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नूह (इस्लाम)

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नूह (इस्लाम) (अंग्रेज़ी:Noah in Islam) क़ुरआन में वर्णित अरबी भाषा में नबी पैग़म्बर का नाम है , हज़रत आदम के बाद यह पहले नबी हैं जिनको पैग़म्बर बनाया गया । इनके नाम पर नूह (सूरा) कुरआन का 71 वां सूरा (अध्याय) है।

इस्लाम धर्म की महत्वपूर्ण पुस्तक क़िसासुल अंबिया और ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार जलप्रलय, महान जलप्रलय, नूह की नाव नामक कथा इसी नबी से सम्बंधित है। कुरआन के अनुसार हज़रत नूह अलैहि सलाम की उम्र ९५० वर्ष थी [1] [2]

क़ुरआन में वर्णन

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  • “ऐ नूह! तूने हमसे झगड़ा किया और बहुत झगड़ा किया; अब उसको ख़त्म कर और जो तूने हमसे (अल्लाह के अजाब) का वायदा किया है, वह ले आ। ‘नुह ने कहा, ज़रूर, अगर अल्लाह चाहेगा तो उस अज़ाब को भी ले आएगा और तुम उसको थका देने वाले नहीं हो।“ [हूद ११:३३]
  • “और नूह पर वही की गई कि जो ईमान ले आए, वह ले आए, अब इनमें से कोई ईमान लाने वाला नहीं है. अब उनकी हरकतों पर ग़म न कर।“ [हूद ११:३६]
  • “ऐ परवरदीगार! तू काफ़िरों में से किसी को भी ज़मीन में बाक़ी न छोड़। अगर तू उनको यु ही छोड़ दिया तो ये तेरे बन्दों को भी गुमराह करेंगे और उनकी नस्ल भी उन्हीं की तरह नाफ़रमान पैदा होगी।“ [नूह ७१:२७]
  • “ऐ नूह! तू ईमान वालों के हिफाज़त में हमारी वही के मुताबिक़ नाव तैयार किए जा और अब मुझसे उनसे मुताल्लिक कुछ सवाल न हो। ये बेशक डूबने वाले हैँ।“ [ (क़ुरआन, हूद ११:३७]

नूह की किश्ती

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नूह और जलप्रलय

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इन्हें भी देखें

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इब्राहीमी धर्म

इस्लाम के पैग़म्बर

क़िसासुल अंबिया

सन्दर्भ

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  1. ""हज़रत नूह"अलैहि सलाम,क़ससुल अंबिया-पृष्ठ 34". https://archive.org/. {{cite web}}: External link in |website= (help)
  2. हज़रत नूह"अलैहि सलाम, https://ummat-e-nabi.com/nooh-alaihis-salam/

बाहरी कड़ियाँ

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