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सुलैमान (इस्लाम)

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सुलैमान (इस्लाम) (अंग्रेज़ी:Solomon in Islam) क़ुरआन में वर्णित अरबी भाषा में प्राचीन अरब के एक नबी पैग़म्बर का नाम है। हज़रत दाऊद के पुत्र, इस्लाम मान्यता से सुलैमान को जानवरों और जिन्न से बात करने की क्षमता सहित कई ईश्वर प्रदत्त उपहार दिए गए थे। अरब इतिहासकारों ने सुलैमान को दुनिया भर के सबसे महान शासकों में से एक माना।

इस्लाम धर्म की महत्वपूर्ण पुस्तक क़िसासुल अंबिया और ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार अल-अक्सा मस्जिद और यरुशलम का निर्माण शुरू किया। ये इमारतें आज भी मौजूद हैं।[1]

अँगूठी की कथा,रानी सबा, हैकल सुलेमानी, चींटियों से बात और हुदहुद की कहानियां भी इनसे संबंधित हैं।

क़ुरआन में वर्णन

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  • हमने दाऊद और सुलैमान को बड़ा ज्ञान प्रदान किया था, (उन्होंने उसके महत्व को जाना) और उन दोनों ने कहा, "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें अपने बहुत-से ईमानवाले बन्दों के मुक़ाबले में श्रेष्ठता प्रदान की।"दाऊद का उत्तराधिकारी सुलैमान हुआ औऱ उसने कहा, "ऐ लोगों! हमें पक्षियों की बोली सिखाई गई है और हमें हर चीज़ दी गई है। निस्संदेह वह स्पष्ट बड़ाई है।"सुलैमान के लिए जिन्न और मनुष्य और पक्षियों मे से उसकी सेनाएँ एकत्र कर गई फिर उनकी दर्जाबन्दी की जा रही थी (क़ुरआन 27-15-17)
  • फिर जब हमने उसके लिए मौत का फ़ैसला लागू किया तो फिर उन जिन्नों को उसकी मौत का पता बस भूमि के उस कीड़े ने दिया जो उसकी लाठी को खा रहा था। फिर जब वह गिर पड़ा, तब जिन्नों पर प्रकट हुआ कि यदि वे परोक्ष के जाननेवाले होते तो इस अपमानजनक यातना में पड़े न रहते (क़ुरआन 34:14)

हज़रत सुलेमान

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इन्हें भी देखें

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इब्राहीमी धर्म

इस्लाम के पैग़म्बर

क़िसासुल अंबिया

सन्दर्भ

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  1. ""हज़रत सुलैमान"अलैहिस्सलाम क़ससुल अंबिया-पृष्ठ 239". https://archive.org/. {{cite web}}: External link in |website= (help)

बाहरी कड़ियाँ

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