरनापुर}

रामपायली में स्थित प्राचीन मंदिर, जहां स्वयं श्री राम के चरण पड़े थे

Bahakal ka prachin bhavy ma Durga mandir

Yah mandir aapne aap hi bana y Asa yaha ke purane log batate h

शिक्षण संस्थान

यहाँ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से संबद्ध दो महाविद्यालय और अन्य कई प्रशिक्षण और पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। शासकीय उत्कष्ट विद्यालय कटंगी के विद्यार्थीयो ने जिले का नाम रोशन किया है। यह एक मात्र विद्यायल जो २०,००० विद्यार्थियों की पसंद है।

कैसे जाये बालाघाट

यह मध्य प्रदेश के बडे शहरो जैसे राजधानी भोपाल, सन्स्कारधानी जबलपुर और उपमहानगरी इन्दौर से सीधे सडकमार्ग से जुडा है। जबलपुर से ब्राडगेज के लौहमार्ग (रेलमार्ग्) से आप जगप्रसिद्ध सतपुडा एक्सप्रेस पकडकर यहा पहुच सकते है। यह महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर् से औ‍र छतीसगढ की राजधानी रायपुर से भी सीधे सडक मार्ग से जुडा है। नागपुर से आप बडी रेललाईन से मुम्बई हावडा मार्ग पर दो घन्टे मे गोन्दिया शहर आ जाये जहा से बालाघाट सडक/रेल मार्ग से सिर्फ् एक घन्टे मे पहुच सकते है।

©✓ लेखक - अतुल रहांगडाले [[1]]

सन्दर्भ[संपादित करें]