झाबुआ ज़िला

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(झाबुआ जिला से अनुप्रेषित)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
झाबुआ ज़िला
झाबुआ जिला
Madhya Pradesh district location map Jhabua.svg

मध्य प्रदेश् में झाबुआ ज़िले की अवस्थिति
राज्य मध्य प्रदेश्, Flag of India.svg भारत
प्रशासनिक प्रभाग इंदौर
मुख्यालय झाबुआ
क्षेत्रफल 3,782 किमी2 (1,460 वर्ग मील)
जनसंख्या 1,024,091 (2011)
जनसंख्या घनत्व 285 /किमी2 (740 /वर्ग मील)
साक्षरता 44.45 per cent
लिंगानुपात 989
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र रतलाम
औसत वार्षिक वर्षण 800 मिमी
आधिकारिक जालस्थल

झाबुआ जिला, मध्य प्रदेश का एक जिला है। इसका मुख्यालय झाबुआ है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थित झबुआ जिला गुजरात के वडोदरा, राजस्थान के बांसवाड़ा और मध्य प्रदेश के धाररतलाम जिलों से घिरा है। 16वीं शताब्दी में स्थापित यह जिला बहादुर सागर झील के किनारे बसा हुआ है। 6782 वर्ग किमी. में फैला झबुआ मूलत: आदिवासी जिला है। यहां मुख्यत: भील और भीलालस आदिवासी जातियां रहती हैं। यह जिला आदिवासी हस्तशिल्प खासकर बांस से बनी वस्तुओं, गुडियों, आभूषणों और अन्य बहुत-सी वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है। नर्मदा यहां से बहने वाली प्रमुख नदी है। भाभरा, देवाझिरी, काठीवाड़ा, लक्ष्मणी ग्राम, मलवई और अमखुट यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। झबुआ इंदौर से लगभग 150 किमी. दूर है।

मुख्य आकर्षण[संपादित करें]

झाबुआ जिले की भील युवतियाँ

भाभरा[संपादित करें]

जोबत तहसील का यह गांव जोबत से 32 किमी. की दूर जोबत-दोहड मार्ग पर स्थित है। इस गांव को महान देशभक्त और स्वतंत्रता सैनानी चन्द्रशेखर आजाद की जन्मस्थली माना जाता है।

देवा‍झिरी[संपादित करें]

झबुआ से 8 किमी. दूर अहमदाबाद-इंदौर रोड पर सुनार नदी के किनार यह गांव स्थित है। गांव भगवान शिव के प्राचीन मंदिर और एक बरसाती झरना के लिए प्रसिद्ध है।

मालवई[संपादित करें]

अलीराजपुर से 5 किमी. दक्षिण में अलीराजपुर-वालपुर रोड पर मालवई स्थित है। यह स्थान विन्ध्याचल के निचली पहाड़ियों के सबसे रमणीय स्थलों में एक माना जाता है। 11वीं शताब्दी में बना महादेव मंदिर यहां का मुख्य आकर्षण है। यह मंदिर मालवा शैली में बना है। मंदिर में पत्थरों की शानदार मूर्तियां स्थापित हैं। यह मूर्तियां 12-13वीं शताब्दी की हैं। यहाँ पर प्रसिद्द चामुन्डा माता का मन्दिर है जो अठावा सै 15 उमराली सै 10 अलिराजपुर सै 5 कि॰मी॰ दूर है।

अलीराजपुर[संपादित करें]

समुद्र तल से 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अलीराजपुर झबुआ का प्रमुख नगर है। यह नगर अपने वास्तुशिल्प और लकड़ी पर की गई सुंदर कारीगरी के लिए विख्यात है। जोबत और लक्षमणजी तीर्थ के बीच का ट्रैकिंग रूट भी यहीं से होकर जाता है।

मोहनकोट[संपादित करें]

यह छोटा-सा गांव झबुआ जिले के पेत्लावद से दक्षिण दिशा में ११ किलोमीटर दूरी पर स्थित है। मोहनकोट के नजदीकी दर्शनीय स्थल हैं। जो कि नन्दर मता के मन्दिर के नाम से जाना जाता हे जो कि एक छोतिसि घाती पर खौले मैदन मे स्थित हे यहा पर चोरी नहीं होती है।

अमखुट[संपादित करें]

झाबुआ के अलीराजापुर से करीब 24 किमी. उत्तर पश्चिम में यह गांव स्थित है। अमखुट का विन्ध्याचल श्रृंखला के सबसे खूबसूरत स्थानों में शुमार किया जाता है। गांव के बीचों बीच स्थापित केनेडियन क्रिश्चन मिशन इस शांत गांव की सबसे बड़ी खासियत है। यहा पर नन्दर मांता का मनदिर हे जो कि हमेशा स्व्र्ना तथा रजत आभुशनो से सज्जित रहत हे तथा खुले स्थान मे होते हुए भी चौरी नहि होती है

काठीवाडा[संपादित करें]

झबुआ के अन्य स्थानों से काफी ऊंचाई पर बसे इस गांव में जिले की सबसे अधिक बारिश होती है। यह सुंदर और रमणीय गांव विन्ध्य श्रृंखला के तल पर स्थित है। काठीवाडा अलीराजपुर से 32 किमी. दूर उत्तर पश्चिम मेंहै।अब कट्ठीवाडा आलीराजपुर जिले में है ।

लखमनी ग्राम[संपादित करें]

अलीराजपुर से 8 किमी. दूर कुक्षी रोड पर स्थित यह गांव सूकर नदी के किनार बसा है। गांव अपने जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है जिनमें सफेद संगमरमर और काले संगमरमर की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित हैं। यहां कुछ हिन्दू मंदिरों का भी पता चला है जो 10-11वीं शताब्दी के माने जाते हैं।

जोबत[संपादित करें]

झबुला से 30 किमी. दूर स्थित जोबत जिले के दक्षिणी हिस्से में है। स्वतंत्रता से पूर्व यह एक रियासत थी। जोबत बांध यहां का प्रमुख आकर्षण है। इंदौर यहां का नजदीकी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]