वैनगंगा नदी

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वैनगंगा नदी
Old Bridge on Wainganga River in Bhandara City- 2014-06-18 13-50.jpeg
महाराष्ट्र के भंडारा में वैनगंगा नदी
स्थान
देश  भारत
राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र
नगर सिवनी, बालाघाट, भंडारा
भौतिक लक्षण
नदीशीर्षमहादेव पहाड़ियाँ
 • स्थानमुंडारा, सिवनी ज़िला, मध्य प्रदेश
 • निर्देशांक21°57′N 79°34′E / 21.950°N 79.567°E / 21.950; 79.567
 • ऊँचाई1,048 मी॰ (3,438 फीट)
नदीमुख प्राणहिता नदी, फिर गोदावरी नदी
 • स्थान
अदिलाबादगढ़चिरौली ज़िलों की सीमा, महाराष्ट्र
 • निर्देशांक
19°35′24″N 79°47′59″E / 19.59000°N 79.79972°E / 19.59000; 79.79972निर्देशांक: 19°35′24″N 79°47′59″E / 19.59000°N 79.79972°E / 19.59000; 79.79972
 • ऊँचाई
146 मी॰ (479 फीट)
लम्बाई 569 कि॰मी॰ (354 मील)
जलसम्भर आकार 43,658 कि॰मी2 (4.6993×1011 वर्ग फुट)
जलसम्भर लक्षण

वैनगंगा नदी भारत में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों में बहने वाली एक नदी है। यह गोदावरी नदी की एक उपनदी है।[1][2]

विवरण[संपादित करें]

मध्यप्रदेश के सिवनी जिला में वैनगंगा नदी का उदगम स्थल सिवनी से नागपुर रोड पर 10 कि.मी. की दूरी पर बसे ग्राम गोपालगंज से लगभग 6 कि.मी. पूर्वी दिशा में ग्राम मुंडारा है। मुंडारा गांव के पास स्थित रजोलाताल से वैनगंगा नदी एक कुंड से निकलती है। यह नदी सिवनी की अर्द्व परिक्रमा करती हुई पहले उत्तर में फिर पूर्व की ओर तत्पश्चात दक्षिणी-पूर्वी दिशा में बहती है। इसका प्रारम्भिक बहाव क्षेत्र चट्टानी हैँ, परन्तु फिर उपजाऊ मैदान तथा सकरी घाटीयोँ से होकर बहती है। यह नदी दिघोरी, बंडोल छपारा से होते हुये सीधे छपारा के भीमगढ संजय सरोवर बांध जो कि एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध हैँ, से जल भराव के बाद मझगवा, केवलारी से बालाघाट जिला होते हुये गोंदिया तथा चांदा जिले से बहती हुई वर्धा नदी में मिलती है। इन दोनों के संगम के बाद नदी का नाम 'प्राणहिता' हो जाता है। कन्हान नदी,बावनथड़ी नदी तथा पेँच नदी इसकी सहायक नदियाँ हैं। आगे जाकर यह नदी गोदावरी नदी मे मिल जाती है।

वैनगंगा नदी का उपयोग रुडयार्ड किपलिंग द्वारा द जंगल बुक और 'द सेकंड जंगल बुक' (1894- 1895) में किया गया था, जिसमें "मोगली कहानियाँ" हैं। पुस्तकों में, यह जंगल के सभी लोगों के लिए पानी का प्राथमिक स्रोत है, "पीस रॉक" का स्थान और वह जगह जहां शेर खान ने मोगली की हड्डियों को रखने की कसम खाई थी, जब उसने उसे मार दिया था। किपलिंग द्वारा लिखित "रेड डॉग" में यह अंतिम युद्ध का मैदान भी है। कान्हा नेशनल पार्क के जंगलों, जो वैनगंगा के चारों ओर उग आए थे, में किपलिंग की कहानियों में चित्रित बाघ, तेंदुआ और भालू आबादी हैं। कुछ लोगों का मानना ​​है कि मोगली सिवनी जिले के अमोदागढ़ में पाया गया था। 2012 तक, वैनगंगा बेसिन में लगभग 149 बांध बनाए गए थे। [5]  वैनगंगा नदी पर गोस खुर्द बांध महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा बनाया जा रहा है।  नदी के साथ प्रमुख विशेषताओं में से एक भीमगढ़ बांध (एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध) है, जो सिवनी जिले में स्थित है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]