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इसहाक (इस्लाम)

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इसहाक (इस्लाम) (अंग्रेज़ी: Isaac in Islam) क़ुरआन में वर्णित अरबी में नबी का नाम है। यह हज़रत इब्राहीम के दूसरे पुत्र थे।

इस्लाम धर्म की महत्वपूर्ण पुस्तक क़िसासुल अंबिया और ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार हज़रत इसहाक[1] के पिता को 100 वर्ष की आयु में ईश्वर की ओर से पुत्र की सुभ सूचना दी गयी। [2]

क़ुरआन में 25 नबियों का ज़िक्र हुआ है।

क़ुरआन में वर्णन

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उसकी स्त्री भी खड़ी थी। वह इसपर हँस पड़ी। फिर हमने उसको इसहाक़ और इसहाक़ के बाद याक़ूब की शुभ सूचना दी वह बोली, "हाय मेरा हतभाग्य! क्या मैं बच्चे को जन्म दूँगी, जबकि मैं वृद्धा और ये मेरे पति है बूढें? यह तो बड़ी ही अद्भुपत बात है!"  वे बोले, "क्या अल्लाह के आदेश पर तुम आश्चर्य करती हो? घरवालो! तुम लोगों पर तो अल्लाह की दयालुता और उसकी बरकतें है। वह निश्चय ही प्रशंसनीय, गौरववाला है।" (क़ुरआन 11:71-73)

सन्दर्भ

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  1. ""हज़रत इस्हाक"-क़ससुल अंबिया-पृष्ठ 100 से 101". https://archive.org/. {{cite web}}: External link in |website= (help)
  2. हज़रत इसहाक अलैहि सलाम https://ummat-e-nabi.com/hi/ishaq-alaihi-salam/%5Bमृत+कड़ियाँ%5D