विजयनगर

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          विजयनगर साम्राज्य

इतिहास: अपने चरम पर विजयनगर उत्तर में कृष्ण नदी से लेकर भारतीय प्रायद्वीप के सुंदर तक फैला था। विजयनगर या विजय शहर एक शहर और सम्राज्य दोनों का नाम था विजयनगर के पतन के बाद भी कृष्ण तगभद्रा दोआब के लोगों की स्मृतियों मैं यह साम्राज्य हम्पी के नाम से जिंदा है यह नाम यहां की स्थानीय देवी पम्पादेवी के नाम पर निकला था

            अपने चरम पर पूरे देश और विदेशों से लोग विजयनगर आते थे इस तलाश में की नए अवसर प्राप्त हो सके। मौखिक परंपराओं के साथ साथ पुरातत्विक खोजो, स्थापत्य के नमूने, अभिलेखों तथा अन्य दस्तावेजों ने विजयनगर के साम्राज्य को जानने में महत्वपूर्ण मदद प्रदान की। 

विजयनगर की स्थापना:स्थानीय परंपराओं और ऐतिहासिक अभिलेखिय साक्ष्यों के आधार पर इस साम्राज्य की नींव दो भाई हरिहर और बुक्का ने 1336 ई. में की स्थानीय संघर्ष के चलते हुए इस सम्राज्य की सीमा बदलती रहती थी यहां अलग भाषा,धर्म,जाति के लोग रहते थे। भौगोलिक क्षेत्र: